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Written By: Atul Modi | Published : June 24, 2021 5:43 PM IST
Image credits by: आइए नेत्र स्वास्थ्य से संबंधी कुछ स्थितियों पर चर्चा करें, यदि इनमें से कोई भी आपको बार-बार होने वाले लक्षण हैं, तो विस्तृत विश्लेषण के लिए तुरंत अपने नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें।
हमारे शरीर में हमारी आंखें बेहद अनमोल अंग हैं, लेकिन इसके बावजूद हम अपनी आंखों का ख्याल ठीक से नहीं रखते हैं, और आंखों में होने वाली परेशानियों को नज़रअंदाज करते हैं। जब हमें अपनी दृष्टि से संबंधित लगातार समस्याएं होने लगती हैं, तभी हम अपनी आंखों को लेकर सतर्क होते हैं। हालांकि उम्र बढ़ने के साथ कभी-कभी आंखों की रोशनी कम होना आम बात है, लेकिन आंखों की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी लोगों में कम उम्र से ही व्याप्त है।
हमारी आंखों को स्वस्थ्य रखने के लिए कुछ पोषक तत्वों जैसे जिंक, कॉपर, विटामिन सी, ई, बीटा कैरोटीन आदि की आवश्यकता होती है, जो आंखों के ऊतकों के स्वास्थ्य को बनाए रखता है, लेकिन इनमें असंतुलन के परिणामस्वरूप विभिन्न नेत्र स्वास्थ्य चेतावनी के संकेत हो सकते हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शीतल किशनपुरिया (Dr. Sheetal Kishanpuria) का कहना है कि, 'नेत्र स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर सतर्कता, खतरनाक परिणामों से होने वाले बड़े नुकसान को कम कर सकती है। अपने सर्वोत्तम नेत्र स्वास्थ्य के लिए रेड फ्लेग की पहचान करने के लिए समय-समय पर एक नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास नियमित रूप से जाना चाहिए।'
धुंधली दृष्टि या दोहरी दृष्टि होने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें कॉर्निया लेंस, रेटिना या ऑप्टिक तंत्रिका इसकी वजह हो सकती हैं, जो कई अंतर्निहित स्थितियों के परिणामस्वरूप धुंधली दृष्टि का कारण बन सकती हैं। इनके बारे में जानने के लिए विस्तृत व्यापक नेत्र जांच की आवश्यकता होती है। आंखों की प्रतिबंधित गति इसका लक्षण हो सकती है। बेहद खराब स्थिति में आंखों के इलाज के लिए सर्जरी की जा सकती है। इस बीमारी से आपकी कोई भी आंख ग्रसित हो सकती है और एक साथ दोनों आंखे भी इसका शिकार हो सकती है। हालांकि ऐसी स्थिति में अस्थायी अवधि के लिए आंखों का व्यायाम या चश्मा कभी-कभी आपकी आखों को ठीक करके आपको सर्जरी से बचा सकता है।
जिन लोगों की कम रोशनी की स्थिति में दृश्य तीक्ष्णता कम हो गई है, उनके लिए यह एक खतरनाक संकेत हो सकता है, जिसके चलते वे रतौंधी, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा या मायोपिया के शिकार हो सकते हैं। इसका कारण संभवतः लेंस की बीमारी या मैक्युला (रेटिना का हिस्सा) हो सकता है। प्रकाश को समझने के लिए डिजाइन किए गए रेटिना में विशेष कोशिकाएं कभी-कभी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे कम रोशनी की स्थिति में स्पष्ट दृष्टि को संसाधित करने की क्षमता कम हो जाती है। इस बारे में पता लगने पर तत्काल नेत्र चिकित्सक से परामर्श के जरिए दृष्टि में सुधार किया जा सकता है।
लम्बे समय तक आंखों का लाल रहना सामान्य नहीं है और अगर आंखों में दर्द, खुजली, आंख से पानी आना, आंखों में सूजन, प्रकाश संवेदनशीलता या धुंधली दृष्टि के लक्षण हैं, तो यह आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। लम्बे समय तक कान्टेक्ट लेंस पहनना, लगाकर कम्प्यूटर पर काम करना, एलर्जी और संक्रमण आदि आंखों के लाल होने का कारण हो सकते हैं। एक सप्ताह से अधिक समय तक आंखों का लाल रहना किसी प्रकार की गंभीरता का संभावित संकेत हो सकता है। ऐसा होने की स्थिति में तत्काल अपने नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें।
दर्दनाक पीड़ादायक आंखें खुद ठीक हो जाती हैं, लेकिन कभी-कभी यह दिखाई देने से अधिक गंभीर होती हैं, जिसके परिणामस्वरूप दृष्टि हानि, सिरदर्द, प्रकाश संवेदनशीलता, मतली या उससे भी अधिक अन्य लक्षण पैदा हो सकते हैं। ऐसा होने की स्थिति में आंखों के बेहतर उपचार के लिए तत्काल नेत्र परीक्षण करवाना अनिवार्य है, ताकि संभावित बीमारी को समय रहते ठीक किया जा सके। यह समस्या कॉर्निया, आईरिस, अतिरिक्त-ओकुलर मांसपेशियों, तंत्रिकाओं या आंख के अन्य हिस्सों से हो सकती है, जबकि सूजन एक अंतर्निहित जीवाणु संक्रमण, थायराइड ऑप्थेल्मोपैथी, ट्यूमर या अन्य कारण की वजह से हो सकती है। समय पर नेत्र चिकित्सक से परामर्श के जरिए इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
जब एक काला बादल प्रकाश के साथ आपके दृष्टि क्षेत्र में आता है या आपके दृश्य को अवरुद्ध करता है तो यह आपकी आंखों के पीछे के हिस्से में कुछ गलत होने का एक ऑप्टिकल संकेत हो सकता है। इस तरह के लगातार लक्षण दृष्टि के नुकसान का कारण बन सकते हैं। चमकती रोशनी, रेटिनल डिटेचमेंट, सिकुड़ते नेत्रकाचाभ द्रव, आंखों से रक्तस्राव, स्ट्रोक या माइग्रेन आदि का कारण बन सकती है। अगर आपको ऐसे लक्षण महसूस हो रहे हैं तो ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द अपने नेत्र चिकित्सक से परामर्श करें। हालांकि इस समस्या के समाधान के लिए आपकी आंख की सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है।
(Inputs: Dr. Sheetal Kishanpuria, Senior Consultant, Sharp Sight Eye Hospitals)
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