4th स्टेज कैंसर का मतलब क्या होता है? इसमें मरीज के बचने की उम्मीद कितनी होती है?

What is 4th Stage Cancer: कैंसर का चौथी स्टेज में जाने का क्या मतलब होता है, यह कितना गंभीर होता है और मरीज के बचने की क्या उम्मीद होती है आदि के बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : February 27, 2026 5:46 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Samit Purohit

Cancer 4th Stage in Hindi: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र स‍िंह (Khanchandra Singh) का चौथी स्टेज के लिवर कैंसर के चलते निधन हो गया। उनके पिता का कैंसर चौथी स्टेज में यानी गंभीर चरण में था और इस कारण से ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में वे वेंटिलेटर पर थे और ट्रीटमेंट चलने के दौरान भी बच नहीं पाए। कैंसर की गंभीरता सिर्फ इस बात पर निर्धारित नहीं होती है कि वह शरीर के किस हिस्से में है। बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है, कि कैंसर किस स्टेज में है। ज्यादातर प्रकार के कैंसर को आमतौर पर 4 अलग-अलग स्टेज में निर्धारित किया जाता है, जिसमें चौथी स्टेज सबसे ज्यादा गंभीर होती है। दिल्ली में एक्शन कैंसर हॉस्पिटल के डायरेक्टर - मेडिकल ऑन्कोलॉजी, डॉ. समित पुरोहित ने कैंसर की चौथी स्टेज के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।

क्या है चौथी स्टेज का मतलब

शरीर के किसी हिस्से में विकसित हुआ कैंसर जब चौथी स्टेज में आ जाता है, तो इसका मतलब है कि अब वह कैंसर सिर्फ उसी हिस्से तक सीमित नहीं है जहां से शुरू हुआ था बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल चुका है। शरीर के किसी हिस्से में विकसित हुआ कैंसर जब चौथी स्टेज में आ जाता है, तो वह उस हिस्से से फेफड़े, लिवर, हड्डियां या दिमाग आदि तक फैल जाता है। कैंसर के फैलने की कंडीशन को मेटास्टेसिस (Metastasis) कहा जाता है। कैंसर की मेटास्टेसिस यानी चौथी स्टेज, सबसे गंभीर स्टेज मानी जाती है।

ठीक होने की कितनी संभावना

जब कैंसर चौथी स्टेज में होता है, यानी शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल चुका है, तो इलाज थोड़ा कठिन हो जाता है और पूरी तरह ठीक होने की संभावना कम हो जाती है। चौथी स्टेज में न सिर्फ कैंसर दूसरे अंगों में फैलने लगता है, बल्कि कैंसर कोशिकाओं की ग्रोथ भी तेज हो जाती है। इस स्टेज में मरीज की इम्यूनिटी भी काफी कम हो जाती है, जिससे थकान ज्यादा रहती है और शरीर में एनर्जी कम रहने लगती है। इस कारण से भी इलाज प्रभावी रूप से काम नहीं कर पाता है।

हालांकि, ऐसा भी नहीं है कि चौथी स्टेज का इलाज ही संभव नहीं है। आज के समय में कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और रेडिएशन जैसे इलाज उपलब्ध हैं, जिनसे बीमारी को काबू में रखने और मरीज की तकलीफ कम करने में मदद मिलती है। ज्यादातर मामलों में इलाज का मकसद मरीज की जिंदगी को बेहतर और आरामदायक बनाना होता है।

जितनी जल्दी पहचान उतना जल्दी इलाज

कैंसर के इलाज के लिए सबसे जरूरी माना जाता है कि कैंसर का पता जितना पहले चलता है उसका इलाज करने में उतनी ही आसानी रहती है। शुरुआती स्टेज में इलाज ज्यादा असरदार होता है। इसलिए शरीर में कोई भी असामान्य लक्षण दिखे तो उसे नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से सलाह लें। स्टेज-4 में भी हर मरीज के लिए अलग योजना बनाकर इलाज किया जाता है, जो निर्भर करता है कि मरीज की उम्र, स्थिति कैंसर की गंभीरता और कैंसर शरीर के अन्य किन हिस्सों में फैला है। सही योजना की मदद से यह सुनिश्चित किया जाता है कि मरीज को कम से कम जटिलताएं हों और वह अच्छा जीवन जी पाए।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।