Fatty Liver Explainer: लिवर में चर्बी जमा होना कितना खतरनाक है? जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

फैटी लिवर आजकल एक आम समस्या बन गई है। यह सिर्फ शराब पीने वाले लोगों में ही नहीं, कई अन्य लोगों में भी देखने को मिल रहा है। फैटी लिवर को सही डाइट और लाइफस्टाइल से ठीक करने में मदद मिल सकती है।

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Written By: Anju Rawat | Published : July 14, 2026 7:31 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Amit Miglani

Fatty Liver: क्या आपको हर वक्त थकान और कमजोरी रहती है? आपका लगातार बिना वजह वजन कम हो रहा है? अगर ये संकेत दिख रहे हैं, तो इनकी अनदेखी करना सही नहीं है। ये फैटी लिवर रोग के लक्षण हो सकते हैं। आजकल फैटी लिवर की बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले इस बीमारी को शराब पीने वाले लोगों से जोड़ा जाता था। लेकिन, अब खराब खान-पान, मोटापे और डायबिटीज की वजह से फैटी लिवर के मामले सामने आ रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस समय फैटी लिवर एक सबसे बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं दिखाई देते हैं और इससे फैटी लिवर का निदान करने में काफी देरी हो जाती है। फिर जब फैटी लिवर का पता चलता है, तो तब तक लिवर को काफी नुकसान पहुंच चुका होता है। आइए, एशियन हॉस्पिटल के डायरेक्ट एंड एचओडी-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉ. अमित मिगलानी (Dr Amit Miglani, Director & HOD- Gastroenterology, Asian Hospital ) से जानते हैं फैटी लिवर के बारे में-

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फैटी लिवर क्या होता है?

डॉ. अमित मिगलानी बताते हैं कि लिवर हमारे शरीर के सबसे अहम अंगों में से एक है। यह शरीर में कई जरूरी कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है, जैसे- भोजन को पचाने, ऊर्जा को एकत्रित करने, शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और जरूरी प्रोटीन बनाने के लिए। लेकिन, जब लिवर की कोशिकाओं में सामान्य से ज्यादा फैट जमा होने लगता है, तो इस स्थिति को फैटी लिवर कहा जाता है। जब लिवर की कोशिकाओं में 5 फीसदी या उससे ज्यादा फैट जमा हो जाता है, तो इसे ही फैटी लिवर रोग कहा जाता है। आपको बता दें कि आमतौर पर फैटी लिवर रोग 2 प्रकार के होते हैं-

  1. अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (AFLD): लंबे समय तक ज्यादा शराब पीने वाले लोगों में फैटी लिवर रोग विकसित हो सकता है।
  2. नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD): यह उन लोगों में होता है जो शराब नहीं पीते है या कम मात्रा में पाते हैं, लेकिन मोटापा, डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से फैटी लिवर रोग हो जाता है।

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क्या फैटी लिवर जानलेवा हो सकता है?

विशेषज्ञ बताते हैं कि शुरुआती चरण का फैटी लिवर आमतौर पर गंभीर नहीं होता और सही समय पर उपचार तथा जीवनशैली में बदलाव से इसे ठीक किया जा सकता है। लेकिन यदि इसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है।

फैटी लिवर बढ़ने पर लिवर में सूजन (स्टीटोहेपेटाइटिस), फाइब्रोसिस, सिरोसिस और कुछ मामलों में लिवर कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा, ऐसे लोगों में हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी संबंधी बीमारियों का जोखिम भी अधिक पाया गया है।

फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?

डॉ. अमित मिगलानी बताते हैं कि शुरुआती स्टेज में फैटी लिवर के लक्षण महसूस हो, यह जरूरी नहीं है। ज्यादातर मामलों में फैटी लिवर के लक्षण तब महसूस होते हैं, जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। इसलिए इन संकतों की अनदेखी बिल्कुल न करें-

  • अगर आपको लगातार थकान या कमजोरी महसूस हो रही है, तो लिवर की जांच जरूर कराएं।
  • पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द या भारीपन महसूस हो तो इस संकेत की अनदेखी बिल्कुल न करें।
  • अगर आपकी अचानक से भूख कम हो गई है और वजन बिना किसी प्रयास के वजन कम हो रहा है तो संकेतों पर ध्यान देने की जरूर है।
  • पेट या पैरों में सूजन दिखाई दे रही है, तो ये फैटी लिवर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
  • फैटी लिवर की वजह से त्वचा और आंखों पर पीलापन नजर आ सकता है। हालांकि, यह गंभीर अवस्था में पहुंचने पर होता है।

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फैटी लिवर की जांच कैसे की जाती है?

