
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Updated : September 18, 2025 1:24 PM IST
What is Hernia in Hindi: हर्निया एक ऐसी समस्या है, जिसमें शरीर का कोई अंग या ऊतक बाहर निकल आता है। इसकी वजह से एक उभार या गांठ दिखाई देती है। जब पेट पर भार पड़ता है, तो यह समस्या हो सकती है। आसान भाषा में समझाए तो हर्निया तब होता है, जब शरीर का कोई अंदरूनी हिस्सा जैसे- आंत या फैट टिश्यू अपनी जगह से बाहर निकल आते हैं। इससे पेट पर एक उभार या गांठ नजर आती है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। हालांकि, महिलाएं भी इससे अछूती नहीं हैं। पुरुषों में तो यह अक्सर साफ़ दिखाई देता है, लेकिन महिलाओं में इसके लक्षण ज़्यादातर अंदरूनी रहते हैं, जिस वजह से इसे जल्दी पकड़ पाना मुश्किल हो जाता है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि हर्निया अचानक से होता है। जबकि, ऐसा बिल्कुल नहीं है। हर्निया के शुरुआती लक्षण नजर आते हैं। पेट में दर्द, भारीपन और सूजन जैसी समस्याएं हर्निया के आम लक्षण हो सकते हैं। बार-बार गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग होना हर्निया का संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों के महसूस होने पर आपको डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करना चाहिए। आइए, फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग में जनरल एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. पंकज शर्मा से विस्तार से जानते हैं हर्निया के लक्षण, कारण और इलाज-
जब कोई व्यक्ति ऐसी शारीरिक गतिविधि करता है, जिससे पेट पर दबाव बढ़ता है तो इससे हर्निया का जोखिम बढ़ सकता है। जैसे-अगर कोई बार-बार भारी सामान उठाता है तो इससे पेट की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और हर्निया हो सकता है।
अगर आपको लंबे समय से खांसी की समस्या बनी हुई है तो इस स्थिति में हर्निया का जोखिम बढ़ सकता है। दरअसल, बार-बार खांसी होने से पेट पर दबाव पड़ता है। इससे हर्निया की दिक्कत हो सकती है।
कब्ज होने पर मल त्याग के दौरान जोर लगता है। इससे पेट पर दबाव पड़ता है और इसकी वजह से हर्निया हो सकता है।
मोटापा भी हर्निया के जोखिम को बढ़ाता है। जिन लोगों का वजन अधिक होता है, उनका पेट पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इससे हर्निया हो सकता है।
कुछ मामलों में हर्निया आनुवंशिक या जन्मजात भी हो सकता है। यानी अगर आपके परिवार में किसी को हर्निया है, तो अगली पीढ़ी में इसका जोखिम ज्यादा रहता है।
हर्निया रोग का समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी होता है। अगर हर्निया का इलाज न कराया जाए तो इससे आंतों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। आपको बता दें कि ज्यादातर मामलों में हर्निया का इलाज लेप्रोस्कोपिक सर्जरी और रोबोटिक तकनीक की मदद से किया जाता है। हर्नियों के इलाज के लिए कई तरह की सर्जरी की जाती है। इसमें शामिल हैं-
ज्यादातर लोगों को लगता है कि हर्निया सिर्फ पुरुषों को होता है, लेकिन यह सच नहीं है। महिलाओं को भी हर्निया की दिक्कत हो सकती है। इसलिए महिलाओं को भी पेट दर्द और बार-बार होने वाली ब्लोटिंग को नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में आपको अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन कराना चाहिए। इसके साथ ही, महिलाओं को कुछ जरूरी सावधानियां भी अपनानी चाहिए।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
नहीं, हर्निया में चाय नहीं पीनी चाहिए। कैफीन से हर्निया रोगियों को दिक्कत हो सकती है।
हर्निया में आपको भारी सामान उठाने से परहेज करना चाहिए। धूम्रपान और शराब का सेवन न करें। ज्यादा तनाव से भी बचें।
हर्निया रोगियों को मसालेदार और तले हुए भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। अन्यथा, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं बन सकती हैं।
हर्निया रोगियों को पेट में गांठ दिख सकती है। इसकी वजह से पेट में गंभीर दर्द हो सकता है।