ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने से कभी भी पड़ सकता है दिल का दौरा, जानिए नॉर्मल व्यक्ति का ट्राइग्लिसराइड्स लेवल कितना होना चाहिए

बढ़ा हुआ ट्राइग्लिसराइड्स आपकी हार्ट हेल्थ के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि, इससे हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ सकता है। जानिए इसे अंडर कंट्रोल रखने के उपाय।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 17, 2025 2:56 PM IST

What Is Normal Levels Of Triglycerides: कोलेस्ट्रॉल का सीधा संबंध हमारी हार्ट हेल्थ से होता है। अगर शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल असंतुलित हो तो इससे हार्ट की बीमारियों का रिस्क बढ़ सकता है। बता दें कि,हमारे शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल पाए जाते हैं जिन्हें गुड कोलेस्ट्रॉल या एचडीएल (HDL Cholesterol) और बैड कोलेस्ट्रॉल या एलडीएल (LDL Cholesterol) कहा जाता है। शरीर में इन दोनों का लेवल बैलेंस में रहना अच्छी हेल्थ और हार्ट हेल्थ के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि, बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल जब शरीर में अधिक हो जाता है तो इससे हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ सकता (causes of rising risk of heart attack) है।

बैड कोलेस्ट्रॉल मोम जैसा एक चिकना पदार्थ है जो नसों में जमा हो जाता है। यह नसों की अंदरूनी दीवारों पर चिपक जाता है, जिससे नसें धीरे-धीरे संकरी होने लगती हैं। इन्हीं नसों के माध्यम से हार्ट और शरीर के अन्य हिस्सों के बीच खून की सप्लाई (Blood supply) होती है। लेकिन, जब नसें अंदर से सिकुड़ जाती हैं या संकरी होने लगती (narrowing of nerves) हैं तो इसके चलते ब्लड सर्कुलेशन की गति पर भी असर पड़ता है। कमजोर ब्लड फ्लो (blood flow) के कारण हार्ट के लिए खून पम्प करने की प्रक्रिया अधिक जटिल हो जाती है। ऐसी स्थिति में खून को पम्प करने के लिए हार्ट को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है और इस अतिरिक्त प्रेशर के चलते हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा (risk of stroke) बढ़ जाता है।

इससे ये समझा जा सकता है कि हार्ट अटैक से बचने के लिए व्यक्ति के शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर हेल्दी रहे। कोलेस्ट्रॉल को ट्राइग्लिसराइड भी कहा जाता है। ट्राइग्लिसराइड हार्ट हेल्थ से जुड़ा हुआ होता है और यह दिल का दौरा पड़ने (dil ka daura padne ke karan) जैसी स्थितियों का कारण भी बनता है। आइए जानते हैं किं, एक वयस्क और स्वस्थ् व्यक्ति के शरीर में Triglycerides का नॉर्मल लेवल क्या होना चाहिए।

कितना होना चाहिए ट्राइग्लिसराइड्स लेवल? (Normal levels of triglycerides in body)

ट्राइग्लिसराइड्स एक प्रकार का फैट है जो हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के साथ ही बढ़ जाता है। जब है ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल अधिक हो जाता है तो इससे हार्ट से जुड़ी नसों पर प्रेशर बढ़ने लगता है। हाई ट्राइग्लिसराइड्स लेवल हार्ट ब्लॉकेज का खतरा भी बढ़ा सकते हैं।

आमतौर पर एक हेल्दी और वयस्क व्यक्ति के शरीर में है ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर 150 तक होता है। इससे अधिक मात्रा में ट्राइग्लिसराइड्स को नॉर्मल से अधिक और 400 से ऊपर के ट्राइग्लिसराइड्स लेवल को बहुत हाई माना जाता है। यह वह लेवल है जब हार्ट को नुकसान पहुंचने का रिस्क सबसे अधिक होता है।

ट्राइग्लिसराइड कम करने के उपाय क्या हैं? (How to control High triglycerides)

  • फिजिकली एक्टिव रहें और रोजाना 25-30 मिनट कसरत करें।
  • योग और प्राणायाम का अभ्यास करें।
  • ऐसे फूड्स का सेवन कम करें जिनमें फैट की मात्रा अधिक होती है। तला-भुना और ऑयली फूड कम खाएं।
  • हाई-फाइबर फूड खाएं।
  • ताजे-फल, सब्जियां और स्प्राउट्स का सेवन करें।
  • शराब और स्मोकिंग से परहेज करेँ।
  • रोज 7-8 घंटें की नींद सोएं।
  • स्ट्रेस से बचें।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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