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मानसून में फास्ट फूड्स खाना कितना खतरनाक हो सकता है? जानें कौन सी बीमारियों का बन सकता है कारण

मानसून में दूषित खाना खाने और पानी पीने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं और संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इस मौसम में अपनी सेहत का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी है।

Written By Anju Rawat
Published : July 11, 2026 11:09 AM IST

fast foods

मानसून आते ही हर किसी को पकौड़े, मोमो, बर्गर, पिज्जा, समोसा या अन्य फास्ट फूड्स खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है। लेकिन, इसी मौसम में नमी और उमस बढ़ने की वजह से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस भी तेजी से पनपते हैं। ऐसे में अगर सड़क किनारे या अस्वच्छ जगह पर बने फास्ट फूड्स का सेवन किया जाए, तो यह दूषित खाना व्यक्ति को बीमार बना सकता है। इससे फूड पॉइजनिंग समेत कई गंभीर बीमारियों और संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दूषित भोजन खाने से 200 से ज्यादा तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इन बीमारियों का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर देखने को मिल सकता है।

मानसून में फास्ट फूड्स खाने से बढ़ता है इन बीमारियों का खतरा

बारिश के मौसम में ज्यादातर लोगों को फास्ट फूड खाना पसंद होता है। WHO के अनुसार,  दूषित या असुरक्षित भोजन खाने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं और संक्रमणों का जोखिम बढ़ सकता है। जैसे-

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1. फूड पॉइजनिंग

मानसून में फास्ट फूड्स खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है। इससे मतली, उल्टी, दस्त और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इतना ही नहीं, कुछ गंभीर मामलों में फूड पॉइजनिंग की वजह से शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है।

2. गैस्ट्रोएंटेराइटिस

मानसून में फास्ट फूड्स की वजह से गैस्ट्रोएंटेराइटिस की दिक्कत हो सकती है। यह पेट और आंतों का एक संक्रमण है, जिसकी वजह से दस्त, उल्टी और पेट दर्द जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। कुछ लोगों को थकान और कमजोरी भी हो सकती है।

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3. टाइफाइड

मानसून में दूषित भोजन, फास्ट फूड्स खाने और पानी पीने से टाइफाइड का खतरा काफी बढ़ सकता है। लंबे समय तक तेज बुखार, सिरदर्द, पेट से जुड़ी समस्याएं और कमजोरी आदि टाइफाइड के लक्षण हो सकते हैं।

4. हैजा

अगर भोजन या पानी दूषित हो तो हैजा रोग भी तेजी से फैल सकता है। इसकी वजह से बीमार व्यक्ति को दस्त लग सकते हैं और शरीर में पानी की कमी हो सकती है। अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

5. हेपेटाइटिस ए और ई

मानसून में दूषित भोजन खाने और पानी पीने से हेपेटाइटिस ए और ई का खतरा भी बढ़ जाता है। पीलिया यानी त्वचा-आंखों पर पीलापन, बुखार, थकान, भूख कम लगना और लिवर में सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इन लोगों को बरतनी चाहिए ज्यादा सावधानी

  • छोटे बच्चों को भूलकर भी दूषित खाना या फास्ट फूड्स न खिलाएं।
  • गर्भवती महिलाओं को भी मानसून में फास्ट फूड्स से परहेज करना चाहिए।
  • बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को फास्ट फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए।

मानसून में सेफ रहने के लिए टिप्स

अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ. रमन कुमार बताते हैं कि मानसून में कई तरह के बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के तेजी से पनपने लगते हैं, इनकी वजह से बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए आपको मानसून में सुरक्षित रहने के लिए कुछ टिप्स जरूर फॉलो करने चाहिए। जैसे-

  • मानसून में सड़क किनारे या खुले में बिकने वाले फास्ट फूड्स खाने से परहेज करें।
  • इस मौसम में कोशिश करें कि सिर्फ घर का बना हुआ ही खाना खाएं।
  • हमेशा ताजा और अच्छी तरह से पका हुआ खाना खाएं।
  • खाना खाने से पहले हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
  • इस मौसम में लंबे समय से कटे हुए फल, बासी खाना या खुले में रखा हुआ खाना बिल्कुल न खाएं।

Disclaimer:  मानसून में स्वस्थ रहने के लिए आपको घर का बना हुआ भोजन ही खाना चाहिए। इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस के बढ़ने की वजह से जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। वहीं, अगर दूषित खाना या फास्ट फूड्स खाया जाए तो बीमारी तेजी से बढ़ सकती है। इसलिए बारिश के मौसम में ताजा और अच्छी तरह से पका हुआ भोजन खाना चाहिए। बासी खाना खाने से बचें और अगर उल्टी, मतली, कमजोरी और बुखार जैसे लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।