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लीवर की बीमारियों से मुकाबला करने के लिए अपने लीवर को समझें!

अपने लीवर को बेहतर ढंग से समझने में अपनी मदद करें!

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 19, 2018 12:47 PM IST

लीवर दिवस प्रत्येक वर्ष 19 अप्रैल को मनाया जाता है। यह मेडिकल और नाॅन-मेडिकल समुदायों के लिए एक साथ आने और लिवर की बीमारियों के बढ़ने एवं इससे होने वाली समस्याओं के बारे में जागरूकता पैदा करने का मौका है। लिवर षरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है। इसका ढांचा और काम करने का तरीका अत्यंत जटिल है जो मानव षरीर की पाचन प्रणाली में अहम भूमिका निभाता है। यह लिवर दवाओं में समेत सभी प्रकार के भोजन और द्रवित पदार्थों का प्रसंस्करण करता है। इसलिए लिवर के काम के बिना जीवित रहना असंभव है। लिवर की बीमारियां हेपेटाइटिस ए, बी, सी, एल्कोहाॅल और दवाओं के कारण हो सकती है। वायरल हेपेटाइटिस अषुद्ध खाना और पानी, असुरक्षित यौन प्रक्रियाओं और दवाओं के उपभोग के कारण होता है। अगर समय से उपचार नहीं कराया जाए तो लिवर साइराॅसिस और लिवर कैंसर का कारण बन सकता है।

लिवर कैंसर में दिलचस्पी बढ़ रही है, चिकित्सकीय रूप से जिसे हेप्टोसेल्यूलर कैंसर कहते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि अब यह पांचवां सबसे सामान्य प्रकार का कैंसर है जिसके कारण हर वर्श लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। हाल ही में इसकी पहचान के तरीके और उपचार के विषेश तरीकों से कई लोगों को बीमारी से निजात मिल गई। इसलिए हेपेटाइटिस बी और सी के परीक्षण और जांच पर अत्यधिक जोर नहीं दिया जा सकता है। बेहतर प्रौद्योगिकी जैसे ट्रिपल फेज काॅन्ट्रैस्ट के कारण सीटी स्कैनिंग और एमआरआई बेहतर हो गया है जिससे छोटे ट्यूमर का भी पता समय से चल जाता है।

इस डाॅ अरविंद खुराना, डायरेक्टर एवं हैड, डिपार्टमेंट आॅफ गैस्ट्रोएंटेरोलाॅजी, फोर्टिस अस्पताल, षालीमार बाग आपको आपके लिवर को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं।

लिवर निम्नलिखित काम करता हैः

ऽ      संक्रमण और बीमारी से मुकाबला करना

ऽ      ब्लड षुगर का विनियमन

ऽ      षरीर के जहरीले तत्वों को खत्म करना

ऽ      कोलेस्ट्राॅल के स्तर को नियंत्रित करना

ऽ      खून को जमने में मदद करता है (मोटा करना)

ऽ      षरीर के कई महत्वपूर्ण प्रोटीन बनाना

ऽ      बाइल रिलीज़ करना (एक ऐसा लिक्विड जो वसा को तोड़ता है और पाचन में मदद करता है)

ऽ      कोलेस्ट्राॅल और ट्रिगलीसेराइड्स बनाने के लिए जिम्मेदार

ऽ      एल्कोहाॅल समेत दवाओं और ड्रग्स को तोड़ता है

ऽ      इंसुलिन और षरीर में अन्य हार्मोन को तोड़ता है

लिवर की बीमारियों के कारण

  • लिवर की बीमारियां अनुवांषिक या पीढ़ियों से मिल सकता है
  • नुकसानदेह जीवनषैली और खाने की पद्धति
  •  हेपेटाइटिस ए, बी और सी जैसे विशाणु लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं
  •  हाई-कोलेस्ट्राॅल पैदा करने वाले जंक फूड के साथ एल्कोहाॅलिक ड्रिंक्स का अधिक उपभोग
  •  अधिक वजन, मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज़

