हृदय रोगों से बचने के लिए हाइपरटेंशन मरीजों को क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट से जानिए
Hypertensive Heart Disease: उच्च रक्तचाप से ग्रस्त हृदय रोग का चिंताजनक पहलू यह है कि यह अक्सर स्पष्ट लक्षण दिखाए बिना, गुप्त रूप से विकसित होता है।
हाइपरटेंशन यानि कि हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) के बारे में अक्सर लोगों को पता होता है। लेकिन हाइपरटेंसिव हार्ट डिजीज (Hypertensive Heart Disease) के बारे में शायद कम ही लोग जानते हों। बताते चलें कि ये एक ऐसी स्थिति है जो तब होती है जब हाई ब्लड प्रेशर का इलाज समय पर नहीं किया जाता है या फिर इसे लगातार इग्नोर किया जाता है। हृदय पर लगातार दबाव पड़ने से विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें हार्ट अटैक, कोरोनरी आर्टरी डिजीज और एरिथमिया जैसे रोग शामिल हैं। हाइपरटेंसिव हार्ट डिजीज को अक्सर साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि ये समय के साथ धीरे धीरे बढ़ती है, जिसके समय पर कोई लक्षण भी नहीं दिखते हैं। इसीलिए नियमित रूप से रक्तचाप की जांच करवाना और उच्च रक्तचाप को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए अपने डॉक्टर के साथ लगातार संपर्क में रहना महत्वपूर्ण है। मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार डोरा कहते हैं कि लाइफस्टाइल में बदलाव करने से हार्ट हेल्थ में सुधार और हाइपरटेंसिव हार्ट डिजीज को रोकने में भी मदद मिल सकती है।
हृदय एक असाधारण अंग है, जो लगातार ब्लड को पंप करता है और शरीर के हर अंग तक इसे पहुंचाता है। हालांकि एक साइलेंट खतरा है जिसे हाइपरटेंसिव हार्ट डिजीज कहते हैं, जो धीरे-धीरे इस महत्वपूर्ण अंग पर कहर बरपा सकता है। हाइपरटेंसिव हार्ट डिजीज एक ऐसी स्थिति है जो समय के साथ तब विकसित होती है जब उच्च रक्तचाप अनियंत्रित रहता है। इस स्थिति में आपके हार्ट पर लगातार दबाव पड़ता है और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। अक्सर इसे "साइलेंट किलर" कहा जाता है, यह स्थिति बिना कोई लक्षण दिखाए समय के साथ बढ़ती रहती है।
जब यह बढ़ा हुआ दबाव बना रहता है तक हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जो हाइपरटेंसिव हार्ट डिजीज का रूप ले लेता है। समय के साथ, जब हार्ट पर ये दबाव बना रहता है तो हृदय कमजोर हो सकता है, जिससे हृदय संबंधी जटिलताओं की एक श्रृंखला पैदा हो सकती है।
- हाइपरटेंसिव हार्ट डिजीज होने के साथ हार्ट फेल्यिर का रिस्क भी बढ़ जाता है। हृदय पर लगातार दबाव धीरे-धीरे रक्त को प्रभावी ढंग से पंप करने की उसकी क्षमता को कमजोर कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। परिणामस्वरूप, फेफड़ों और शरीर के अन्य ऊतकों में तरल पदार्थ जमा हो सकता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ, थकान और टखनों और पैरों में सूजन जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं।
- सिर्फ यही हाइपरटेंसिव हार्ट डिजीज होने के साथ ही कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा भी बढ़ जाता है। हाई ब्लड प्रेशर आर्टरी की आंतरिक परत को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे प्लाक की स्थिति बन सकती है। ये प्लाक हृदय की मांसपेशियों में रक्त के प्रवाह को प्रतिबंधित कर सकते हैं, जिससे सीने में दर्द (एनजाइना), दिल का दौरा और यहां तक कि जीवन-घातक अतालता (Arrhythmias) भी हो सकती है।
उच्च रक्तचाप से ग्रस्त हृदय रोग का चिंताजनक पहलू यह है कि यह अक्सर स्पष्ट लक्षण दिखाए बिना, गुप्त रूप से विकसित होता है। यहां हम आपको लाइफस्टाइल में करने के लिए कुछ ऐसे बदलाव बता रहे हैं जिन्हें करने से हार्ट हेल्थ में भी सुधार होता है और हाइपरटेंसिव हार्ट डिजीज का खतरा भी कम हो सकता है:
हार्ट फ्रेंडली डाइट अपनाए: फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर संतुलित आहार लें। सोडियम, सेचुरेटिड और ट्रांस फैट, कोलेस्ट्रॉल और मीठी चीजों का सेवन सीमित मात्रा में करें।
स्वस्थ वजन बनाए रखें: अपनी हाईट और उम्र के अनुसार बीएमआई मेनटेन करें। अतिरिक्त वजन कम करने से आपके दिल पर दबाव काफी हद तक कम हो सकता है।
रेगुलर फिलिकल एक्टिविटी करें: प्रत्येक सप्ताह कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली एरोबिक व्यायाम या 75 मिनट की तीव्र तीव्रता वाले व्यायाम करने का प्रयास करें। नियमित शारीरिक गतिविधि ब्लड प्रेशर को कम करने और आपके दिल को मजबूत बनाने में मदद करती है।
शराब का सेवन सीमित करें: अत्यधिक शराब का सेवन रक्तचाप बढ़ा सकता है और हृदय संबंधी अन्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है। यदि आप शराब पीते हैं, तो इसे सीमित मात्रा में पीएं। महिलाओं के लिए प्रति दिन 1 ड्रिंक और पुरुषों के लिए प्रति दिन 2 ड्रिंक काफी हैं।
धूम्रपान छोड़ें: धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और हृदय रोग के विकास को तेज करता है। जल्द से जल्द धूम्रपान छोड़ने का प्रयास करें क्योंकि यह आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए उठाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है।
स्ट्रेस न लें: दीर्घकालिक तनाव उच्च रक्तचाप में योगदान कर सकता है। तनाव से निपटने के लिए खुश रहें, रिलैक्सेशन टेक्निक अपने शौक पर काम करें। इसके अलावा दोस्तों व परिवार के साथ समय बिताना भी अच्छा होता है।