
... Read More
बैड कोलेस्ट्रॉल (Bad Cholesterol) के बढ़ने पर होने वाली बीमारियों का दायरा बहुत व्यापक है, इसे केवल एक बीमारी या तकलीफ के रूप में नहीं देखा जा सकता, ज़रूरी है इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण विकसित किया जाए क्योंकि इसमें खानपान से लेकर हमारी रोजाना की आदतें भी शामिल हैं। देखा गया है कि आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली में अक्सर ऐसी समस्या को नज़रअंदाज़ किया जाता है। इसके साथ ही आज के दौर में जिस तरह हृदय रोग व ब्रेन स्ट्रोक का आंकड़ा बढ़ते हुए देखने को मिल रहा है, उसके बहुत से कारणों में से एक व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल का स्तर ख़राब होना भी है। यहां हम कुछ बिन्दुओं पर चर्चा करेंगे जो बैड कॉलेस्ट्रोल की समस्या के कारण व बहुत हद तक समाधान दे रहे हैं।
बैड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ते स्तर के लक्षणों की यदि बात करें तो सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि अक्सर शरीर में इसके बढ़ने के प्रत्यक्ष या कहें दिखाई देने वाले संकेत नहीं मिलते, और समय बीतने के साथ यही समस्या या कहें कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत बढ़ जाने पर यह तकलीफदेह लक्षणों या बीमारी के साथ सामने आता है, जिसमें छाती में दर्द, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, केरोटेड आर्टरी डिजीज समेत बहुत से हृदय रोग शामिल हैं।
- सबसे पहले ज़रूरी है कि नियमित रक्तजांच करवाएं, इसमें इसके लक्षण साफ़ नज़र आयेंगे। और यदि इस जांच में बैड कोलेस्ट्रॉल का संकेत मिलता है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और इसी नियमित जांच को जारी रखना चाहिए।
- उपचार के रूप में सबसे पहले ज़रूरी है कि व्यक्ति अपनी खानपान की आदतों पर नियंत्रण करें, जिसमें बहुत अधिक तला-भुना, मीट, मीठे खाद्यों के सेवन से दूरी बनाना शामिल है। इनका अत्यधिक सेवन बहुत कष्टदाई साबित हो सकता है। साथ ही खान-पान कर नियंत्रण का एक उद्देश्य वजन को भी नियंत्रित करना है। क्योंकि बढ़ते वजन के साथ हाई कोलेस्ट्रॉल समस्या को अधिक बढ़ा सकते हैं जिनका परिणाम हृदय रोगों में निकल सकता है।
- दवा के रूप में आपके सम्बंधित हृदय रोग विशेषज्ञ स्टेटिन्स नामक दवा लिख सकते हैं, लेकिन बिना परामर्श इसका सेवन बिलकुल भी न करें।
- कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के सबसे उपयुक्त उपाय में नियमित व्यायाम शामिल है। एक आम वयस्क को प्रतिदिन तकरीबन आधा घंटा नियमित व्यायाम करना चाहिए, इससे न केवल रक्तचाप नियंत्रित करने में मदद मिलती है बल्कि अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी मदद मिलती है।
- कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना बहुत से मामलों में अनुवांशिक भी हो सकता है। ऐसे में अपनी फैमिली हिस्ट्री पर नज़र रखें और बचाव के रूप में नियमित रक्त जांच करवाएं और किसी भी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें।
जिन लोगों का बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, उनके लिए भी उपरोक्त बातें कारगर हैं, लेकिन इन सब के साथ-साथ दवाएं नियमित लें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें।
(Inputs: Dr. D.K. Jhamb, Director & HOD, Interventional Cardiology, Sanar International Hospitals)