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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 17, 2019 11:52 AM IST
पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। विटामिन सी न केवल इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है, बल्कि ये कूल्हे के दर्द के लिए भी काफी फायदेमंद है। ©Shutterstock
सप्ताह भर के काम के बाद जब आप वीकेंड में आराम के मूड में होते हैं, तब लगता है शरीर के किसी खास हिस्से में खिंचाव और तनाव महसूस हो रहा है। खासकर ज्वाइंट्स और हिप बोन (Hip and joint pain) में। असल में यह हिप एरिया की मांसपेिशियों और बोन्स (Hip and joint pain) पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाल देने के कारण होता है। इनमें लॉन्ग वर्किंग आवर और एक ही पोजीशन में ज्यादा देर तक रहना सबसे बड़ी वजह है।
कूल्हे या हिप्स में दर्द (Hip and joint pain) महिलाओं और पुरुष दोनों को हो सकता है, लेकिन आमतौर पर यह समस्या महिलाओं को अधिक होती है। लगातार ज्यादा देर तक एक ही पॉजीशन में खड़ा रहना या लंबे समय तक बैठे रहने के भी हो सकते हैं दुष्प्रभाव। अकसर गलत तरीके से उठने-बैठने या असंतुलित जीवन शैली की वजह से जोडों में दर्द हो सकता है। पर अगर यह दर्द हिप्स (Hip and joint pain) में है तो इसे हल्के में न लें। हमारे आधे से ज्यादा शरीर का भार हिप्स पर ही होता है। एक्टिव लाइफ के लिए इनका भी हेल्दी होना जरूरी है। हिप्स पेन कई गंभीर बीमारियों की दस्तक हो सकता है।
फ्लूड की कमी हो जाने से हड्डियां आपस में रगड़ खाने लगती है, जिससे ये कमजोर हो जाती है। गिर जाने या बढ़ती उम्र के कारण भी इसकी हड्डियां टूटफूट सकती है। इसका संकेत हिप पेन ही है।
40 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं का मेटाबोलिज्म तेजी से कम होता है जिसकी वजह से उनकी हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है और ऐसे में किसी भी आन्तरिक हड्डी का टूटना या चटकना आम बात हो जाती है। इसीलिए अगर आपको कूल्हे में दर्द है तो आप इसे हल्के में न लें, बल्कि किसी अच्छे डॉक्टर के पास जायें।
अक्सर लोग स्मार्ट - सुंदर दिखने के लिए टाइट कपड़े पहनते हैं। टाइट कपड़े पहनने से कूल्हे की नसों (Hip and joint pain) पर दवाब पड़ता है जिसकी वजह से इनमें दर्द होना शुरू हो जाता है।
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है और कैल्शियम की कमी की वजह से कूल्हों में भी दर्द हो सकता है।
महिलाओं को पीरियड्स के दौरान सबसे अधिक दर्द पेट और कूल्हों में होता है और इसके अलावा टांगो में भी हल्का दर्द होता है।
एक गिलास पानी में एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर पीने से कूल्हे के दर्द में काफी आराम मिलता है। इसके अलावा ब्रोकली खाने से भी न सिर्फ कूल्हे का दर्द सही होता है, बल्कि पूरे शरीर के दर्द में भी आराम मिलता है। ब्रोकली में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो जोड़ों की सेहत लंबे समय तक बरकरार रखते हैं।
पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। विटामिन सी न केवल इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है, बल्कि ये कूल्हे के दर्द के लिए भी काफी फायदेमंद है। इसके अलावा सही साइज के जूते पहनकर, एक्सरसाइज करके और मोटापे को नियंत्रित रखकर भी आप हिप पेन से राहत पा सकते हैं।
हिप्स के दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए विटामिन ई युक्त चीजें बहुत फायदेमंद होती हैं। खासतौर पर बादाम में पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड सूजन और गठिया के लक्षणों को कम करने में मददगार होता है। बादाम के अलावा मछली और मूंगफली में भी पर्याप्त मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है।
कूल्हे के दर्द में लहसुन का सेवन अधिक से अधिक करें इससे काफी आराम मिलता है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि प्याज और लहसुन में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कूल्हे के दर्द में तुरंत आराम पहुंचाते हैं। इनके नियमित सेवन से कूल्हे केदर्द की शिकायत होने का खतरा काफी कम हो जाता है।
कूल्हों में यदि बहुत ज्यादा दर्द हो तो, तुरंत रिलीफ के लिए बर्फ रगड़ी जा सकती है। पर ध्यान रहे बर्फ को सीधे अप्लाई करने की बजाए, इसे कपड़े में लपेट कर दर्द वाले स्थान पर लगाएं। 10 से 15 मिनट तक 4 से 5 बर्फ के टुकड़ों का प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा बर्फ को प्लॉस्टिक के बैग में रखकर भी आप हिप्स की मसाज कर सकते हैं।
एक्सरसाइज से भी हिप पेन में राहत मिलती है। स्ट्रैचिंग या हल्के-फुल्के व्यायाम इस में मदद कर सकते हैं। स्विमिंग बहुत अच्छी कसरत है। यह हड्डियों पर ज्यादा दबाव नहीं डालती।