
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 28, 2026 4:52 PM IST
सिर्फ बाहरी तनाव नहीं, बल्कि अंदर छिपे तनाव को समझना जरूरी है।
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में मानसिक तनाव आम बात बन चुकी है। बिना बात के गुस्सा, चिंता और दबाव मानसिक तनाव के लक्षण माने जाते हैं। बाहरी तनाव के लक्षण तो दुनिया को नजर आते हैं, लेकिन आतंरिक तनाव का सामना करना कई बार मुश्किल हो जाता है। पबमेड सेंट्रल की बेवसाइट पर छपी रिसर्च बताती है कि आंतरिक तनाव यानि की जो बाहर से दिखाई नहीं देता है, वो सिर्फ तत्काल प्रभाव से नहीं बल्कि लंबे समय में दिमाग के साथ- साथ शरीर को भी नुकसान पहुंचाता है। छुपा हुआ तनाव उम्र बढ़ने के साथ आपकी याददाश्त को कमजोर कर सकता है। छुपे हुए तनाव को लंबे समय तक इग्नोर किया जाए तो इससे शरीर में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
रिसर्च बताती है कि Hidden stress वह मानसिक दबाव है जिसे व्यक्ति खुलकर व्यक्त नहीं कर पाता है। जैसे किसी अन्य व्यत्ति के सामने अपनी भावनाओं को दबाकर रखना, कई लोगों के बीच में रहकर भी अकेलापन महसूस करना, निराशा, परिवार और समाज का किसी प्रकार का दवाब हर समय खुद पर महसूस करना। जब लोग अपनी भावनाओं को अंदर ही अंदर दबाते रहते हैं, तो यह internalizing stress बन जाता है, जो समय के साथ दिमाग पर बुरा असर डालता है।
मानसिक तनाव को कभी भी सामान्य नहीं समझना चाहिए।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है दिमाग के सेल्स धीरे - धीरे कमजोर होने लगते हैं। इस समय में आपके दिमाग में छिपा हुआ तनाव मौजूद हो तो मेमोरी लॉस तेजी से होता है। इसके कारण कई लोगों में अल्जाइमर का खतरा भी बढ़ता है।
Disclaimer: रिसर्च के आधार पर ऐसा कहा जा सकता है कि छुपा हुआ तनाव एक साइलेंट किलर की तरह है जो बिना दिखे आपके दिमाग को नुकसान पहुंचाता रहता है। खासकर उम्र बढ़ने के साथ इसका प्रभाव और गंभीर हो जाता है। अगर हम समय रहते अपने भवानात्मक तनाव को पहचानकर उसे मैनेज करें, तो हम अपनी मेमोरी और ब्रेन हेल्थ को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।
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