तेज गर्मी और लू बढ़ा सकती है मिर्गी, दिमागी दौरे और मल्टीऑर्गन फेल्योर का खतरा, डॉक्टर से जानें बचाव के टिप्स

Heatwave in india : गर्मी और लू जानलेवा भी हो सकती है। इससे आपके शरीर के कई अंग एक साथ फेल हो सकते हैं या फिर आप दिमागी बीमारियों को शिकार हो सकते हैं।

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Written By: Pallavi Kumari | Published : May 7, 2022 2:36 PM IST

Heatwave in india 2022: देश के कुछ हिस्सों में तापमान 45 डिग्री के पार है और हर कोई हीटवेव यानी लू और गर्मी से बेहाल है। पर ध्यान देने वाली बात ये है कि ये गर्मी और लू अपने साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं ला सकती हैं, जो कि सबसे ज्यादा आपके घर के बच्चों और बूढ़ों को नुकसान पहुंचा सकती है। जैसे कि लू लगने के कारण डिहाइड्रेशन, पेट दर्द, उल्टी, बुखार और डायरिया होना। पर आपको ये जानकर हैरानी हो सकती है गर्मी और लू आपके दिमाग को भी नुकसान पहुंचा सकती है। जी हां, ये हम नहीं बल्कि एक्सर्ट और डॉक्टर का भी मामना है। इसलिए हाल ही में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ( National Disaster Management Authority) ने बच्चों, ज्यादातर शिशुओं के लिए लू और गर्मी से बचने के लिए कुछ उपायों को शेयर किया। इसके अलावा हमने बड़े और बूढ़ों में गर्मी का दिमाग पर होने वाले असर (Heatwave effects on brain) को लेकर डॉ नितिन कुमार राय (Dr. Nitin Kumar Rai), सलाहकार, न्यूरोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट से बात की।

दिमाग को कैसे नुकसान पहुंचा सकती है बढ़ती गर्मी और लू

डॉ नितिन कुमार राय (Dr. Nitin Kumar Rai) कहते हैं कि लंबे समय तक हीट वेव के कारण उच्च तापमान के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति को जटिलता का खतरा होता है जिससे मल्टीऑर्गन फेल्योर( multiorgan failure) हो सकता है। हीट वेव के कारण मस्तिष्क को कई करह से नुकसान हो सकता है। जैसे

-संज्ञानात्मक शिथिलता यानी कि सोचने और समझने की शक्ति ना रहना

- मिर्गी

-दिमागी दौरे

-अस्थिरता, सुस्ती के साथ चेतना की गड़बड़ी और ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है।

-पानी की कमी के कारण झटके आना और बेहाशी

दरअसल, हमारे शरीर में जब पानी की कमी होने लगती है तो ये हमारा ब्रेन और बाकी अंग भी काम करना बंद कर देते हैं। इससे सामान्य आबादी की तुलना में, बच्चे, बुजुर्ग और मानसिक स्वास्थ्य समस्या वाले रोगी में ज्यादा इन बीमारियों का खतरा होता है। इसलिए जरूरी है कि आप डिहाइड्रेशन से बचें। साथ ही गर्मी और लू के असर को अपने शरीर पर कम करने की कोशिश करें।

बच्चों के लिए गर्मी और लू से बचाव के टिप्स

-अपने शिशु को पीने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ दें।

- बच्चों में गर्मी से संबंधित बीमारियों की पहचान करना सीखें और इनके लक्षणों पर ध्यान दें।

- डिहाइड्रेशन की जांच करने के लिए बच्चे के पेशाब का रंग देखें। अगर पेशाब गहरे रंग का हो तो ये डिहाइड्रेशन का संंकेत हो सकता है।

-इसके अलावा अगर आप कहीं ट्रेवल कर रहे हैं तो अपने बच्चे को बिना निगरानी के धूप में खड़ी कार में न छोड़ें।

बड़े और बुजुर्गों के लिए बचाव के टिप्स

डॉ नितिन बताते हैं कि जितना हो सके धूप से दूर रहें और इसके लिए आप बाहर जाते समय छाते का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा आप कुछ खास चीजों का भी ध्यान रखें जैसे कि खूब पानी पिएं, हाइड्रेशन बढ़ाने वाले फल और फ्रूट खाएं और जरूरत पड़ने पर ठंडा होने के लिए जगह ढूंढें और लू से बचें।

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