... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Yogita Yadav | Published : February 27, 2019 5:39 PM IST
हार्मोन में उतार-चढ़ाव स्त्री और पुरुष दोनों की सेहत पर असर डालते हैं पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं के शरीर में हॉर्मोन्स से जुड़े बदलाव बहुत ज्यादा होते हैं। © Shutterstock
अगर आप लगातार थकान का अनुभव कर रहीं हैं और बाल भी झड़़ने लगे हैं तो हो सकता है आपके शरीर में होने वाले हार्मोन की गड़बड़ी का संकेत हो। हालांकि हार्मोन में उतार-चढ़ाव स्त्री और पुरुष दोनों की सेहत पर असर डालते हैं पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं के शरीर में हॉर्मोन्स से जुड़े बदलाव बहुत ज्यादा होते हैं। जिसकी वजह से उनकी शारीरिक क्षमता पर तो असर पड़ता ही है, उनमें तनाव, अवसाद और चिढ़चिढ़ापन भी बढ जाता है।
यह भी पढ़ें - अगर आप भी बैठते हैं इस तरह, तो बढ़ने लगेगी चर्बी
ये हार्मोन्स डालते हैं असर
शरीर में सबसे ज्यादा जिन हॉर्मोन्स का स्तर घटता-बढ़ता रहता है वह है- ऐस्ट्रोजेन, प्रोजेस्टेरॉन और सेक्स हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन। इसके अलावा मेटाबॉलिज्म हॉर्मोन थायरॉइड, एनर्जी हॉर्मोन ऐड्रनलीन, स्ट्रेस हॉर्मोन कॉर्टिसोल और स्लीप हॉर्मोन मेलाटोनिन की भी अक्सर शरीर में गड़बड़ी रहती है, जिसका असर शरीर पर दिखता है।
यह भी पढ़ें – ब्रेस्ट को शेप में रखने के लिए अपनाएं ये तीन घरेलू उपाय
पहचानें ये संकेत
ज्यादा बाल झड़ना
यूं तो हमारे बाल उम्र भर झड़ते ही रहते हैं। पर उनक बदले में नए बाल भी आ जाते हैं। पर जब यह बाल जरूरत से ज्याजदा झड़ने लगे तब यह सावधान करने वाला संकेत है। महिलाओं में मेनॉपॉज से पहले, प्रेग्नेंसी के वक्त और प्रेग्नेंसी के बाद बहुत ज्यादा बाल गिरते हैं। अमेरिकन हेयर लॉस असोसिएशन की मानें तो महिलाओं के शरीर में मौजूद मेल हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन जब DHT हॉर्मोन के साथ परस्पर क्रिया करता है तो हेयर फॉलिकल्स पर एन्जाइम असर डालता है जिससे हेयर फॉलिकल्स को नुकसान पहुंचता है और हद से ज्यादा बाल गिरने लगते हैं।
यह भी पढ़ें – दूध वाली चाय से ज्यादा फायदेमंद है ब्लैक टी, जानिए इसके फायदे
अचानक वजन बढ़ना या घटना
अगर आपका वजन अचानक ऊपर-नीचे होने लगे यानी बहुत ज्यादा बढ़ने या फिर घटने लगे तो समझ जाइए कि आपके शरीर में हॉर्मोन से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। शरीर में मौजूद थायरॉइड ग्लैंड मेटाबॉलिज्म से जुड़े हॉर्मोन्स को नियंत्रित करता है और इसी की वजह से वजन बढ़ता या घटता है। ऐसे में वेट गेन या वेट लॉस के साथ आपको ठंड, थकान, ड्राई स्किन और कब्ज की समस्या भी दिखे तो समझ लें कि आपका थायरॉइड ग्लैंड कम हॉर्मोन्स बना रहा है।
लगातार थकान और कमजोरी
हॉर्मोनल गड़बड़ी का सबसे बड़ा लक्षण है लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना, खासतौर पर मेनॉपॉज और पोस्ट मेनॉपॉज के स्टेज वाली महिलाओं में। स्ट्रेस हॉर्मोन कॉर्टिसोल का लेवल शरीर में सीधे तौर पर सेरोटोनिन के सीक्रिशन को प्रभावित करता है जो एक हैपी हॉर्मोन है। लिहाजा अगर आपको थकान और कमजोरी के साथ डिप्रेशन और निराशा महसूस हो रही हो तो यह हॉर्मोनल गड़बड़ी का निश्चित संकेत है।