
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Chandni Tugnait
loneliness
स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के दौर में लोगों के बीच जुड़ाव पहले से आसान हो गया है। लेकिन, इसके बावजूद भी दुनिया भर में करोड़ों लोग खुद को अकेला महसूस कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अकेलापन सिर्फ भावनात्मक समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गई है। रिपोर्ट में अकेलेपन को धूम्रपान करने और मोटापे जितना खतरनाक बताया गया है। यानी यह कई गंभीर बीमारियां का कारण बन सकता है और यहां तक कि कुछ लोगों की जान तक चली जाती है।
WHO की रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया में हर 6 में से 1 व्यक्ति अकेलेपन का सामना कर रहा है। इतना ही नहीं, अकेलेपन और सामाजिक अलगाव की वजह से हर साल करीब 8.71 लाख लोगों की मौत हो जाती है। यानी औसतन हर घंटे लगभग 100 मौतें अकेलेपन से जुड़ी हुई मानी जाती हैं। ऐसे में WHO का कहना है कि अकेलापन सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य को नहीं, शारीरिक सेहत को भी प्रभावित करता है।
जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक अकेलापन महसूस करता है, तो उसे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से गुजरना पड़ सकता है। जैसे-
WHO की रिपोर्ट में बताया गया है कि अकेलापन किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। लेकिन, कुछ लोगों में इसके मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। जैसे-
गेटवे ऑफ हीलिंग की फाउंडर और मनोचिकित्सक डॉ. चांदनी तुगनैत बताती हैं कि अगर आप अकेलापन महसूस करते हैं, तो इससे बचने के लिए अपनी छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर सकते हैं। जैसे-
Disclaimer: अकेलेपन को कभी भी सामान्य समझने की भूल न करें। यह मेंटल और फिजिकल, दोनों हेल्थ को प्रभावित कर सकता है। अगर आपको अकेलापन महसूस हो तो अपने दोस्तों और परिवार से बात करें। जरूर पड़ने पर आप मनोचिकित्सक की राय ले सकते हैं।