लिवर की बीमारियों के लक्षण

  •  पीलिया
  •  अचानक वजन कम होना
  •  भूख में कमी
  • मिचली और उलटी
  •  सामान्य कमजोरी और/या थकान
  • दाएं हिस्से पर ऊपरी पेट में दर्द या दाहिने कंधे के आसपास दर्द महसूस करना।
  • लिवर का आकार बढ़ना (हेप्टोमेगली)
  •  बड़ा हुआ स्प्लीन
  •  एब्डाॅमिनल सूजन (एस्साइट्स)

लिवर की सफाई के लिए डिटाॅक्स डायट

  •   लहसून, गे्रपफ्रूट, गाजर, हरी पत्तियों वाली सब्जियां, सेव और अखरोट
  •   आॅलिव आॅयल
  •   लेमन और लाइम जूस और ग्रीन टी लें
  •  वैकल्पिक अनाज (किनोया, बाजरा और कूटू)
  •   क्रूसीफेरस सब्जियां (पत्तागोभी, बोरोकली और गोभी) षामिल करें
  •  खाने में हल्दी का इस्तेमाल

लिवर की बीमारियों में बचावः

  • सेहतमंद जीवनषैली की आदतों को अपनाना
  •  सेहतमंद भोजन लेते रहना
  • सभी भोजन समूहों में से भोजन लेंः अनाज, प्रोटीन, डेयरी उत्पाद, फल, सब्जियां और वसा
  • ताजे फल और सब्जियां, होल ग्रेन रोटियां, चावल और अनाज जैसे फाइबरयुक्त भोजन करना
  •  हेपेटाइटिस ए, बी, सी से बचने के लिए सुरक्षित ढंग से खून लेना
  •  बाथरुम जाने के बाद हाथ धोना
  • यात्रा करते हुए टैप वाटर से बचें
  •  एल्कोहाॅल, स्मोकिंग और ड्रग्स से बचें
  • अपने लिवर को सुरक्षित रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, लिवर की बीमारियां भारत में मृत्यु का 10वां सबसे सामान्य कारण है। चूंकि लिवर एक साथ कई काम करने वाला अंग है जिसमें विशाणु, जहरीले तत्वों और भोजन एवं जल में उपस्थित मिलावटी तत्वों का असर होता है। हालांकि घेरेबंदी में आने पर लिवर षिकायत करने में सुस्त है क्योंकि यह हमारे षरीर का मुष्किल, सख्त हिस्सा है। लिवर की समस्याओं से पीड़ित लोगों को अक्सर कुछ या ना के बराबर लक्षणों का अनुभव होता है। हालांकि लिवर की बीमारियों में कई आधुनिकताएं आ चुकी हैं लेकिन फिर भी पूरी तरह आराम की गारंटी नहीं है। एक खराब हो चुके लिवर से निजात पाने के लिए लिवर प्रत्यारोपण ही एकमात्र तरीका है। भारत में लिवर प्रत्यारोपण को दो समयावधियों में बांटा जा सकता है यानी 1995 से 2004 और 2005 से 2015। पहली अवधि में 131 सफल लिवर प्रत्यारोपण किए गए। हालांकि, दूसरी अवधि में लिवर प्रत्यारोपण काफी तेज गति से बढ़ा। 2014 में ही करीब 1,200 लिवर प्रत्यारोपण किए गए।

फोर्टिस हैल्थकेयर लिमिटेड के बारे में

फोर्टिस हैल्थकेयर लिमिटेड भारत में अग्रणी एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाता है। कंपनी की स्वास्थ्य सेवाओं में अस्पतालों के अलावा डायग्नाॅस्टिक एवं डे केयर स्पेष्यलिटी सेवाएं षामिल हैं। फिलहाल कंपनी भारत समेत दुबई, माॅरीषस और श्रीलंका में 45 हैल्थकेयर सुविधाओं समेत (इनमें वे परियोजनाएं भी षामिल हैं जिन पर फिलहाल काम चल रहा है), करीब 10,000 संभावित बिस्तरों और 374 डायग्नाॅस्टिक केंद्रों का संचालन कर रही है।

स्रोत: Press Release.