Sign In
  • हिंदी

ज्यादा देर हीटर के सामने बैठना आपकी आंखों के लिए है घातक, नेत्र रोग विशेषज्ञ ने बताए हीटर से होने वाले नुकसान

How Does The Heater Affect The Eyes: हीटर के सामने ज्यादा देर तक बैठना आपके स्वास्थ खासकर आपकी आंखों के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं, नेत्र रोग विशेषज्ञ से जानिए हीटर से आंखों पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव क्या हैं?

Written by Atul Modi |Published : January 18, 2022 8:55 PM IST

हम में से बहुत से लोगों के लिए सर्दियों के दौरान गर्म रहना मतलब कंबलों में दुबके रहना, बड़े-बड़े स्वेटर पहनना और अंदर ही हीटर चलाकर एंजॉय करना है। लेकिन हीटर के प्रयोग से जितना आनंद हमें मिलता है उतना ही आंखों के ड्राई होने के का खतरा भी बढ़ जाता है। ड्राई आंख होने के लक्षण काफी असहज हो सकते हैं और आप जिन गतिविधियों को पसंद करते हैं, उनसे आपको वंचित रख सकते हैं। यहां कुछ ऐसे तरीके दिए गए हैं जिनसे आप सर्दियों में अपनी आंखों की रक्षा कर सकेंगे और आपकी ड्राई आंख का उपचार करने की जरूरत भी काफी कम हो जायेगी।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सौम्या शर्मा के मुताबिक, हीटर से निकलने वाली गर्म हवा आपकी आंखों को इरिटेट कर सकती है खासकर जब आप कॉन्टैक्ट लेंस (चश्मा) पहनते हों तब। ड्राई आंख होने से बचाने के लिए घर की उस जगह में सीधे तौर पर जाकर न बैठें जहां हीटर लगा हो।

हीटर, खासकर कार में लगे हुए हीटर ड्राई आई की समस्या उत्पन्न करते हैं क्योंकि वह आस पास के वातावरण को गर्म हवाओं के जरिए काफी ड्राई कर देते हैं। इस हीट के माध्यम से हमारे आंसू वाष्प (एवापोरेट) हो जाते हैं और आंख असुरक्षित हो जाती है।

आप कार हीटर्स को रीडाइरेक्ट कर सकते हैं ताकि उनकी हवा सीधे आपके मुंह पर आकर न लग पड़े। अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो घर या बाहर अगर हीटर चल रहा है तब इन लेंस की बजाए आई ग्लासेस पहन लें।

हीटर आपकी आंखों को कैसे प्रभावित करता है?

  1. इंफ्रारेड हीटर एक ऐसी प्रकार की रेडिएशन निकालते (एमिट) हैं जोकि एक्सरे मशीन आदि से काफी अलग होती है। इंफ्रारेड रेडिएशन के कुछ गुण विजिबल लाइट के समान होते हैं। हालांकि आपकी आंखें इंफ्रारेड रेडिएशन को देख नहीं सकती हैं। इंफ्रारेड हीटर कमरे को या कमरे में मौजूद हवा को गर्म नहीं करते हैं।
  2. इंफ्रारेड रेडिएशन हवा के जरिए पास होती है। इसके माध्यम से हवा गर्म नहीं होती है। बल्कि कमरे में रखा सामान गर्म होने लगता है। अगर यह हीटिंग अधिक हो जाती है तो स्किन बर्न भी देखने को मिल सकते हैं और यह हानिकारक हो जाती है।
  3. जब आंखें इंफ्रारेड रेडिएशन को ब्लॉक कर देती हैं, आंखें अधिक गर्म होना शुरू हो जाती हैं। जिससे ओवर हीटिंग के कारण आंखें डेमेज हो सकती हैं या अंधापन भी देखने को मिल सकता है। इसके कारण ही आपको हीटर की तरफ अधिक समय तक नहीं देखते रहना चाहिए।
  4. अगर आप घर पर हीटर चलाएंगे तो इससे अंदरूनी हवा का मॉइश्चर कम हो जायेगा। इस कारण आपकी आंखें इरिटेट हो सकती हैं। खुजली शुरू हो सकती है और वह ड्राई भी हो सकती हैं।
  5. अंदर की हवा में नमी बनाए रखने के लिये ह्यूमिडीफायर का प्रयोग किया जा सकता है। ह्यूमिडीफायर वातावरण में नमी या भांप छोड़ते हैं ताकि कमरे में मॉइश्चर एड हो सके।
  6. आप अपने घर में सेंट्रल ह्यूमिडीफायर भी लगा सकते हैं ताकि आपका सारा घर ही ड्राई एयर की समस्या से छुटकारा पा सके और आपको ड्राई आंखों और आंखों में खुजली होने का रिस्क भी कम हो सके।

क्या है उपचार

ड्राइनेस कम करने के लिए लुब्रिकेंट ड्रॉप्स का प्रयोग किया जा सकता है। एंटी इन्फ्लेमेटरी दवाइयां भी मदद कर सकती हैं। अगर आपको अब भी लक्षण दिखते हैं तो आंखों के डॉक्टर के पास जाएं। आपके डॉक्टर ड्राई आई की गम्भीरता देखेंगे और इस हिसाब से ही आपका उपचार कर पायेंगे।

आप अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करके भी शरीर में हाइड्रेशन एड कर सकते हैं। जैसे पानी, जूस और दूध आदि को पी सकते हैं। अधिक मात्रा में कॉफी और चाय का सेवन न करें। रोजाना आपको 2.5 से 3 लीटर तरल पदार्थों का सेवन तो अवश्य ही करना चाहिए।

(इनपुट्स: डॉ. सौम्या शर्मा, सीनियर कंसल्टेंट, शार्प साईट आई हॉस्पिटल्स)

Total Wellness is now just a click away.

Follow us on