
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
World Hepatitis Day 2022: हेपेटाइटिस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिन (World Hepatitis Day 2022) मनाया जाता है। यह दिन डॉ. बरुच ब्लूमबर्ग (birthday of Dr Baruch Blumberg) का जन्मदिन भी है जिन्होंने हेपेटाइटिस बी वायरस (hepatitis B virus) की खोज की थी। इसके साथ ही उन्होंने ही हेपेटाइटिस वायरस का पता लगाने वाले ब्लड टेस्ट (blood test for hepatitis B) को तैयार किया था और हेपेटाइटिस की वैक्सीन (vaccine for hepatitis B) भी उन्होंने ही बनायी थी। वर्ल्ड हेपेटाइटिस दिवस के आयोजन के पीछे मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में वायरल हेपेटाइटिस के बारे में लोगों को सही जानकारी पहुंचाना, हेपेटाइटिस के मामलों को बढ़ने से रोकने और वैश्विस स्तर पर हेपेटाइटिस से जुड़ी स्थिति में बदलाव लाना है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार हेपेटाइटिस लीवर में सूजन (inflammation of the liver) से जुड़ी हुई एक स्थिति है। डॉ. के. विनोदिनी (Dr.K. Vinodini Senior Consultant Microbiologist Neuberg Diagnostics) के अनुसार, हेपेटाइटिस मुख्य रुप से 5 तरह के वायरस की वजह होने वाली बीमारी है। हेपेटाइटिस वायरस के प्रकार हैं-
वहीं, कुछ समय पहले ही हेपेटाइटिस जी ( Hepatitis G) का भी पाया गया है। हालांकि, यह भी पाया गया है कि हेपेटाइटिस जी का संबंध हेपेटाइटिस ए या ई के वायरस से बिल्कुल नहीं है। हेपेटाइटिस बी,सी और डी (Hepatitis D) संक्रमण का प्रसार इंफेक्टेड ब्लड (infected blood) और शरीर से निकलने वाले अन्य लिक्विड (body fluids) के जरिए होता है। वहीं इन वजहों से भी हेपेटाइटिस का प्रसार (High-risk practices for hepatitis) हो सकता है-
वहीं, हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस ई का प्रसार आमतौर पर दूषित पानी पीने या दूषित भोजन खाने (contaminated food and water) से होता है।
डॉ.विनोदिनी के अनुसार, अक्यूट या गम्भीर हेपेटाइटिस (acute hepatitis) में मरीज में इस तरह के लक्षण (symptoms of acute hepatitis) दिखायी दे सकते हैं-
वहीं, जब लीवर को बहुत अधिक नुकसान (liver is damaged) पहुंचता है तो इस तरह के लक्षण दिखायी देते हैं-

डॉ. विनोदिनी का कहना है कि भले ही हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों में इंफेक्शन के कई साल बाद (और कुछ में 10 साल के बाद) भी लक्षण नहीं दिखायी देते और लीवर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचता ही रहता है। इसीलिए, नियमित स्क्रीनिंग कराना इन बीमारियों के जल्द निदान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। अर्ली डिटेक्शन की मदद से बीमारी को गम्भीर बनने से रोका जा सकता है और गम्भीरता के अनुसार बीमारी का इलाज भी जल्द से जल्द शुरू किया जा सकता है। इसके साथ ही लीवर सिरोसिस (Cirrhosis) और लीवर कैंसर (liver cancer) जैसी गम्भीर बीमारियों का रिस्क भी कम किया जा सकता है। इसीलिए कुछ लोगों को अपनी स्थिति के अनुसार जल्द स्क्रीनिंग करा लेनी चाहिए। जैसे-

एक्सपर्ट के अनुसार, बीमारी का जल्द इलाज शुरू हो जाने से लीवर कैंसर ( liver cancer) या लीवर फेलियर (liver failure) जैसी स्थितियों से बचा जा सकता है। लेकिन, फिलहाल हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस ई के लिए किसी प्रकार का विशेष उपचार (treatment for Hepatitis A or E) उपलब्ध नहीं है। वही, ज्यादातर इंफेक्शन्स को कुछ सपोर्टिव ट्रीटमेंट्स की मदद से गम्भीर होने से रोका जा सकता है। हेपेटाइटिस बी और सी के इलाज के लिए कई प्रकार की एंटीवायरल दवाइयां उपलब्ध हैं। जहां एंटीवायरल दवाओं के साथ हेपेटाइटिस बी का इलाज काफी लम्बा चलता है वहीं, हेपेटाइटिस सी के अधिकांश मरीजों में यह बीमारी दवाइयों की मदद से पूरी तरह ठीक हो सकती है। (treatment of Hepatitis with antiviral medicines)
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने सभी देशों से अपील की है कि वे साल 2030 तक अपने क्षेत्र से हेपेटाइटिस की बीमारी के खात्मे के लिए प्रयास करें। इसके साथ ही हेपेटाइटिस से बचाव के लिए (Prevention from Hepatitis) कुछ तरह के सुरक्षा उपाय और सावधानियां बरतने की भी सलाह दी गयी हैं, जैसे -
