Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

फेफड़ों और सांस की नलिका को बुरी तरह डैमेज कर सकता है रंग, डॉक्टर से जानिए कैसे खेले सुरक्षित होली

Holi colours increase the risk of respiratory problems  : होली का रंग कई तरह की परेशानियों को बढ़ा सकता है। मुख्य रूप से इसकी वजह से सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। आइए डॉक्टर प्रतिभा से जानते हैं इस विषय में-

फेफड़ों और सांस की नलिका को बुरी तरह डैमेज कर सकता है रंग, डॉक्टर से जानिए कैसे खेले सुरक्षित होली

Written by Kishori Mishra |Updated : March 22, 2024 5:18 PM IST

Holi colours increase the risk of respiratory problems  : होली रंगों का त्यौहार है, इस मौके पर घरों में न सिर्फ तरह-तरह के पकवान बनते हैं बल्कि चारों को कई तरह के रंग खेलते लोग नजर आते हैं। रंगों से खेलना शायद हम में से कई लोगों को पसंद हो, लेकिन यही रंग कई बार हमारे स्किन से लेकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचा देता है। इसलिए अगर आप होली पर सतर्कता के साथ रंगों से खेलना चाहिए। मुख्यरूप से अगर आपको सांस से जुड़ी समस्याएं हैं, तो इस मौके पर थोड़ा सतर्क होकर रंगों से होली खेलें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो इससे सांस से जुड़ी परेशानी हो सकती है।

गुरुग्राम स्थित मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल की पल्मोनोलॉजी और स्लीप मेडिसिन एक्सपर्ट और  वरिष्ठ सलाहकार डॉ. प्रतिभा डोगरा का कहना है कि  रंगों में कई तरह के केमिकल्स होते हैं, जो आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आपको थोड़ी सतर्कता बरतनी चाहिए। आइए विस्तार से जानते हैं होली के रंगों से कैसे बढ़ सकती है सांस से जुड़ी परेशानी  और किस तरह खेले सुरक्षित होली?

रंगों से बढ़ सकती हैं सांस से जुड़ी ये परेशानियां

डॉक्टर का कहना है कि होली के सूखे रंग जब हवा में फैल जाते हैं और इन हवाओं को जब हम सांस के जरिए अंदर देते हैं, तो इससे सांस की नलिका प्रभावित होती है। रंगों के छोटे-छोटे कण फेफड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। इसकी वजह से सीने में जकड़न, सांस लेने में परेशानी, छींक आना जैसी समस्या हो सकती है।

Also Read

More News

वहीं, अगर आपको पहले से ही अगर सांस से जुड़ी बीमारी जैसे - अस्थमा, सीओपीडी, ब्रोंकाइटिस है या फिर किसी तरह की एलर्जी है, तो ऐसे में आपकी परेशानी और अधिक बढ़ सकती है। इन रंगों में कई तरह के केमिकल्स होते हैं, जो सांस की नलिकाओं को इरिटेड कर सकते हैं, ऐसे में सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसलिए होली के अवसर पर सतर्कता के साथ रंग खेलें।

कैसे करें बचाव

डॉक्टर प्रतिभा का कहना है कि अगर आपको सांस से जुड़ी परेशानी पहले से है, तो होली सुरक्षित होली खेलें, जैसे-

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

  • मुख्य रूप से रंगों की क्वालिटी पर ध्यान दें।
  • केमिकल और कांचयुक्त रंगों से खेलने से बचें।
  • हमेशा ऑर्गैनिक रंग इस्तेमाल करें।
  • मास्क पहनकर होली खेलें, इससे रंग काफी हद तक लंग्स तक जाने से बचेंगे।

होली का रंग चारों ओर खुशियां लाता है, लेकिन इस खुशी को दुख में न बदलते दें। अगर आप सुरक्षित होली खेलना चाहते हैं, तो हमेशा ऑर्गैनिक रंग का प्रयोग करें। ताकि आपकी परेशानी न बढ़े और दूसरे भी सुरक्षित तरीके से होली खेल सकें।