BP की दवा बीच में छोड़ना कितना खतरनाक होता है?

High BP की दवा को बीच में छोड़ने की भूल बिल्कुल न करें। इससे आपकी जान तक जा सकती है। समय-समय पर बीपी की जांच भी करवाते रहें।

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Written By: Anju Rawat | Published : May 15, 2026 2:25 PM IST

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Medically Verified By: Dr Prateek Kumar

High BP Medicine:  विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनियाभर में लगभग 140 करोड़ लोग हाई बीपी की समस्या से जूझ रहे हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें रक्त वाहिकाओं में ज्यादा दबाव पड़ता है और इससे शरीर के सभी अंगों तक रक्त पहुंचाने के लिए हृदय को ज्यादा पंप या मेहनत करनी पड़ती है। हाई बीपी हृदय, मस्तिष्क और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ाता है। इसलिए जब किसी व्यक्ति का बीपी बढ़ा हुआ रहता है तो इस स्थिति में डॉक्टर दवा देते हैं और इन रोगियों को रोजाना दवा लेना जरूरी होता है। कई कई लोग जब बीपी कंट्रोल में आता है, तो दवा छोड़ने का मन बनाते हैं। जबकि, बीपी की दवा को बीच में छोड़ना सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। आइए, विश्व हाइपरटेंशन दिवस (हर साल 17 मई को मनाया जाता है) के मौके पर Maccure hospital के जनरल फिजिशियन डॉ. प्रतीक कुमार से जानते हैं कि बीपी की दवा को बीच में छोड़ने से क्या होता है?

बीपी की दवा को बीच में छोड़ने से क्या होता है?

  • डॉ. प्रतीक बताते हैं कि बीपी की दवा को बीच में छोड़ना बेहद खतरनाक हो सकता है। बीपी की दवा को बीच में छोड़ने से गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इतना ही नहीं, कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
  • बीपी की दवाइयां शरीर में बीपी को कंट्रोल में रखने का काम करती हैं। अगर बीपी की दवा को अचानक से लेना बंद कर दिया जाता है, तो इससे बीपी तेजी से बढ़ सकता है। इस स्थिति में बीपी पहले से भी कई ज्यादा बढ़ जाता है। इसका असर दिल, दिमाग और किडनी पर पड़ सकता है।
  • बीपी की दवा को बीच में छोड़ने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ जाता है। जब लंबे समय तक बीपी बढ़ा हुआ रहता है, तो इससे धमनियों को नुकसान पहुंचता है। इससे खून का प्रवाह प्रभावित होता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
  • बीपी की दवा छोड़ने से हृदय और किडनी रोगों का खतरा भी बढ़ता है। डायबिटीज का जोखिम भी ज्यादा हो जाता है।
डॉ. प्रतीक बताते हैं, "कई लोगों को लगता है कि अगर बीपी से जुड़ा कोई लक्षण नजर नहीं आ रहा है, तो अब दवा की जरूरत नहीं है। जबकि, हाई बीपी बिना लक्षणों के भी शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है। इसलिए अगर एक बार आपकी हाई बीपी की दवा शुरू हो गई है, तो इसे बिना डॉक्टर की सलाह के तुरंत बिल्कुल न छोड़ें। ऐसा करना आपके लिए बेहद खतरनाक और जानलेवा हो सकता है।"

हाई बीपी के लक्षण क्या हैं?

कई मामलों में हाई बीपी के लक्षण महसूस नहीं होते हैं। लेकिन, कुछ मामलों में हाई बीपी के संकेत नजर आ सकते हैं। जैसे-

  • चक्कर आना
  • सिरदर्द होना
  • बेचैनी महसूस होना
  • सीने में दर्द होना
  • सांस लेने में परेशानी होना

Disclaimer: हाई बीपी की दवा को अपनी मर्जी से बीच में छोड़ना गंभीर हो सकता है। इसलिए नियमित रूप से BP की जांच कराएं और अगर बीपी कंट्रोल में रहता है, तो भी डॉक्टर की सलाह पर ही दवा को छोड़ने या लगातार लेने का फैसला लें।

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