बच्चों में हाई ब्लड शुगर का कारण हैं ये 5 चीजें, जानें किस तरह करें बच्चों में डायबिटीज कंट्रोल

Diabetes in kids in hindi : ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थकेयर एंड एक्सीलेंस ने बच्चों में डायबिटीज के टेस्ट करने की सलाह दी अगर वो इन जोखिम कारकों के बीच हैं।

WrittenBy

Written By: Jitendra Gupta | Published : June 10, 2022 1:14 PM IST

Diabetes in kids in hindi : हम में से ज्यादातर लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि अगर डायबिटीज (Diabetes in hindi) को सही तरीके से कंट्रोल न किया जाए तो ये गंभीर चिंता और परिणाम का कारण बन सकती है। इतना ही नहीं डायबिटीज शरीर के जरूरी अंगों व ऊत्तकों जैसे दिल, किडनी, लिवर और आंख को नुकसान पहुंचाने का काम करती है।

युवा, डायबिटीज (Diabetes in kids)के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं और एक्सपर्ट की मानें तो दुनियाभर में टाइप-1 के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थकेयर एंड एक्सीलेंस ने बच्चों में डायबिटीज के टेस्ट करने की सलाह दी अगर वो इन जोखिम कारकों के बीच हैं।

बच्चों में डायबिटीज के जोखिम कारक (Diabetes risk factor in kids)

1-अगर परिवार में किसी को डायबिटीज हो।

2-उन्हें मोटापा हो।

3-एशियाई मूल के निवासी हो।

4-इंसुलिन रेजिस्टेंस के सबूत हो।

5-टाइप 1 और 2 डायबिटीज से पीड़ित युवाओं के लिए बेहतर परिणाम प्राप्त करने हैं तो शुरुआत में पता लगाना बहुत ही जरूरी है।

बच्चों में डायबिटीज के लक्षण (Diabetes symptoms in kids in hindi)

डायबिटीज के लक्षण हर व्यक्ति में लगभग एक समान ही होते हैं और डॉक्टर का मानना है कि किशोरों में टाइप-1 डायबिटीज के लक्षण बहुत तेजी से बदलते हैं और इसलिए उन्हें तुरंत उपचार की जरूरत है। आप इन लक्षणों को देखकर पता लगा सकते हैं डायबिटीज के लक्षणः

1-बहुत तेज प्यास या पेशाब लगना।

2-तेजी से वजन कम होना।

3-थकान

4-चिढ़चिढ़ापन बढ़ना

5-धुंधला-धुंधला दिखाई देना।

इनमें से ज्यादातर लक्षण टाइप-1 डायबिटीज में दिखाई देते हैं। जरूरी नहीं कि सभी लक्षण आपके शरीर में ही दिखाई दें और जिसकी वजह से कुछ वर्षों के दौरान ये समस्या टाइप-2 डायबिटीज में तब्दील हो जाती है।

कैसे करें डायबिटीज को कंट्रोल (How to manage diabetes in Kids in hindi)

शुरू में पहचान और डायबिटीज को कंट्रोल करने पर ध्यान देने से इस बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त हो सकता है। हालांकि युवाओं के लिए सही वजन बनाए रखना और मोटापा कंट्रोल करना बहुत ही जरूरी है क्योंकि ये डायबिटीज को बढ़ाने का काम करता है।

हेल्दी वजन बनाए रखेंः किशोरों और बच्चों को हेल्दी डाइट फॉलो करनी चाहिए और खूब एक्सरसाइज करनी चाहिए ताकि वो फिट रह सकें।

शुगर फ्री डाइट फॉलो करेंः शुगर फूड यानी मीठी चीजों का सेवन इंसुलिन गतिविधियों को बिगाड़ने का काम करती है इसलिए हेल्दी, पोषण से भरी डाइट डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए बहुत ही जरूरी है।

चेक-अप कराते रहेंः अगर आपके घर में किसी को डायबिटीज है तो आपको भी अपना टेस्ट कराने की जरूरत है ताकि जल्द से जल्द इस बीमारी का पता लगाया जा सके और इसे कंट्रोल किया जा सके।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source