डॉ. अमित मिगलानी बताते हैं कि फैटी लिवर के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं-

  • लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)
  • ब्लड शुगर जांच
  • लिपिड प्रोफाइल
  • अल्ट्रासाउंड
  • फाइब्रोस्कैन
  • जरूरत पड़ने पर एमआरआई या स्कैन भी कराया जा सकता है।
  • गंभीर मामलों में लिवर बायोप्सी कराई जाती है।

क्या फैटी लिवर के इलाज के लिए दवा उपलब्ध है?

डॉ. अमित मिगलानी बताते हैं कि आमतौर पर फैटी लिवर के रोगियों के लिए कोई विशेष दवा उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर मरीज की स्थिति और मेडिकल कंडीशन के अनुसार ही इलाज करते हैं। इसलिए अगर फैटी लिवर की शिकायत होती है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा या सप्लीमेंट न लें।

क्या फैटी लिवर ठीक हो सकता है?

डॉ अमित मिगलानी बताते हैं कि अगर फैटी लिवर को शुरुआती स्टेज में पकड़ लिया जाए तो इसे रिवर्स किया जा सकता है। इसके लिए दवाइयों के साथ ही, एक स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना भी जरूरी है। जैसे-

वजन को कम करने की कोशिश करें

फैटी लिवर को ठीक करने के लिए वजन कम करना बहुत जरूरी होता है। फैटी लिवर रोग से पीड़ित ज्यादा लोगों का वजन ज्यादा होता है, अगर वजन कम किया जाए तो इसे लिवर में जमा फैट और सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है।

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बैलेंस्ड डाइट लें

फैटी लिवर को ठीक करने के लिए बैलेंस्ड और हेल्दी डाइट लेना भी जरूरी होता है। अपनी डाइट में हरी सब्जियां और मौसमी फल जरूर शामिल करें। रोज की डाइट में दाल, बीन्स और प्रोटीन का सेवन करें। फैटी लिवर के रोगियों को पैकेज्ड फूड्स और जूस नहीं पीना चाहिए। तली-भुनी और ज्यादा मसालेदार चीजों के सेवन से भी परहेज करना चाहिए।

फिजिकली एक्टिव रहें

फैटी लिवर के रोगियों को शारीरिक रूप से भी सक्रिय जरूर रहना चाहिए। फैटी लिवर रोगियों के लिए साइकिल चलाना, स्विमिंग या वॉक करना फायदेमंद हो सकता है। सप्ताह में 2 से 3 दिन एक्सरसाइज या योगाभ्यास भी किया जा सकता है।

शराब का सेवन पूरी तरह बंद करें

शराब को फैटी लिवर का एक मुख्य कारण माना जाता है, हालांकि इसके अलावा भी कई अन्य कारणों से फैटी लिवर हो सकता है। फैटी लिवर होने पर आपको शराब का सेवन पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए।

शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रखें

अगर आपको फैटी लिवर की दिक्कत है, तो इस रोग से राहत पाने के लिए शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है। इससे लिवर को ज्यादा नुकसान होने से बचाया जा सकता है।

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किन लोगों में रहता है फैटी लिवर का ज्यादा खतरा?

डॉ. अमित मिगलानी बताते हैं कि वैसे तो फैटी लिवर रोग किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। लेकिन, कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। इनमें शामिल हैं-

  • मोटापे से पीड़ित लोगों में फैटी लिवर का खतरा ज्यादा रहता है।
  • हाई बीपी और शुगर वाले लोगों में फैटी लिवर का जोखिम ज्यादा हो सकता है।
  • हाई कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स वाले मरीजों में फैटी लिवर रोग विकसित हो सकता है।
  • जो लोग फिजिकली एक्टिव नहीं रहते हैं और लंबे समय तक बैठे रहते हैं, उनमें फैटी लिवर का खतरा बढ़ सकता है।
  • जंक फूड, पैकेज्ड फूड और मीठे पेय पदार्थ का अधिक सेवन करने से फैटी लिवर रोग हो सकता है।
  • अत्यधिक शराब पीने वाले लोगों में फैटी लिवर रोग हो सकता है।

Disclaimer: फैटी लिवर आजकल काफी लोगों में देखने को मिल रहा है, लेकिन इस बीमारी को हल्के में लेने की भूल नहीं करनी चाहिए। शुरुआत में फैटी लिवर के कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है, यह बीमारी शरीर में धीरे-धीरे बिना लक्षण के बढ़ती रहती है। लेकिन, अगर लंबे समय से थकान, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द, मोटापा, डायबिटीज या हर वक्त कमजोर महसूस हो तो एक बार डॉक्टर से जरूर मिलें। आपको बता दें कि फैटी लिवर का इलाज गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या हेपेटोलॉजिस्ट करते हैं, इसलिए इनकी सलाह पर टेस्ट और इलाज जरूर कराएं। शुरुआती स्टेज में इलाज कराने से लिवर को गंभीर नुकसान होने से बचाया जा सकता है।