भारत में हीटवेव से बढ़ रहा मौतों का खतरा, स्टडी में चौंकाने वाले आंकड़े

भारत में बढ़ती गर्मी को अब स्वास्थ्य संकट माना जा रहा है। नई स्टडी में हीटवेव से हजारों मौतों का अनुमान लगाया गया है। लेकिन, इससे बचाव के लिए आप कुछ टिप्स आजमा सकते हैं।

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Written By: Anju Rawat | Updated : June 6, 2026 8:55 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Raman Kumar

बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों को परेशान कर दिया है। भारत में अब गर्मी सिर्फ एक मौसम नहीं रह गया है, यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। मई 2026 में Frontiers in Environmental Health में प्रकाशित एक स्टडी प्रकाशित हुई है, जिसमें बताया गया है कि देश में हीटवेव की वजह से कई लोगों की जान जा रही है और यह एक गंभीर समस्या बनती जा रही है।

स्टडी में बताया गया है कि भारत में बढ़ती गर्मी का असर साफ और तेजी से देखने को मिल रहा है। एक दिन की भीषण गर्मी या हीटवेव भी कई लोगों की जान ले सकता है। वहीं, अगर हीटवेव कई दिनों तक रहता है तो इसकी वजह से मौतों का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है।

हीटवेव से बढ़ रहा मौत का खतरा?

Frontiers in Environmental Health की स्टडी में बताया गया है कि गर्मी से प्रभावित देशों में भारत भी शामिल है। देश में गर्मी के मौसम में तापमान बहुत बढ़ जाता है, इसकी वजह से कई लोग अपनी जान गंवाते हैं। स्टडी में एक दिन की भीषण गर्मी से राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 3,400 अतिरिक्त मौतों का अनुमान है। लेकिन, अगर गर्मी लगातार 5 दिन से ज्यादा रहती है, तो लू से लगभग 30 हजार अतिरिक्त मौतों का अनुमान लगाया गया है। आपको बता दें कि गर्मी की वजह से हार्ट अटैक, किडनी से जुड़ी बीमारियों और डिहाइड्रेशन का जोखिम बढ़ जाता है, जो मौत का कारण बन सकते हैं।

भारत को क्यों है ज्यादा खतरा?

भारत को गर्मी के मौसम के लिए काफी संवेदनशील माना गया है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं-

  • भारत में गर्मी के मौसम में तापमान काफी बढ़ जाता है। देश में तापमान पहले ही से ज्यादा बना रहता है। ज्यादा आबादी यानी जनसंख्या की वजह से गर्मी भी तेजी (Heatwave in India) से बढ़ रही है। इसकी वजह से लोग गर्मी में जान गंवाते हैं।
  • जो लोग फील्ड में काम करते हैं, उनमें इसका खतरा ज्यादा रहता है। खासकर, मजदूर, किसान और किसी निर्माण कार्य में लगे लोगों में हीटवेव का असर ज्यादा देखने को मिलता है।
  • जिन लोगों के पास सुविधाओं की कमी है, उनमें भी इसका सामना करना पड़ता है। जैसे- जिन लोगों के पास कूलिंग सुविधाएं नहीं है या जो सुरक्षित वातावरण में नहीं रहते हैं, उनमें भी गर्मी का असर देखने को मिलता है।

शरीर पर कैसे पड़ता है हीटवेव का असर

चेयरमैन अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया डॉ. रमन कुमार बताते हैं कि गर्मी का शरीर पर सीधा (Heatwave health effects) असर पड़ता है। इसकी वजह से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो जाती है। इससे ब्लड प्रेशर में बदलाव आता है और हार्ट-किडनी पर भी दबाव बढ़ता है। जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, उनके लिए यह स्थिति जानलेवा हो सकती है।

हीटवेव को इसलिए खतरनाक माना जा रहा है, क्योंकि यह व्यक्ति को अचानक से नहीं मारती है। यह शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है और इससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। जब गर्मी की वजह से व्यक्ति के शरीर में ज्यादा दबाव पड़ता है या उसके हृदय पर दबाव बढ़ता है, तो इससे जान जा सकती है।

हीटवेव से बचने के लिए क्या करें?

हीटवेव से बचने (Heatwave prevention tips) के लिए आप कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं।

  • हीटवेव से बचने के लिए दोपहर की धूप में जाने से बचना चाहिए।
  • पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स को नियमित रूप से सेवन करना चाहिए।
  • बुजुर्गों और बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसलिए इनका ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।
  • अगर बाहर धूप में निकल रहे हैं, तो अपने साथ छाता और नींबू पानी जरूर रखें।

Disclaimer: हीटवेव सिर्फ गर्मी नहीं है, यह एक गंभीर समस्या बन चुकी है। इसकी वजह से कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इसलिए गर्मी के मौसम को बिल्कुल भी हल्के में न लें और अपना ध्यान जरूर रखें।

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