
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 2, 2020 8:41 PM IST
Diabetes Care during Covid-19 : कोरोना वायरस महामारी के मामले देश में बढ़कर 37 लाख से अधिक हो गए हैं। देश में कोरोना वायरस केसेस में लगातार होती बढ़ोतरी के बीच इसकी रोकथाम की भी पूरी कोशिशें हो रही हैं। खासकर ऐसे लोगों को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है, जिन्हें कोविड-19 इंफेक्शन के हाई रिस्क ग्रुप में गिना जा रहा है। 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में कोविड-19 का खतरा बहुत अधिक है क्योंकि, इन लोगों की कमज़ोर इम्यूनिटी के कारण इन्हें इंफेक्शन होने का रिस्क भी बहुत अधिक है। (Diabetes Care during Covid-19)
डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए कोरोना वायरस का खतरा कितना है इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोविड-19 के मामलों में डायबिटीज़ मरीज़ों की तादाद बहुत ज़्यादा है। लखनऊ में संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS) के कोविड -19 अस्पताल (RCH) में में हाल ही में भर्ती कराए गए लगभग 50 प्रतिशत कोविड मरीज़ों में डायबिटीज होने की बात पता चली। आरसीएच के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. आर.के. सिंह के अनुसार, "हमारे केंद्र में भर्ती कोविड-19 मरीज़ों में जिस बीमारी की समस्या सबसे अधिक लोगों को थी, वह डायबिटीज है। उसके बाद सबसे अधिक मामले हाई ब्लड प्रेशर के पाए गए। जबकि, अंगों की निष्क्रियता वाले मरीज़ों में सबसे ज्यादा मामले फेफड़े और लीवर से जुड़ी समस्याओं के हैं।"
कोविड-19 के खतरे को देखते हुएकेंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड -19 रोगियों में डायबिटीज की हिस्ट्री वाले मरीजों के मैनेजमेंट के लिए विशिष्ट दिशानिर्देश दिए हैं।
सिंह ने कहा, "मधुमेह शरीर के प्रत्येक हिस्से को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित करती है। इसलिए, जब शरीर कोविड -19 जैसे किसी संक्रमण से प्रभावित होता है। तो डायबिटीज़ को नियंत्रित रखने इसका सही मैनेजमेंट करना उतना ही चुनौतीपूर्ण है जैसे कई छेदों वाली बाल्टी में पानी भरना।"