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हार्मोनल इम्बैलेंस और हेयर फॉल के बीच क्या कनेक्शन है? कैसे रखें अपने बालों को हेल्दी?

शरीर में पीसीओएस, थायराइड या तनाव के कारण होने वाला हार्मोनल असंतुलन सीधे हेयर फॉलिकल्स को प्रभावित करता है, जिससे बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। इस लेख में आयुर्वेद एक्सपर्टस से जानें किस तरह हार्मोन इम्बैलेंस हेयर फॉल का कारण बन सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : July 17, 2026 7:03 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Likhitha H K

बाल सिर्फ आपकी सुंदरता का प्रतीक नहीं होते हैं, बल्कि आपके स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत सी जानकारियां भी देते हैं। आज के समय में लोगों की जीवनशैली कुछ ऐसी हो गई है कि अक्सर शैंपू, तेल और कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट पर अधिक ध्यान दिया जाने लगा है। लेकिन स्वस्थ और मजबूत बाल इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल से नहीं बल्कि आपके अंदरूनी स्वास्थ्य पर निर्भर करते हैं। हार्मोनल संतुलन, उचित पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवनशैली की आदतें मिलकर बालों की मजबूती और गुणवत्ता तय करती हैं। आयुर्वेद मानता है कि बाल आपके अंदरूनी स्वास्थ्य से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी देते हैं और इसलिए उनकी देखभाल करने के लिए अंदरूनी स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। डॉ. लिखिता एच के, सहायक प्रोफेसर, स्वास्थ्यवृत्त और योग विभाग, श्री. धर्मस्थल मंजूनाथेश्वर आयुर्वेद कॉलेज, अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, उडुपी ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

बालों के स्वास्थ्य के लिए हार्मोन का महत्व

हार्मोन हमारे शरीर में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिनमें बालों का सही स्वास्थ्य भी शामिल है। जिस प्रकार हार्मोन बैलेंस प्रभावित होने से स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं, उसी प्रकार हार्मोन लेवल किसी का कम या ज्यादा होना बालों के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकता है। यही कारण है कि थायरॉइड विकार, पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम, गर्भावस्था, रजोनिवृत्ति तथा लगातार तनाव जैसी समस्याएं बालों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हैं क्योंकि ये स्थितियां हार्मोनल संतुलन बिगाड़ सकती हैं। जिन लोगों को इनमें से कोई भी समस्या होती है उनमें अक्सर निम्न समस्याएं देखी जाती हैं -

  • अत्यधिक बाल झड़ना
  • बालों का पतला होना
  • रूखे व बेजान बाल

हार्मोन से जुड़ी समस्या के साथ-साथ अगर अनियमित नींद, असंतुलित खान-पान, मानसिक या तनाव जैसी समस्या भी है तो उससे बालों के स्वास्थ्य पर और गंभीर असर पड़ता है, जिससे कई बीमारियां होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

शारीरिक दोषों पर आधारित बालों का स्वास्थ्य

आयुर्वेद के अनुसार बालों का स्वास्थ्य आमतौर पर शारीरिक दोषों पर भी निर्भर करता है जैसे वात, पित्त और कफ दोष। अगर इन तीनों दोषों का संतुलन खराब होता है, बालों का स्वास्थ्य प्रभावित होने लगता है जैसे -

  • पित्त दोष बढ़ने से - शरीर में गर्मी बढ़ती है, जिससे बालों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं तथा समय से पहले बाल सफेद होने और झड़ने की समस्या बढ़ जाती है।
  • वात दोष बढ़ने से - त्वचा प्रभावित होने लगती है, जिस कारण से सिर की त्वचा रूखी और कमजोर होने लगती है जिसका सीधा असर बालों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
  • कफ दोष बढ़ने से - जब कफ दोष बढ़ता है, तो स्कैल्प यानी खोपड़ी की त्वचा ज्यादा ऑयली हो जाती है जिससे डैंड्रफ और हेयर फॉल जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।

बाल झड़ना बंद करने वाले आयुर्वेदिक उपचार

आयुर्वेद हजारों साल पुरानी चिकित्सा पद्धति है, जिसे किसी भी समस्या के लक्षणों का इलाज करने के लिए नहीं बल्कि सही उसकी समस्या की जड़ को खत्म करने के लिए जाना जाता है। बालों से जुड़ी समस्याओं के लिए आयुर्वेद में कई नुस्खे हैं, जो ऐसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं जिमें प्रमुख रूप से भृंगराज, आंवला, शतावरी, अश्वगंधा और ब्राह्मी जैसी औषधीय जड़ी-बूटियां शामिल हैं।

ये सभी औषधीय जड़ी-बूटियां मुख्य रूप से बालों और सिर की त्वचा के पोषण के लिए उपयोगी मानी जाती हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आयुर्वेद एक्सपर्ट मरीज की जरूरत के अनुसार भृंगराजासव, नरसिंह रसायन और च्यवनप्राश जैसी आयुर्वेदिक औषधियों का भी प्रयोग करते हैं। भृंगराज तेल या नीलिभृंगादि तेल से नियमित सिर की मालिश, तथा कुछ मामलों में नस्य, शिरोधारा/शिरो अभ्यंग और विरेचन जैसी पंचकर्म प्रक्रियाएं भी लाभकारी होती हैं।

खानपान व जीवनशैली का महत्व

आयुर्वेद मानता है कि बालों के सही स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सही आहार का होना भी बेहद जरूरी है और इसलिए साथ ही, काले तिल, ताजा आंवला, करी पत्ता, भीगे हुए बादाम और संतुलित प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करने पर जोर दिया जाता है, जो बालों को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाते हैं। ठीक उसी प्रकार पर्याप्त नींद, योग, ध्यान और प्राणायाम तनाव को कम करने में मदद करते हैं, जिससे हार्मोनल संतुलन बेहतर रहता है और बालों का स्वास्थ्य भी लंबे समय तक बना रहता है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल खराब हार्मोन बैलेंस का बालों के के स्वास्थ्य पर पड़ते असर के बारे में बताना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।