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45°C की गर्मी किडनी पर कितना दबाव डालती है? जानिए डॉक्टर की राय

बढ़ती गर्मी के कारण न सिर्फ हार्ट पर बल्कि किडनी भी प्रभावित हो सकता है। इसकी वजह से किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। आइए जानते हैं गर्मी के कारण किडनी पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Written By Kishori Mishra
Published : June 10, 2026 10:37 AM IST

Image Credit : ChatGPT

देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच रहा है। ऐसी भीषण गर्मी सिर्फ असहजता ही नहीं बढ़ाती, बल्कि शरीर के कई अंगों पर अतिरिक्त दबाव भी डालती है। इनमें किडनी सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले अंगों में से एक है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी और डिहाइड्रेशन किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल्स में सीनियर कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट, क्लीनिकल डायरेक्टर और एचओडी (नेफ्रोलॉजी एंड ट्रांसप्लांट सर्विसेज) डॉ. राजशेखर चक्रवर्ती मदारासु के अनुसार, 45°C जैसी गर्मी में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए अधिक पसीना निकालता है। इसके कारण शरीर से बड़ी मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं।

जब शरीर में पानी की कमी होने लगती है, तो खून गाढ़ा हो सकता है और उसका वॉल्यूम कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में किडनी को खून को फिल्टर करने और शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लगातार डिहाइड्रेशन रहने पर किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

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डिहाइड्रेशन से किडनी में क्या हो सकती हैं समस्याएं?

किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने और सोडियम-पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखने का काम करती है। लेकिन जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता, तो यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक डिहाइड्रेशन रहने पर कुछ लोगों में एक्यूट किडनी इंजरी (Acute Kidney Injury) का खतरा बढ़ सकता है। यह जोखिम उन लोगों में ज्यादा हो सकता है जो पहले से किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

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किडनी पर गर्मी का असर दिखने के क्या हैं लक्षण?

काफी ज्यादा गर्मी और डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरतह होती है। आइए जानते हैं-

  • पेशाब का रंग गहरा होना
  • बार-बार प्यास लगना
  • थकान और कमजोरी महसूस होना
  • चक्कर आना
  • पेशाब की मात्रा कम हो जाना
  • सिरदर्द या ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

यदि ये लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।

किडनी को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?

डॉ. मदारासु सलाह देते हैं कि गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए आपको कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है, जैसे-

  • दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
  • जरूरत के अनुसार इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति करें
  • दोपहर की तेज धूप में भारी शारीरिक गतिविधियों से बचें
  • बाहर निकलते समय पानी साथ रखें
  • किडनी रोग से पीड़ित लोग डॉक्टर की सलाह के अनुसार तरल पदार्थों का सेवन करें

Disclaimer : 45°C की गर्मी सिर्फ शरीर को थकाती नहीं, बल्कि किडनी पर भी अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। पर्याप्त पानी पीना, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना और डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेतों को पहचानना किडनी को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। गर्मियों में हाइड्रेशन को प्राथमिकता देना आपकी किडनी की सुरक्षा के लिए एक सरल लेकिन प्रभावी कदम हो सकता है।