
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
FIFA 2026 lionel messi
फीफा वर्ल्ड कप 2026 दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट है और ऐसा खेल है, जिसका लाखो-करोड़ों लोगों में क्रेज है। 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस खेल से लाखों फैंस की फीलिंग्स भी जुड़ी हैं। लेकिन दूर से रोचक और मजेदार दिखने वाले फुटबॉल जैसे हाई-प्रेशर खेल में खिलाड़ियों के लिए फोकस बनाए रखना सबसे बड़ा चैलेज होता है। खासकर पेनल्टी किक जैसे मौकों पर, जब मेंटल प्रेशर परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है।
बता दें कि जब फुटबॉल में कोई खिलाड़ी अपने पेनल्टी बॉक्स के अंदर फाउल करता है या जानबूझकर गेंद को हाथ से रोकता है। ऐसे में विरोधी टीम को गोल करने के लिए यह किक दी जाती है। इसे पेनल्टी किक कहा जाता है। हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में यह जांचने की कोशिश की गई कि क्या माइंडफुलनेस ट्रेनिंग फुटबॉल खिलाड़ियों का ध्यान और प्रदर्शन बेहतर बनाने में मदद कर सकती है? आइए हम इस स्टडी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट की Pubmed द्वारा प्रकाशित स्टडी में यूनिवर्सिटी लेवल के फुटबॉल प्लेयर्स पर किया गया। इस स्टडी में खिलाड़ियों को दो ग्रुपों में बांटा गया। पहला ग्रुप के प्लेयर्स को नॉर्मल सिचुएशन में परखा गया, जबकि दूसरे ग्रुप को प्रेशर वाली परिस्थितियों में रखा गया। दोनों प्रयोगों में 40-40 प्रतिभागी शामिल थे।
इसमें एक समूह को 15 मिनट की माइंडफुलनेस ट्रेनिंग दी गई, जबकि दूसरे समूह को 15 मिनट तक शांत बैठने के लिए कहा गया। इसके बाद खिलाड़ियों से पेनल्टी किक टास्क कराया गया और उनकी आंखों की गतिविधियों को आई-ट्रैकिंग तकनीक की मदद से रिकॉर्ड किया गया।
स्टडी में पाया गया कि माइंडफुलनेस ट्रेनिंग लेने वाले खिलाड़ियों में वीजुअल अटेंशन से जुड़े बहुत ही जरूरी बदलाव देखने को मिले। उनके फिक्सेशन काउंट, जिसे आसान भाषा में किसी लक्ष्य पर नजर टिकाने की संख्या कहते हैं, और फिक्सेशन ड्यूरेशन (नजर टिकाए रखने का समय) दोनों में वृद्धि हुई। कुल मिलाकर यह बताता है कि माइंडफुलनेस खिलाड़ियों को खेल से जुड़े महत्वपूर्ण विजुअल संकेतों पर अधिक समय तक ध्यान केंद्रित रखने में मदद कर सकती है।
वहीं वह लोग जिन्हें प्रेशर वाली स्थिति में रखा गया था, उनमें दबाव वाली परिस्थितियों में माइंडफुलनेस का प्रभाव और अधिक क्लियर दिखाई दिया। खिलाड़ियों के फिक्सेशन ड्यूरेशन में नॉर्मल सिचुएशन वाले प्लेयर्स की तुलना में ज्यादा सुधार देखा गया। इससे पता चलता है कि जब खिलाड़ी तनाव या दबाव महसूस करता है, तब माइंडफुलनेस उनकी ध्यान स्थिरता बनाए रखने में मददगार हो सकती है।
स्टडी में पाया गया कि माइंडफुलनेस ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ा सकती है, लेकिन गेम का प्रदर्शन कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है। स्टडी के अनुसार सिर्फ 15 मिनट की माइंडफुलनेस ट्रेनिंग भी विश्वविद्यालय स्तर के फुटबॉल खिलाड़ियों में विजुअल अटेंशन को बेहतर बना सकती है।
खासकर दबाव की स्थिति में यह खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर ध्यान बनाए रखने में मदद कर सकती है। हालांकि, इससे पेनल्टी किक प्रदर्शन में सीधे तौर पर सुधार नहीं देखा गया। FIFA 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंटों के संदर्भ में यह अध्ययन बताता है कि मानसिक तैयारी और फोकस बनाए रखने की रणनीतियां खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
डिस्क्लेमर: इस अध्ययन का मतलब है कि अगर कोई खिलाड़ी माइंडफुलने ट्रेनिंग करता है, तो उसे अपने खेल के दौरान स्ट्रेस कम होता है, फोकस करने में मदद मिलती है, मैंटली स्टेबल होने में मदद मिलती है और खेल के दौरान विजुअल्स पर बेहतर तरीके से फोकस करने में सहायता मिलती है।