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हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन (High blood pressure or hypertension) को डॉक्टर्स 'साइलेंट किलर' के रूप में जानते हैं क्योंकि इस रोग का कोई साफ संकेत नजर नहीं आता है, जो बता सके कि आपके शरीर में किस प्रकार की दिक्कत हो रही है। कई लोग अनजाने में ही बिना वर्षों तक हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure or hypertension ) की समस्या से पीड़ित रहते हैं। ये स्थिति लक्षणहीन होती है लेकिन इस बात को जानना बहुत ही जरूरी है कि ये स्थिति काफी हानिकारक है, खासकर उन लोगों के लिए जो हाइपरटेंसिव क्राइसिस जोन (hypertensive crisis zone) के करीब हैं। लगातार हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure or hypertension ) से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है और अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो ये घातक भी सिद्ध हो सकता है। इस लेख में हम आपको ये बताने की कोशिश कर रहे हैं कि हाइपरटेंसिव चीज का मतलब क्या है और किन लोगों को इसका ज्यादा खतरा है। तो आइए जानते हैं।
हाइपरसेंसिटिव क्राइसेस एक ऐसी स्थिति है, जब आपकी रक्त वाहिकाओं की वॉल के साथ बहने वाले रक्त का दबाव खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है, जिससे स्ट्रोक हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure or hypertension ) एक क्रॉनिक स्थिति है, जिसे दवाओं और जीवनशैली में बदलाव के साथ नियंत्रित किया जा सकता है। अगर इसे बिना उपचार के छोड़ दिया जाए तो ये निम्नलिखित खतरे पैदा कर सकता हैः
हर व्यक्ति के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि अपने ब्लड प्रेशर (High blood pressure or hypertension ) की रीडिंग को कैसे ठीक-ठीक पढ़ें। जब रीडिंग खतरे के स्तर तक पहुंचती है तो आपके लिए चीजों को संभालना आसान हो जाता है। ब्लड प्रेशर को दो संख्याओं के रूप में लिया जाता है, सिस्टोलिक (High blood pressure or hypertension ) और डायस्टोलिक (low blood pressure) और इसे एमएमएचजी (mm Hg) के रूप में मापा जाता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, ब्लड प्रेशर की पांच श्रेणियां होती हैं।
नार्मल: 120/80 एमएमएचजी से कम
बढ़ा हुआ: 120 से 129एमएमएचजी सिस्टोलिक और डायस्टोलिक 80 एमएमएचजी से कम।
हाई ब्लड प्रेशर स्टेज 1: सिस्टोलिक 130 से 139 एमएमएचजी या डायस्टोलिक 80 से 89 एमएमएचजी।
हाई ब्लड प्रेशर स्टेज 2: ब्लड प्रेशर का लगातार 140 एमएमएचजी बना रहना सिस्टोलिक या डायस्टोलिक का 90 एमएमएचजी या इससे ऊपर।
हाइपरटेंसिव क्राइसेस: 180/120 एमएमएचजी से अधिक रीडिंग हाइपरटेंसिव क्राइसेस कहलाती है, जिसमें स्ट्रोक या हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
हाइपरटेंसिव मामलों में, रक्त वाहिका में सूजन हो जाती है और द्रव या रक्त का रिसाव हो सकता है। इसके कारण, हृदय को रक्त को प्रभावी ढंग से पंप करना मुश्किल हो जाता है, जिससे दिल का दौरा या दिल का दौरा पड़ता है।
आंकड़ों के अनुसार, पुरुषों को महिलाओं की तुलना में इस रोग का खतरा अधिक होता है। उम्र, डायबिटीज, हाई ब्लडल कोलेस्ट्रॉल लेवल और क्रोनिक किडनी रोग के कारण भी हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure or hypertension ) की आपात स्थितियों का खतरा बढ़ जाता है।