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शरीर में ज्यादा हीमोग्लोबिन होने से हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं, जानें क्या है इसकी नॉर्मल रेंज

High Hemoglobin Side Effects: यदि शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर नॉर्मल से ज्यादा हो जाए, तो इसके कारण कई तरह की गंभीर परेशानियां हो सकती हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

शरीर में ज्यादा हीमोग्लोबिन होने से हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं, जानें क्या है इसकी नॉर्मल रेंज
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Written by priya mishra |Published : May 23, 2024 10:50 AM IST

High Hemoglobin Side Effects: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमारे शरीर में सभी तरह के आवश्यक तत्वों का बैलेंस होना बेहद जरूरी है। ऐसा ही एक तत्व है 'हीमोग्लोबिन' जो हमारे रक्त में पाया जाता है। यदि इसका स्तर कम हो जाए, तो हमारे शरीर में कई तरह के रोग पैदा हो जाते हैं। वहीं, यदि इसका स्तर जरूरत से ज्यादा भी हो जाए, तब भी यह हमारे लिए काफी परेशानी का कारण बन सकता है। इसकी कमी के कारण आप खून की कमी के शिकार यानी एनीमिया से पीड़ित हो जाते हैं। वहीं, यदि शरीर में हीमोग्लोबिन जरूरत से ज्यादा हो जाए, तो आप हेमोक्रोमैटोसिस (Hemochromatosis) नामक रोग के शिकार हो जाते हैं। इस विषय पर जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के निदेशक डॉ अजय अग्रवाल से बातचीत की। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने जा रहे हैं कि शरीर में ज्यादा हीमोग्लोबिन होने के कारण कौन सी समस्याएं हो सकती हैं? आइए, जानते हैं विस्तार से -

हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ने से होने वाली दिक्कतें

शरीर में हीमोग्लोबिन खून के अंदर पाया जाने वाला एक तत्व है, जो हमारी रेड ब्लड सेल्स के भीतर उपस्थित होता है। हीमोग्लोबिन का काम हमारे शरीर में मौजूद ऑक्सीजन को अलग-अलग अंगों तक पहुंचाना होता है। रक्त में हीमोग्लोबिन बढ़ने की वजह बोनमैरो में रक्त बनने की प्रक्रिया में गड़बड़ी होना है। इसे मेडिकल भाषा में पॉलिसाइथीमिया (Polycythemia) कहते हैं। इसकी वजह से आपको कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए, जानते हैं शरीर में ज्यादा हीमोग्लोबिन होने से कौन-कौन सी दिक्कतें हो सकती हैं -

रक्त के थक्के बनना

हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ने से हमारा रक्त गाढ़ा होने लगता है और रक्त का प्रवाह भी प्रभावित होता है। वहीं गाढ़े रक्त के थक्के बनने लगते हैं, जिससे स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।

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नाक और आंतों में ब्लीडिंग

हीमोग्लोबिन बढ़ने से हमारी नाक और आंतों में ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है। रेड ब्लड सेल्स में आयरन की मात्रा अधिक होने के कारण इसका खतरा बढ़ जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर

शरीर में हीमोग्लोबिन ज्यादा होने से रक्त गाढ़ा हो जाता है, जिससे रक्त वाहिकाओं पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इसके कारण आपका ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जो लंबे समय में ह्रदय रोग, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियों का कारण बन सकता है।

अंगों को नुकसान

हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ने से लिवर, किडनी और स्प्लीन आदि प्रमुख अंगों पर अधिक जोर पड़ सकता है, जिससे ये अंग कमजोर होकर डैमेज हो सकते हैं।

दिमागी क्षमता पर प्रभाव

हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ने से आपके दिमाग की काम करने की क्षमता कमजोर हो सकती है। इसकी वजह से आपकी सोचने की क्षमता प्रभावित होती है। इससे आपको मेमोरी लॉस और कंफ्यूजन की स्थिति का भी सामना करना पड़ सकता है।

त्वचा में परिवर्तन

शरीर में ज्यादा हीमोग्लोबिन का स्तर ऑक्सीजन-रिच खून सतह के नजदीक जमा हो जाता है, जिससे चेहरे, हाथ और पैर लाल या बैंगनी रंग के हो सकते हैं।

क्या है हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर?

सामान्य मानव शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा 14-16 प्रति डेसीलीटर होती है। इसका स्तर पुरुषों में 15-16 तो वहीं महिलाओं में 13-14 प्रति डेसीलीटर होना चाहिए। इस स्तर से कम या ज्यादा होने पर हीमोग्लोबिन हमारे शरीर के लिए हानिकारक होने लगता है।

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Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।