बढ़ती उम्र के साथ याददाश्त को नुकसान पहुंचाता है छुपा हुआ तनाव- रिसर्च

अक्सर लोग सिर्फ बाहरी तनाव के बारे में बात करते हैं। लेकिन छुपा हुआ तनाव भी उतना ही गंभीर होता है। छुपा हुआ तनाव दिमाग की नसों को डैमेज करता है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 28, 2026 4:52 PM IST

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में मानसिक तनाव आम बात बन चुकी है। बिना बात के गुस्सा, चिंता और दबाव मानसिक तनाव के लक्षण माने जाते हैं। बाहरी तनाव के लक्षण तो दुनिया को नजर आते हैं, लेकिन आतंरिक तनाव का सामना करना कई बार मुश्किल हो जाता है। पबमेड सेंट्रल की बेवसाइट पर छपी रिसर्च बताती है कि आंतरिक तनाव यानि की जो बाहर से दिखाई नहीं देता है, वो सिर्फ तत्काल प्रभाव से नहीं बल्कि लंबे समय में दिमाग के साथ- साथ शरीर को भी नुकसान पहुंचाता है। छुपा हुआ तनाव उम्र बढ़ने के साथ आपकी याददाश्त को कमजोर कर सकता है। छुपे हुए तनाव को लंबे समय तक इग्नोर किया जाए तो इससे शरीर में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

क्या होता है Hidden stress?

रिसर्च बताती है कि Hidden stress वह मानसिक दबाव है जिसे व्यक्ति खुलकर व्यक्त नहीं कर पाता है। जैसे किसी अन्य व्यत्ति के सामने अपनी भावनाओं को दबाकर रखना, कई लोगों के बीच में रहकर भी अकेलापन महसूस करना, निराशा, परिवार और समाज का किसी प्रकार का दवाब हर समय खुद पर महसूस करना। जब लोग अपनी भावनाओं को अंदर ही अंदर दबाते रहते हैं, तो यह internalizing stress बन जाता है, जो समय के साथ दिमाग पर बुरा असर डालता है।

stress free मानसिक तनाव को कभी भी सामान्य नहीं समझना चाहिए।

Hidden stress आपके दिमाग को कैसे प्रभावित कर रहा है?

  1. रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जब आप तनाव में होते हैं, तो शरीर कोर्टिसोल नाम का हार्मोन रिलीज करता है। थोड़ी मात्रा में यह फायदेमंद होता है लेकिन लंबे समय तक ज्यादा कोर्टिसोल दिमाग को नुकसान पहुंचाता है। शरीर में तनाव के कारण ज्यादा कोर्टिसोल हार्मोन होने से दिमाग के मेमोरी सेंटर के डैमेजक को खतरा रहा है। इससे इंसान के शरीर को पुरानी के साथ- साथ नई बातों को याद करने में भी परेशानी होती है।
  2. लंबे समय तक तनाव दिमाग का आकार कोकम कर सकता है। इससे व्यक्ति के सोचने और समझने की क्षमता कम होने लगती है। बढ़ती उम्र में यह समस्या ज्यादा रहे तो आपको छोटी- छोटी चीजों को भी याद रखने में परेशानी आ सकती है।
  3. तनाव के कारण नई जानकारी को दिमाग में इकट्ठा करना मुश्किल हो जाता है। पुरानी यादों को रीकॉल करना भी कठिन हो जाता है।
  4. रिसर्च के अनुसार, जिन लोगों में निराशा ज्यादा होती है, उनमें मेमोरी लॉस तेजी से देखा गया। इससे ध्यान केंद्रित न कर पाना, थकान, शारीरिक सुस्ती, नींद की समस्या और बिना कारण उदासी की समस्या हो सकती है।

उम्र बढ़ने पर क्यों ज्यादा खतरनाक है?

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है दिमाग के सेल्स धीरे - धीरे कमजोर होने लगते हैं। इस समय में आपके दिमाग में छिपा हुआ तनाव मौजूद हो तो मेमोरी लॉस तेजी से होता है। इसके कारण कई लोगों में अल्जाइमर का खतरा भी बढ़ता है।

Disclaimer: रिसर्च के आधार पर ऐसा कहा जा सकता है कि छुपा हुआ तनाव एक साइलेंट किलर की तरह है जो बिना दिखे आपके दिमाग को नुकसान पहुंचाता रहता है। खासकर उम्र बढ़ने के साथ इसका प्रभाव और गंभीर हो जाता है। अगर हम समय रहते अपने भवानात्मक तनाव को पहचानकर उसे मैनेज करें, तो हम अपनी मेमोरी और ब्रेन हेल्थ को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।

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