आपका फ्रिज और वॉशिंग मशीन भी है कई बीमारियों का घर, जानें कैसे

एक एप्लायंसेज वेबसाइट के सर्वे के अनुसार, अधिकतर लोग वॉशिंग मशीन को साल में एक बार और फ्रिज को साल में सिर्फ आठ बार ही साफ करते हैं।

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Written By: Anshumala | Published : July 24, 2018 8:13 PM IST

हम सभी हर दिन घर में झाड़ू-पोंछा लगाते हैं। बाथरूम, दीवारों को प्रत्येक सप्ताह साफ करना नहीं भूलते, लेकिन हम में से लगभग 71 प्रतिशत लोग रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले होम एप्लायंसेज यानी  घरेलू उपकरणों को साफ करना भूल जाते हैं। घर की इन महत्वपूर्ण चीजों की साफ-सफाई की तरफ ज्यादातर लोग ध्यान नहीं देते हैं। एक एप्लायंसेज वेबसाइट के सर्वे के अनुसार, अधिकतर लोग वॉशिंग मशीन को साल में एक बार, माइक्रोवेव को साल में दो बार, डिश वॉशर को साल में तीन बार और फ्रिज को साल में सिर्फ आठ बार ही साफ करते हैं। साफ-सफाई की तुलना में यह काफी कम है। नियमित रूप से इन्हें साफ नहीं करने से इनमें पनपने वाले हानिकारक कीटाणु और फंगस पेट दर्द और स्किन इंफेक्शन जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

इन्हें नहीं करेंगे साफ तो हो सकती है परेशानी

फ्रिज नहीं करते साफ

एक अध्ययन के अनुसार, यदि फ्रिज की सफाई सप्ताह में एक बार न की जाए, तो इसमें ईकोली, साल्मोनेला और लिस्टरिया जैसे कीटाणू पनप सकते हैं। इनसे पेट दर्द और विषाक्त भोजन (food poisoning) हो सकता है।

वॉशिंग मशीन भी मांगे साफ-सफाई

घर में कपड़े तो आप रोज धोते हैं। शायद यही सोचते होंगे कि इसे धोने की क्या जरूरत है, यह तो पानी और सर्फ से साफ हो ही जाता है, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। अंदर और बाहर से इसकी सफाई न करने से 44 प्रतिशत वॉशिंग मशीन में ईकोली और स्टेफिलोकोकस ऑरियस जैसे बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैं। ये त्वचा पर जलन, फोड़े-फुंसी और चकत्ते की समस्या का कारण बनते हैं।

माइक्रोवेव में बैक्टीरिया को मिलता है पोषण

एक अध्ययन में कहा गया है कि माइक्रोवेव को प्रत्येक सप्ताह अंदर और बाहर से साफ न किया जाए, तो इसमें भी ईकोली और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। खाद्य पदार्थों से बैक्टीरिया को विकसित होने के लिए पोषण मिलता है। ये बैक्टीरिया स्किन डिजीज एवं पेट दर्द जैसी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं।

डिश वॉशर

आप बेशक डिश वॉशर में बर्तन धोते समय उसे हाई टेम्प्रेचर में इस्तेमाल करते हों बावजूद इसके, इसमें स्यूडोमोनास और एसिनेटोबैक्टर नामक कुछ हानिकारक बैक्टीरिया आसानी से मिल जाते हैं। ये बैक्टीरिया फंगल इंफेक्शन और रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकती है। कई बार डिश वॉशर को ठीक से साफ न करने से इसमें खाने के कण रह जाते हैं। अधिक दिनों के बाद ये बैक्टीरिया का रूप ले लेते हैं और बर्तनों पर चिपक जाते हैं, जिससे सांस संबंधी परेशानी भी कुछ लोगों में हो सकती है। ऐसे में जब भी होम एप्लायंसेज को साफ करें, तो गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। इससे कीटाणु और बैक्टीरिया जल्दी मर जाते हैं। सभी उपकरणों की नियमित रूप से साफ-सफाई पर ध्यान दें। इनमें नमी न होने दें। जब धो लें, तो भी गीला न छोड़े, अच्छी तरह से कपड़े से पोंछ दें या सूखने के लिए छोड़ दें। नमी वाले वातावरण में बैक्टीरिया जल्दी से पनपते हैं।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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