World Hypertension Day 2021: बीपी के मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना खतरनाक है, पढ़ें एक्‍सपर्ट की सलाह

कोरोना वायरस हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए एक गंभीर समस्‍या है। इसलिए उन्‍हें कोरोना वायरस से बचना चाहिए। विश्‍व हाइपरटेंशन दिवस (World Hypertension Day 2021) के मौके पर आज हम आपको एक्‍सपर्ट के माध्‍यम से ये बताने की कोशिश कर रहे हैं क‍ि बीपी (हाइपरटेंशन) के मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना खतरनाक हैं।

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Written By: Atul Modi | Published : May 17, 2021 10:22 AM IST

अब तक के आंकड़ों में ऐसा देखा गया है कि कोरोना वायरस (Corona virus) उन लोगों को अधिक क्षति पहुंचा रहा है जो पहले से किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, जैसे- डायबिटीज, उच्च रक्तचाप (Hypertension) और हृदय रोग। दरअसल कोरोना वायरस के उपचार के दौरान मरीजों को स्टेरॉइड दिया जाता है; जिसके साइड इफेक्ट भी देखे जा रहे हैं। ऐसे में उच्च रक्तचाप वाले रोगियों की बात की जाए तो विशेषज्ञ भी हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए कोविड-19 को खतरे का एक कारक मानते हैं। उच्च रक्तचाप और कोरोना वायरस के  विषयों  को समझने के लिए हमने मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर तिलक सुवर्णा से बात की जिस पर उन्होंने कोरोना वायरस के ट्रीटमेंट से लेकर कोरोना की वैक्सीन के मुद्दों तक के बारे में अपनी राय रखी है, जिसे हाइपरटेंशन के मरीजों को जरूर समझनी चाहिए।

1. क्या हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) का होना कोविड-19 संक्रमण होने के लिए एक बड़ा खतरे का कारक माना जाता है? यदि हां, तो क्यों?

कोविड-19 संक्रमण के लिए एक खतरे के कारक के तौर पर हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) का संबंध बहुत निश्चित नहीं है। क्योंकि कोविड अनुपातहीन तरीके से बुजुर्गों को प्रभावित करता है और बढती उम्र के साथ हाइपरटेंशन का प्रचलन भी ज़्यादा होता है, इसलिए संभव है कि गलत तरीके से यह मान लिया गया हो कि हाइपरटेंशन कोविड-19 संक्रमण के लिए खतरे का एक कारक है।

2. क्या कोविड-19 के कारण ब्लड प्रेशर में तेज़ी से बढ़ोतरी होती है?

हां, दो कारणों के लिए।

i) कोविड संक्रमण होने से चिंता और तनाव बहुत ज़्यादा बढ जाता है, जिसके परिणामस्वरुप बीपी बढ़ जाता है।

ii) कोविड संक्रमित कुछ मरीज़ों को उनके उपचार के एक भाग के तौर पर स्टेरॉइड्स दिए जाते हैं और यह सभी को पता है कि स्टेरॉइड्स के कारण बीपी बढ़ जाता है।

3. क्या संक्रमित होने के बाद हाइपरटेंशन के मरीज़ों को खतरा ज़्यादा होता है? क्यों और कैसे?

हां, यह देखा गया है कि हाइपरटेंशन के मरीज़ों में कोविड संक्रमण के बाद स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जटिलताएंं होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कार्डियोवास्कुलर (ह्रदय तथा रक्तवाहिकाओं संबंधी) और किडनी रोगों के विकसित होने के लिए हाइपरटेंशन का बड़ा योगदान होता है और यह स्थापित किया जा चुका है कि कोविड संक्रमण के बाद गंभीर बीमारी के बढे हुए खतरे का संबंध ह्रदय और किडनी को हुई क्षति से है।

4. क्या उच्च रक्तचाप का होना कोविड वैक्सीन के लिए पात्र बनाता है? उच्च रक्तचाप के मरीजों को कोविड वैक्सीन लगवाने से पहले और बाद में कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए?

बिना किसी संबंधित डायबिटीज या ह्रदय की बीमारी के केवल उच्च रक्तचाप होने से कोई व्यक्ति कोविड वैक्सीन के लिए पात्र नहीं हो जाता। विशेष तौर पर ऐसी कोई सावधानियां नहीं हैं जो कोविड वैक्सीन लगवाने से पहले या बाद में हाइपरटेंशन के मरीज़ों को लेनी पड़ती हो। केवल यह सुनिश्चित करें की आपने बीपी की दवाइयां लेना जारी रखा है। इसके साथ ही, यदि आप एस्पिरिन ले रहे हैं तो इसे बंद करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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