
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : May 6, 2026 4:27 PM IST
Medically Verified By: Dr Sumit Gahlawat
Urinary Tract Infections
दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना यहां के लोगों के लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है। ऑफिस जाना हो या लंबी दूरी तय करना हो, अक्सर वॉशरूम की सुविधा न मिलने या समय बचाने के चक्कर में लोग यूरिन को लंबे समय तक रोक कर रखते हैं। सुनने में यह एक छोटी सी बात लगती है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, यह आदत आपकी किडनी के लिए खतरानाक साबित हो सकती है। नारायणा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में सीनियर कंसल्टेंट और जाने-माने यूरोलॉजिस्ट और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. सुमित गहलावत कहते हैं कि कई मामलों में यह आदत किडनी को पूरी तरह से खराब तक कर सकती है।
हमारा मूत्राशय यानि कि ब्लैडर एक गुब्बारे की तरह होता है। जब यह आधा भर जाता है, तो दिमाग को संकेत मिलता है कि अब इसे खाली करने का समय है। जब हम बार-बार इस संकेत को नजरअंदाज करते हैं, तो ब्लैडर की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। दिल्ली जैसे शहर, जहां प्रदूषण और हीटवेव अपने चरम पर रहती हैं, वहां हाइड्रेशन पहले से ही एक चुनौती है। ऐसे में लंबे समय पर पेशाब रोकना किडनी पर सीधा दबाव डालता है।

दिल्ली या फिर बड़े शहरों के पब्लिक टॉयलेट्स की असलीयत किसी से छिपी नहीं है। गंदगी के डर से महिलाएं अक्सर घर से निकलने से पहले और वापस आने तक घंटों पेशाब रोकती हैं। कई बार महिलाएं सुरक्षा के लिहाज से भी पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करने से बचती हैं। यह आदत उनमें क्रोनिक यूटीआई और पेल्विक हिस्से में दर्द की समस्या को जन्म दे सकती है।
यदि आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस हों तो इसे सामान्य समझकर इग्नोर न करें बल्कि समय रहते डॉक्टर को दिखाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल आपकी जागरुकता के लिए हैं। अगर आपको पेशाब या ब्लैडर संबंधी कोई खास लक्षण महसूस हो रहे हैं तो परेशान न हो, समय पर डॉक्टर को दिखाकर जांच कराएं।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.