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Written By: Jitendra Gupta | Updated : October 27, 2020 12:08 PM IST
शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने पर इन 8 बीमारियों का भी बढ़ जाता है खतरा, दें ध्यान नहीं तो सेहत को पहुंचेगा नुकसान
खराब जीवनशैली और बिगड़ा हुआ खान-पान हमारे लिए कई रोगों का प्रमुख कारण है। इन्हीं में से एक है शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना। शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना एक ऐसी समस्या बन चुका है, जिसकी जद में बुजुर्ग से लेकर कम उम्र के व्यक्ति भी आ रहे हैं। यूरिक एसिड बढ़ने पर हमारी उंगलियों, घुटनों और एड़ियों में तेज दर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है। शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से कोई भी व्यक्ति कई गंभीर बीमारियों का भी शिकार हो जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर गठिया और किडनी पर होता हैं।
शरीर में यूरिक एसिड तब ज्यादा बनने लगता है, जब प्यूरीन नाम के यौगिक की अधिकता हमारे शरीर में अधिक हो जाती है। लेकिन एक बात जान लें कि यह हमारे खाने-पीने की चीजों से ही बढ़ता है। दरअसल यह एसिड हमारे खून में मिलकर किडनी तक पहुंचता है लेकिम जब शरीर में यूरिक एसिड अधिक बनने लगता है तो ये हमारी किडनी से बाहर निकाल नहीं पाता और रक्त में इसकी मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है। रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से हमारे शरीर में कई बीमारियों का खतरा बनने लगता है। इस लेख में हम आपको ऐसी ही बीमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका खतरा आपको ज्यादा हो जाता है।
ज्यादा पेशाब आनाः शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से आपको बार-बार पेशाब आने की समस्या से गुजरना पड़ता है। बार-बार पेशाब आने के कारण आपको डिहाइड्रेशन की समस्या भी हो जाती है, जिसके कारण आपके शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है।
पेशाब में जलन होनाः शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से आपको पेशाब में भी जलन की समस्या होने लगती है। अगर नियमित रूप से पेशाब में जलन रहे और समय पर इसका उपचार न किया जाए तो आपको यूटीआई इंफेक्शन का भी खतरा हो सकता है।
पीठ में दर्द रहनाः शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से आपको लगातार पीठ में दर्द रह सकता है और पीठ में दर्द की समस्या से आपकी रीढ़ की हड्डी में तेज दर्द हो सकता है।
पेशाब में खून आनाः शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से आपको पानी की कमी हो सकती है और पानी की कमी के कारण आपके पेशाब में खून भी आ सकता है। पेशाब में खून आना इस बात का संकेत है कि आप संक्रमण का शिकार हो सकते हैं।
उंगलियों में टेढ़ापनः शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से कुछ लोगों की पैरों की उंगुलियां भी टेढ़ी होने लगती है। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है तो ये इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ गई है।
गठिया का खतराः शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से छोटे-छोटे क्रिस्टल आपके हाथ-पैरों के जोड़ों में जमा होने लगते है, जिससे गठिया होने का खतरा रहता है। अगर आपको गठिया की शिकायत होती है तो आपके हाथों-पैरों में जकड़न होने लगती है।
गुर्दे की पथरीः जब यूरिक एसिड के छोटे-छोटे कण यूरिन नली में जमा होने लगते हैं तो आपको किडनी स्टोन यानी की गुर्दे की पथरी की समस्या होने लगती है और इस कारण ही आपके पेशाब में खून आने लगता है।
दिल की बीमारीः रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से ह्रदय संबंधी बीमारियों का खतरा रहता हैं। इसके साथ ही यूरिक एसिड लेवल बढ़ने से हार्ट अटैक आने का भी खतरा रहता हैं।
रोजाना सैर करें।
पानी अधिक पीना चाहिए।
व्यायाम करना चाहिए।
शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने पर हमें ब्रैड, अंडे, हरी सब्जियां, फल, दालों का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।