... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Published : October 10, 2017 1:02 PM IST
दिनभर काम करने और और बसों- लोकल ट्रेनों में सफर करने के बाद, आपको खतरनाक बैक्टेरिया को साफ करनेवाले एंटी-बैक्टीरियल साबुन जैसी चीज़ों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। लेकिन अगर आपको लगता है कि एक एंटी-बैक्टीरियल साबुन साधारण साबुन से अधिक प्रभावी हो सकता है, तो एक बार फिर से सोचें। यहां हम बताते हैं कि एक साधारण साबुन की बजाय एंटी-बैक्टीरियल साबुन का उपयोग करना एक अच्छा विचार क्यों नहीं है।
एंटी-बैक्टीरियल साबुन कितने प्रभावी हैं?
साबुन पर लगा ‘एंटी-बैक्टीरियल’ लेवल, यह बताता है कि साबुन में कुछ विशेष एजेंट होते हैं, जिनका काम बैक्टेरिया को खत्म करना है। ज़्यादातर एंटी-बैक्टीरियल साबुन में यह केमिकल एजेंट ट्राइक्लोसन या ट्रिकलोवरबर्न (triclosan or triclocarban) होता है। कई रिसर्चर्स ने पाया कि ये केमिकल्स एंडोक्राइन डिस्ट्रपटर्स (endocrine disruptors) के रूप में काम कर सकते हैं।[1] ट्राइक्लोसन के लंबे समय तक सम्पर्क से उत्पन्न होने वाले खतरों में पीनट एलर्जी (peanut allergy) और हे फीवर (hay fever) जैसे एलर्जी (विशेषकर बच्चों में) होने का खतरा बढ़ सकता है।[2] एफडीए (FDA) भी इन जर्म-फाइटर्स में पाए जाने वाले केमिकल्स के संभावित खतरों के बारे में चेतावनी देता है। लेकिन इन सबके बीच आपको यह समझने की ज़रूरत है कि सभी प्रकार के साबुन कीटाणुओं को मारते हैं और बैक्टेरिया या जर्म्स को मारने के लिए आपको इन अतिरिक्त एंटीमाइक्रोबियल केमिकल्स की ज़रूरत नहीं होती है।
इसके अलावा, एंटी-बैक्टेरियल साबुन में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बैक्टीरिया बनाने की क्षमता होती है। दरअसल, एएमए (AMA) दावा करती है कि एंटी-बैक्टेरियल साबुन और स्क्रब (scrubs) के बहुत अधिक इस्तेमाल करने के बाद पहले से अधिक शक्तिशाली और अधिक खतरनाक रोगाणु पैदा होते हैं।
हाथों की सफाई का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
एंटी-बैक्टेरियल साबुन का उपयोग करने की बजाय, आप केवल साधारण साबुन और पानी के साथ अपने हाथ धो सकते हैं। आप नींबू का रस जैसे नैचुरल एंटी-बैक्टेरियल तत्वों का उपयोग करके भी कीटाणुओं को पनपने से रोक सकते हैं, जो बैक्टेरिया सेल्स के पीएच को एक एसिडिक माहौल में बदल देता है और बैक्टेरिया खत्म हो जाते हैं। इसी तरह अन्य प्राकृतिक एंटी-बैक्टेरियल तत्व आमतौर पर नमी में उपजनेवाले बैक्टीरिया को सूखा देते हैं। इसीलिए सुरक्षित साबुन का इस्तेमाल करें! अगर आप एक सैनिटाइजर का उपयोग कर रहे हैं, तो कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाला सैनिटाइज़र ही इस्तेमाल करें जिसमें मॉइस्चराइज़र भी हो।
Read this in English.
अनुवादक-Sadhna Tiwari
चित्रस्रोत-Getty images.
संदर्भ- [1] Feng, Y., Zhang, P., Zhang, Z., Shi, J., Jiao, Z., & Shao, B. (2016). Endocrine Disrupting Effects of Triclosan on the Placenta in Pregnant Rats. PLoS ONE, 11(5), e0154758. https://doi.org/10.1371/journal.pone.0154758.
[2] Tobar, S., Tordesillas, L., & Berin, M. C. (2016). Triclosan promotes epicutaneous sensitization to peanut in mice. Clinical and Translational Allergy, 6, 13. https://doi.org/10.1186/s13601-016-0102-2