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Malaria Explainer: मलेरिया कैसे फैलता है, इसके लक्षण क्या हैं और कब करानी चाहिए जांच?

मलेरिया एक आम बीमारी है, जो मानसून में ज्यादा देखने को मिलती है। बारिश के मौसम में इसके मामलों में तेजी देखने को मिलती है। आइए, जानते हैं इस बीमारी के बारे में सबकुछ

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Written By: Anju Rawat | Published : June 24, 2026 2:26 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Raman Kumar

Malaria: कई जगहों पर जून के पहले सप्ताह से मानसून शुरू हो गया है। मानसून गर्मी से राहत दिलाता है, लेकिन इस मौसम की खराब बात है कि यह अपने साथ बीमारियों का झुंड लेकर आता है। इस मौसम में इंफेक्शन, वायरस, बैक्टीरियल और मच्छर जनित रोगों के मामले तेजी से बढ़ते हैं। इसमें मलेरिया को सबसे आम बीमारियों में से एक माना जाता है। बारिश का मौसम शुरू होते ही, मलेरिया के केस आने शुरू हो जाते हैं।

आपको बता दें कि मलेरिया मादा एनोफिलीज (Anopheles) मच्छर के काटने से लोगों में फैलती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार,  मलेरिया पैदा करने वाले परजीवियों की 5 प्रजातियां इंसानों को संक्रमित कर सकती हैं, लेकिन इनमें Plasmodium falciparum और Plasmodium vivax  सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती हैं। WHO की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि साल 2024 में दुनिया की लगभग आधी आबादी ऐसे क्षेत्रों में रहती है जहां मलेरिया का खतरा मौजूद है। इस साल दुनिया भर में मलेरिया के लगभग 28.2 करोड़ मामले सामने थे, वहीं इस बीमारी से 6 लाख 10 हजार लोगों की मौत हुई थी।

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मलेरिया कैसे फैलता है?

CDC के अनुसार, मलेरिया मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। ज्यादातर लोगों को मलेरिया तब होता है, जब उन्हें कोई मलेरिया संक्रमित मच्छर काटता है। हालांकि, कुछ दुर्लभ मामलों में मलेरिया इन तरीकों से भी फैल सकता है। जैसे-

  • मलेरिया संक्रमित रक्त चढ़ाने से
  • मलेरिया संक्रमित वाले व्यक्ति की सुई या सिरिंज शेयर करने से
  • प्रेग्नेंसी के दौरान शिशु में मां से मलेरिया संक्रमण पहुंच सकता है।

आपको बता दें कि मलेरिया संक्रामक बीमारी नहीं है। यह फ्लू या कोरोना वायरस की तरह एक से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के पास बैठने या निकट संपर्क में आने से मलेरिया रोग नहीं फैलता है।

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मलेरिया के लक्षण क्या हैं?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, संक्रमित मच्छर के काटने के 10 से 15 दिन बाद मलेरिया के लक्षण दिखाई देना शुरू हो सकते हैं। बुखार, सिरदर्द और ठंड लगना मलेरिया के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

मलेरिया के कुछ मरीजों में गंभीर लक्षण भी महसूस हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं-

  •  मलेरिया होने पर बिना काम के भी ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।
  • बेहोशी या चक्कर आने जैसा महसूस होने पर डॉक्टर से मिलना चाहिए।
  • अगर बुखार के साथ सांस लेने में भी कठिनाई हो तो ये मलेरिया का संकेत हो सकते हैं।
  • मलेरिया होने पर  गहरे रंग का या खून मिला पेशाब आ सकता है।
  • आंखों और त्वचा पर पीलापन नजर आ सकता है।

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मलेरिया का पता लगाने के लिए कौन-से टेस्ट किए जाते हैं?

जब मलेरिया का कोई लक्षण महसूस होता है, तो डॉक्टर कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। चेयरमैन अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया डॉ. रमन कुमार से जानते हैं-

ब्लड स्मीयर टेस्ट

मलेरिया का पता लगाने के लिए सबसे पहले ब्लड स्मीयर टेस्ट करवाने की सलाह दी जा सकती है। इस टेस्ट में खून की एक बूंद की माइक्रोस्कोप से जांच की जाती है, इसमें मलेरिया के परजीवी और उसकी प्रजाति का पता लगाया जाता है।

पीसीआर टेस्ट

मलेरिया का पता लगाने के लिए PCR टेस्ट भी करवाया जा सकता है, यह एक एडवांस और सटीक टेस्ट है। इस टेस्ट की मदद से मलेरिया परजीवी का DNA पता चलता है।

सीबीसी

सीबीसी यानी कंप्लीट ब्लड काउंट एक नॉर्मल टस्ट है। लेकिन, जब इस टेस्ट में प्लेटलेट्स या हीमोग्लोबिन का स्तर कम आता है, तो डॉक्टर आगे की जांच करवाते हैं। हालांकि, सीबीसी टेस्ट से यह पता नहीं चल पाता है कि किसी को मलेरिया है या नहीं। इस टेस्ट की मदद से प्लेटलेट्स, हीमोग्लोबिन और संक्रमण से जुड़े बदलावों का संकेत मिल सकता है।

रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट

रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट 15 से 20 मिनट में आपको रिपोर्ट दे सकता है। इसमें खून की बूंद से एंटीजन की पहचान की जाती है।

मलेरिया का इलाज क्या है?

WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, मलेरिया से हर साल 6 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। हालांकि, इस बीमारी का इलाज संभव है। अगर समय पर जांच और इलाज किया जाए, तो मलेरिया रोग को ठीक किया जा सकता है।

मलेरिया के इलाज का मुख्य उद्देश्य खून से मलेरिया परजीवियों को पूरी तरह से खत्म करना है। इससे मलेरिया को गंभीर होने से बचाया जा सकता है। मलेरिया के इलाज के लिए डॉक्टर बुखार कम करने की दवा लिख सकते हैं। अगर आपको मलेरिया का कोई लक्षण महसूस हो तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।

क्या मलेरिया जानलेवा हो सकता है?

वैसे तो मलेरिया का इलाज संभव है और ज्यादातर लोग इस रोग से ठीक हो जाते हैं। लेकिन, कुछ मामलों में लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, दुर्लभ मामलों में मलेरिया गंभीर हो सकता है और मौत का कारण भी बन सकता है। बच्चों में मलेरिया से होने वाले मौतों का आंकड़ा ज्यादा देखने को मिलता है।

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मलेरिया का खतरा किसे ज्यादा होता है?

  • प्रेग्नटें महिलाओं में
  • कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में
  • एचआईवी या एड्स वाले रोगियों में
  • 5 साल से कम उम्र के बच्चों में

हालांकि, मलेरिया किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। संक्रमित मच्छर के काटने से स्वस्थ व्यक्ति भी मलेरिया की चपेट में आ सकता है।

भारत में मलेरिया के मामलों में आई कमी

Nature India में छपी रिपोर्ट के अनुसार, साल 2015 के बाद से भारत में मलेरिया के मामलों में तेजी से गिरावट आई है। वहीं, मलेरिया से होने वाली मौतों में लगभग 80 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। खुशी की बात यह है कि साल 2024 में भारत WHO के "High Burden to High Impact" समूह से भी बाहर निकल गया।

मलेरिया दवा को WHO की मंजूरी

हाल ही में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नवजात और छोटे शिशुओं के लिए विकसित आर्टीमेथर-ल्यूमेफैन्ट्रिन के विशेष फॉर्मुलेशन को मंजूरी दी है। इस दवा को खासतौर पर नवजात शिशुओं के लिए तैयार किया गया है। इसे मलेरिया का यह पहला इलाज माना जा रहा है, जिसे छोटे बच्चों के लिए बनाया गया है।

दरअसल, अब तक मलेरिया से पीड़ित नवजात शिशुओं का इलाज सामान्य दवाइयों से ही किया जाता था। इससे नवजात शिशुओं में विषाक्तता और दुष्प्रभावों का खतरा बढ़ जाता था। इसलिए छोटे बच्चों के लिए अलग दवा बनाई गई।

मलेरिया से बचाव के लिए क्या करें?

मलेरिया से बचाव के लिए आप कुछ उपाय आजमा सकते हैं। आइए, चेयरमैन अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया डॉ. रमन कुमार से जानते हैं-

  • मलेरिया रोग से बचने के लिए सबसे जरूरी है मच्छरदानी का उपयोग करना।
  • मच्छरों को पनपने से बचाने के लिए  घर और अपने आसपास के एरिया में सफाई रखें। कूलर और गमलों का पानी समय-समय पर बदलते रहें। टंकी की भी नियमित रूप से सफाई करते रहें। 
  • मलेरिया से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह से ढकना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप फुल स्लीव्स के कपड़े पहन सकते हैं।
  • आप चाहें तो मच्छर रोधी स्प्रे या क्रीम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  •  मच्छरों को घर के अंदर आने से रोकने के लिए खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगा सकते हैं।

Disclaimer:  मलेरिया एक मच्छर जनित बीमारी है। जब संक्रमित मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है, तो उसे मलेरिया हो सकता है। मलेरिया के शुरुआती लक्षणों की अनदेखी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। अगर तेज बुखार या कमजोर जैसा महसूस हो तो डॉक्टर से मिलें और मलेरिया की जांच कराएं। हालांकि, मलेरिया के कई अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। मलेरिया का समय पर जांच और इलाज बहुत जरूरी है, वरना यह बीमारी मरीज की जान तक ले सकता है।