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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : June 30, 2019 7:09 PM IST
बच्चों में उल्दी दस्त अगर लगातार हो रहा है तो डॉक्टर के पास ले जायें. क्योंकि बच्चों के लिए डायरिया बहुत खतरनाक होता है. डायरिया से बच्चों की जान का खतरा रहता है.
बच्चों को उल्टी दस्त व डायरिया का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. कुछ बच्चे तो ठीक से साफ-सफाई का ध्यान न देने की वजह से डायरिया के शिकार होते हैं. डायरिया पेट से जुड़ी एक मुख्य बीमारी है. यह संक्रमित खाने या पीने के कारण होता है. डायरिया से मरने वाले बच्चों में लगभग 88% बच्चे ऐसे होते हैं जो गन्दगी से भरे हुए माहौल में रहने के कारण और गन्दा पानी पीने के कारण डायरिया के शिकार हो जाते हैं. यहाँ हम बच्चों को डायरिया से बचाने के लिये कुछ जरूरी उपाय बता रहे हैं.
माता-पिता के लिये यह बहुत ज़रूरी है कि घर को हमेशा साफ़ सुथरा रखें। बच्चों को खिलाने से पहले अपने हाथों को साबुन या सेनेटाइजर की मदद से अच्छे से धो लें।
किसी गन्दी चीज को छू लेने के बाद या किसी दूसरे के घर से आने के बाद भी अपने हाथों को ज़रूर धो लें।
यह सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात है की आप पीने वाले पानी को किस तरीके से शुद्ध करते हैं। पीने वाला पानी अच्छे से उबला हुआ हो और फ़िल्टर करके साफ़ सुथरी जगह पर स्टोर किया गया हो। आप भी पानी में क्लोरीन टेबलेट डालकर उसे पीने योग्य बना सकते हैं।
बच्चों को उल्दी दस्त के कारण डिहाइड्रेशन हो जाता है। इस कारण शरीर से ज़रूरी मिनरल्स और पोषक तत्व बाहर निकल जाते हैं और शरीर का इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ जाता है।
बहुत ज्यादा डिहाइड्रेशन के कारण आपको ब्रेन डैमेज या किसी अंग के ख़राब होने जैसी गंभीर बीमारियाँ भी हो सकती हैं। इसलिये ज़रूरी है कि बच्चों को पर्याप्त मात्रा में इलेक्ट्रोलाइट और पानी देते रहें जिससे वे डिहाइड्रेशन के शिकार न हो।
डायरिया से पीड़ित बच्चे को आप सिर्फ पानी पिलाकर हाइड्रेटेड नहीं रख सकते हैं क्योंकि शरीर में बहुत तेजी से पोषक तत्वों की कमी होती रहती है।
बच्चे को पर्याप्त मात्रा में इलेक्ट्रोलाइट देते रहें जिससे शरीर सुचारू रूप से चलता रहे। उन्हें पानी में ओऑरएस घोल मिलाकर दें।
अगर बच्चा बहुत छोटा है तो उसे माँ के दूध से ही, तरल और पोषक तत्वों की कमी पूरी हो जाती है। थोड़े से बड़े बच्चों को बिना मसाले वाला और आसानी से पचने वाला खाना खिलाएं जैसे की इडली, मूंग दाल खिचड़ी या चावल की खीर सबसे अच्छा माना जाता है.
बच्चों में उल्दी दस्त अगर लगातार हो रहा है तो डॉक्टर के पास ले जायें. क्योंकि बच्चों के लिए डायरिया बहुत खतरनाक होता है. डायरिया से बच्चों की जान का खतरा रहता है.