
Also Read
बार-बार बीमार होना भी हो सकता है एड्स! एक्सपर्ट से जानिए एड्स होने पर शरीर में दिखाई देने वाले बदलाव
एचआईवी यानि के एड्स एक ऐसी बीमारी है, जिसका होना ही अपने आप में किसी जहर से कम नहीं है। ये बीमारी किसी व्यक्ति को अचानक नहीं मारती बल्कि धीरे-धीरे उसके शरीर को खोखला करती है। एचआईवी से ठीक होने के लिए आपको लंबा इलाज कराना पड़ता है साथ ही नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करना पड़ता है, तब कहीं जाकर आपको इसके लक्षण को कम करने में मदद मिल सकती है। लेकिन एक व्यक्ति को कब पता चलता है कि वो इस रोग का शिकार हुआ है ये शायद किसी को पता नहीं होगा।
फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट की इंटरनल मेडिसिन की एडिशनल डायरेक्टर डॉ. बेला शर्मा आपको एचआईवी से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी दे रही हैं और ये बता रही हैं कि कैसे आप इस बात का पता लगा सकते हैं कि आप एचआईवी के शिकार हो गए हैं। जी हां, एचआईवी के लक्षण भले ही देखने पर आपको मामूली लगे लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना किसी भी व्यक्ति के लिए घातक हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे आप इन मामूली लक्षण को पहचानकर इस बीमारी के घातक रोग से बच सकते हैं।
एड्स, जिसे आप और हम ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस यानी एचआईवी नाम के एक संक्रमाक बीमारी के रूप में भी जानते हैं, जिसका वर्तमान में कोई इलाज नहीं है। अगर आप इसके लक्षणों को नजरअंदाज करते हैं या फिर बिना उपचार के ही छोड़ देते हैं तो संक्रमित किसी भी व्यक्ति के इम्यून सिस्टम को गंभीर रूप से कमजोर कर सकता है और जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है। किसी भी व्यक्ति के एचआईवी से पीड़ित होने पर उसके शरीर में दिखाई देने वाले शुरुआती लक्षण सर्दी या फ्लूके समान हो सकते हैं लेकिन किसी व्यक्ति को एचआईवी है या नहीं, यह जानने का एकमात्र तरीका सिर्फ और सिर्फ टेस्ट है। आइए जानते हैं एचआईवी के शुरुआती लक्षण।
• बुखार
• सिरदर्द
• थकान
• लिम्फ ग्रंथि में सूजन
• रैशेज
• गले में खराश
• मांसपेशियों/जोड़ों का दर्द
• रात को अचानक पसीना आना
• दस्त
डॉ. बेला शर्मा बताती हैं कि जैसे-जैसे ये स्वास्थ्य स्थिति बढ़ती जाती है एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर होना शुरू हो जाता है। वक्त के साथ-साथ लक्षणों और बढ़ते जाते हैं और व्यक्ति के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। आइए जानते हैं वक्त के साथ-साथ बढ़ने वाले लक्षणः
1-संक्रमण जो कभी मामूली हुआ करते थे, जैसे कि मुंह में घाव या दांत में फोड़ा या कैविटी अचानक से तेज दर्द का कारण बन सकती है।
2-एचआईवी वाले लोगों के लिए इन संक्रमणों से उबरना अधिक कठिन हो सकता है।
3-एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति को बार-बार सर्दी या यीस्ट संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा आपको छोटे-मोटे संक्रमण बार-बार होते हैं।
4-एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति को ये अनुभव होता है कि वे पहले की तुलना में अधिक बार या अधिक समय से बीमार हो रहा है।
5-कुछ लोग ऐसे संक्रमण से बहुत बीमार हो सकते हैं, जो आम तौर पर जीवन के लिए खतरा नहीं होते हैं।