
Also Read
Medically Verified By: Dr Bipeenchandra Y Bhamre
Dil Ki Health Kharab Hone Ka Karan: तनाव आज की जिंदगी का आम हिस्सा बन गया है। लेकिन अगर तनाव लंबे समय तक बना रहे, तो यह दिल के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। जैसे हाई कोलेस्ट्रॉल दिल को नुकसान पहुंचाता है, वैसे ही लगातार तनाव भी चुपचाप दिल को कमजोर करता है। इसलिए दिल का स्वास्थ्य अच्छा रखने के लिए तनाव कम करना जरूरी हैं। आज देश में हर उम्र के लोगों में दिल की बीमारियां बढ़ रही हैं। पहले तो दिल की बीमारी का सबसे बड़ा कारण हाई कोलेस्ट्रॉल को माना जाता था, लेकिन अब तनाव भी एक बड़ा खतरा बन गया है।
कैसे? यह जानने के लिए हमने सर एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल के कंसल्टेंट कार्डियक सर्जन डॉक्टर बिपीनचंद्र भामरे से बात की। उन्होंने बताया कि 'काम का दबाव, पैसों की चिंता, पारिवारिक समस्याएं और मोबाइल-स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल तनाव को बढ़ाता है। इससे शरीर में कॉर्टिसोल नाम का हार्मोन बढ़ जाता है। यह हार्मोन थोड़े समय के लिए ठीक होता है, लेकिन जब लंबे समय तक बढ़ा रहे, तो दिल को नुकसान पहुंचाता है।' आइए हम थोड़ा विस्तार से जानते हैं कि स्ट्रेस से दिल पर कैसे असर पड़ता है।
तनाव के समय शरीर कॉर्टिसोल हार्मोन बनाता है। किसी का थोड़े समय के लिए स्ट्रेस लेना सामान्य है, लेकिन जब तनाव रोज बना रहता है, तो कई स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का कारणबनता है। इससे ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर बढ़ जाते है और पेट के आसपास चर्बी जमा होनी शुरू हो जाती है।
धीरे-धीरे दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय का तनाव शरीर में सूजन भी बढ़ाता है, जिससे नसों में गंदगी यानी कि प्लाक जमने लगती है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
ज्यादा तनाव से नींद खराब होती है, व्यायाम कम होता है और गलत खानपान की आदतें लग जाती हैं। कई लोग तनाव में धूम्रपान, ज्यादा चाय-कॉफी और जंक फूड लेने लगते हैं, जो दिल के लिए और नुकसानदायक होते हैं। कई बार लोगों का कोलेस्ट्रॉल तो ठीक होता है, लेकिन फिर भी दिल की बीमारी हो जाती है। इसकी बड़ी वजह तनाव को कंट्रोल न करना होता है। इसलिए खुद पर ध्यान दें और स्ट्रेस कम करने के लिए ऐसी चीजें करें जिनसे खुशी मिलती हो।
आज के समय में लंबे समय का तनाव दिल की बीमारी की बड़ी वजह बन चुका है। कॉर्टिसोल बढ़ने का असर टेस्ट में तुरंत नहीं दिखता, लेकिन यह दिल को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। इसलिए समय रहते तनाव को कम करें और अपने दिल का ख्याल रखें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
जी हां, मोटापा हार्ट डिजिज का एक रिस्क फैक्टर होता है।
हार्ट पेशेंट को हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना चाहिए। हेल्दी डाइट लें और रेगुलर एक्सरसाइज जरूर करें। हार्ट की रेगुलर चेकअप जरूर कराएं।
हार्ट को हमेशा हेल्दी रखने के लिए नमक का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। आपको धूम्रपान और शराब से भी पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
हां बच्चों में भी हार्ट अटैक आना संभव है, हालांकि, इसके मामले वयस्कों की तुलना में दुर्लभ होते हैं।