
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Published : August 7, 2025 3:50 PM IST
Medically Verified By: Dr Hemant Deshpande
How Birth Control Pills Work: बर्थ कंट्रोल पिल्स यानी गर्भनिरोधक गोलियां, 1960 के दशक में पहली बार आई थीं और आज ये दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली गर्भनिरोधक विधियों में से एक हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकतर महिलाएं अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए बर्थ कंट्रोल पिल्स का सहारा लेती हैं। ये गोलियां महिलाओं के शरीर में बनने वाले प्राकृतिक हार्मोन के सिंथेटिक रूप होती हैं। इनका इस्तेमाल न सिर्फ प्रेग्नेंसी रोकने के लिए किया जाता है, बल्कि कई तरह की हार्मोनल और गायनोकॉलॉजिकल समस्याओं को कंट्रोल करने के लिए भी किया जाता है। हालांकि, ये गोलियां काफी कारगर और सुविधाजनक मानी जाती हैं, लेकिन अभी भी कई महिलाएं नहीं जानतीं कि ये गोलियां शरीर में कैसे काम करती हैं और इनका क्या असर होता है। तो आइए, डॉ. हेमंत देशपांडे, प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. डी. वाई. पाटिल मेडिकल कॉलेज एवं अनुसंधान केंद्र, पिंपरी, पुणे से जानते हैं कि बर्थ कंट्रोल पिल्स कैसे काम करती हैं और इससे शरीर पर क्या असर होता है।
ज्यादातर बर्थ कंट्रोल पिल्स को "कंबाइंड ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स" कहा जाता है, क्योंकि इनमें दो हार्मोन होते हैं – एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन। ये हार्मोन मुख्य रूप से ओव्यूलेशन (अंडा निकलने की प्रक्रिया) को रोकने का काम करते हैं। ये दिमाग से निकलने वाले हार्मोन GnRH, LH, और FSH को दबा देते हैं, जिससे अंडाशय (ovary) से अंडा निकलना बंद हो जाता है। जब अंडा नहीं निकलता, तो उसका फर्टिलाइजेशन (शुक्राणु से मिलना) भी नहीं हो पाता और प्रेग्नेंसी नहीं होती। साथ ही, प्रोजेस्टिन सर्वाइकल म्यूकस (गर्भाशय ग्रीवा की झिल्ली) को गाढ़ा बना देता है जिससे स्पर्म का एग तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इन हार्मोन की वजह से यूट्रस की अंदरूनी परत (एंडोमेट्रियम) भी पतली हो जाती है, जिससे अगर फर्टिलाइजेशन हो भी जाए, तो अंडा गर्भाशय में नहीं टिक पाता। इन सभी तरीकों से ये गोलियां प्रेग्नेंसी रोकने में 99% तक असरदार होती हैं, अगर इन्हें सही समय पर नियमित रूप से लिया जाए।
बर्थ कंट्रोल पिल्स को सिर्फ गर्भ रोकने के लिए नहीं, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी इस्तेमाल किया जाता है:
हर दवा की तरह, बर्थ कंट्रोल पिल्स के भी कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:
आम और हल्के साइड इफेक्ट्स:
ये लक्षण आमतौर पर शुरुआत के कुछ महीनों में दिखते हैं और फिर अपने आप ठीक हो जाते हैं।
इसके अलावा, इसके कुछ गंभीर लेकिन दुर्लभ जोखिम भी हो सकते हैं, जैसे:
WHO के अनुसार, कुछ स्थितियों में पिल्स लेना सुरक्षित नहीं होता, जैसे:
ऐसी महिलाओं के लिए प्रोजेस्टिन-ओनली पिल्स या कॉपर IUD जैसे विकल्प बेहतर होते हैं।
1. क्या पिल्स से प्रेग्नेंसी हमेशा के लिए रुक जाती है?
नहीं, पिल्स बंद करने के बाद सामान्य रूप से फर्टिलिटी जल्दी लौट आती है।
2. क्या पिल्स से वजन बढ़ता है?
ज्यादातर मामलों में वजन में कोई खास फर्क नहीं आता।
3. क्या पिल्स STIs से बचाती हैं?
नहीं, पिल्स सिर्फ प्रेग्नेंसी रोकती हैं। यौन रोगों से बचाव के लिए कंडोम जरूरी है।
निष्कर्ष
बर्थ कंट्रोल पिल्स एक सुरक्षित और प्रभावी गर्भनिरोधक उपाय हैं। ये सिर्फ प्रेग्नेंसी ही नहीं रोकती हैं, बल्कि कई हार्मोनल और मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं में भी राहत देती हैं। कुछ कैंसर के रिस्क को कम करने के अलावा, स्किन और बालों से जुड़ी कई समस्याओं में भी इनका लाभ मिलता है। हालांकि, हर महिला के लिए ये उपयुक्त नहीं होती हैं। इसलिए पिल्स शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, ताकि आपकी मेडिकल हिस्ट्री, लाइफस्टाइल और प्रेग्नेंसी से जुड़ी आपकी प्लानिंग को ध्यान में रखते हुए सही फैसला लिया जा सके।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।