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हाई ब्लड प्रेशर (High BP), जिसे उच्च रक्तचाप कहा जाता है। यह एक बेहद आम, लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। यह बिना किसी लक्षण के ही शरीर पर असर डालता है, इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। कई बार व्यक्ति को सालों तक पता ही नहीं चलता है कि, उसका ब्लड प्रेशर ब्लड हुआ है। हाई बीपी की वजह से दिल और रक्त नलिकाओं पर लगातार दबाव बना रहता है, इसकी वजह से हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकता है। इसलिए इसे दिल की धड़कन रोक देने वाला साइलेंट किलर कहा जाता है।
जब ब्लड प्रेशर सामान्य से ज्यादा रहता है, तो दिल को शरीर में खून पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। जब ब्लड प्रेशर लंबे समय तक बढ़ा हुआ रहता है तो दिल की मांसपेशियां प्रभावित हो जाती हैं। इससे खून की नलिकाएं सख्त हो जाती हैं। इस स्थिति में दिल तक खून का प्रवाह सही तरीके से नहीं हो पाता है और दिल की कार्यक्षमता प्रभावित हो जाती है। इसकी वजह से दिल के लिए काम करना मुश्किल हो जाता है और हृदय रोग विकसित होने लगते हैं।
मेरे अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर को लेकर सबसे जरूरी बात जागरूकता है। क्योंकि इसके लक्षण साफ नहीं दिखाई देते हैं। इसलिए नियमित जांच से ही बीपी का पता लगाया जा सकता है। अगर सही समय पर इसका पता चल जाए, तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इस स्थिति में दिल को होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी स्थिति है, जिसे गंभीरता से लेना बहुत जरूरी है। समय पर सही देखभाल और हेल्दी आदतों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इससे दिल की सेहत में भी सुधार होगा।