पीरियड्स के दौरान पुरुष कैसे करें महिलाओं की मदद? Video में डॉक्टर ने बताए तरीके
हेल्थ एक्सपर्ट इस बात को मानते हैं कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पुरुषों का साथ मिले तो ये कठिन दिन उनके लिए आसान बन सकते हैं। आइए जानते हैं पीरियड्स में पुरुष कैसे कर सकते हैं महिलाओं की मदद।
पीरियड्स हर महिला की जिंदगी का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन ये चार-पांच दिन हर किसी के लिए एक जैसे नहीं होते। कुछ महिलाओं को ज्यादा परेशानी नहीं होती, जबकि कई महिलाओं को पेट में दर्द, कमर दर्द, थकान, कमजोरी और मूड स्विंग्स जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पीरयड्स के दौरान घर के पुरुष सदस्य महिलाओं को सहयोग और सहारा दें तो इससे उनकी परेशानी कम हो सकती है, बल्कि पीरियड्स के दिन भी आसान हो बन सकते हैं। दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित यथार्थ हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. शालू कहती हैं कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को सिर्फ दवा या आराम की ही नहीं, बल्कि इमोशनल सपोर्ट की भी जरूरत होती है।
पुरुषों को पीरियड्स के बारे में क्यों जानना चाहिए?
डॉ. शालू के अनुसार, आज भी बहुत से लोग पीरियड्स के बारे में खुलकर बात नहीं करते। कई पुरुषों को यह समझ नहीं होता कि इन दिनों में महिलाओं के शरीर में क्या बदलाव होते हैं और वे किन परेशानियों से गुजरती हैं। पीरियड्स के दौरान हार्मोन में बदलाव की वजह से महिलाओं को दर्द, थकान और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। कई बार उनका मूड भी जल्दी-जल्दी बदलता है। ऐसे में उन्हें जज करने की बजाय उनकी स्थिति को समझने की जरूरत होती है।
- डॉ. शालू बताती हैं कि इन दिनों में महिलाओं को यह महसूस होना चाहिए कि उनका परिवार और साथी उनके साथ खड़ा है। मान लीजिए आपकी पत्नी या बहन दर्द से परेशान है। ऐसे में आप उसके लिए एक हॉट वॉटर बॉटल ले आएं ताकि वह पेट की सिकाई कर सके। इससे दर्द में राहत तो मिलेगी ही, साथ ही उसे यह भी महसूस होगा कि आप उसकी परवाह करते हैं।
- कई बार सिर्फ इतना पूछ लेना कि "कैसा महसूस हो रहा है?" भी किसी महिला के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।
- अक्सर महिलाएं घर और बाहर दोनों जगह की जिम्मेदारियां निभाती हैं। लेकिन पीरियड्स के दौरान वही काम करना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। अगर इन दिनों में पति थोड़ी मदद कर दें, जैसे बच्चों को संभाल लेना, खाना बनाने में हाथ बंटा देना या घर के कुछ काम खुद कर लेना, तो महिला को काफी राहत मिल सकती है। यह मदद सिर्फ काम कम नहीं करती, बल्कि उन्हें यह एहसास भी दिलाती है कि वे अकेली नहीं हैं।
- कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द ज्यादा होता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह से ली जाने वाली दवाओं की जरूरत पड़ सकती है। पति या परिवार के सदस्य उनकी दवाइयों, सैनिटरी पैड्स या दूसरी जरूरत की चीजों का ध्यान रख सकते हैं।
- डॉक्टर का कहना है कि पीरियड्स के दौरान कई बार महिलाएं भावनात्मक रूप से भी कमजोर महसूस कर सकती हैं। ऐसे में उनसे प्यार से बात करें, उनकी बातें सुनें और कोशिश करें कि उनका ध्यान दर्द और परेशानी से हटे। थोड़ा हंसी-मजाक, साथ बैठकर बातचीत करना या उनकी पसंद की कोई चीज करना भी उन्हें अच्छा महसूस करा सकता है।
- डॉ. शालू का कहना है कि पीरियड्स को लेकर आज भी समाज में कई तरह की गलत धारणाएं हैं। जबकि सच यह है कि यह एक पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिससे हर महिला हर महीने गुजरती है। इसलिए इसके बारे में खुलकर बात करनी चाहिए। पुरुषों को भी इसके बारे में सही जानकारी होनी चाहिए ताकि वे महिलाओं को बेहतर तरीके से समझ और सहयोग कर सकें।
Disclaimer: पीरियड्स हम महिलाओं के जीवन का अहम हिस्सा है। पीरियड्स के बारे में पुरुषों को अगर जानकारी हो तो महिलाओं की परेशानी कम हो सकती है।