
... Read More
Written By: Anshumala | Updated : May 25, 2020 8:02 AM IST
हीट स्ट्रोक हो सकता है जानलेवा, इन तरीकों से करें खुद का बचाव। © Shutterstock.
Heat Stroke in summer: मई महीने से भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी (Summer) की शुरुआत हो जाती है। गर्म हवाएं और चिलचिलाती धूप में घर से बाहर निकलना जानलेवा साबित हो सकता है। जिनका काम ज्यादातर आउटडोर का होता है, उनके लिए गर्मी मुसीबत बन जाती है। लू लगना यानी हीट स्ट्रोक (Heat stroke) डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, स्किन रैशेज, सन टैनिंग, सनबर्न जैसी समस्याएं इन दिनों आम हो जाती हैं। लेकिन, हीट स्ट्रोक (Heat Stroke in summer) सबसे ज्यादा गंभीर होता है। इसे नजरअंदाज करने से व्यक्ति की जान भी जा सकती है।
एक तरफ पूरा देश कोरोनावायरस की समस्या से जूझ रहा है, तो इधर भीषण गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि अगले पांच दिनों के दौरान राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्से भीषण लू की चपेट (Heat stroke problem) में होंगे। आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ.एन. कुमार ने कहा, "पंजाब, हरियाणा, दक्षिणी उप्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में तापमान में वृद्धि जारी रहेगी। अगले पांच दिनों में, इन क्षेत्रों में लू या भीषण लू (Loo) देखने को मिलेगा। कुछ स्थानों पर तापमान 47 डिग्री सेल्सियस को छूने की संभावना है।"
मौसम एजेंसी ने कहा कि 25 मई और 26 मई को दिल्ली में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस को छू सकता है, जो कि उत्तर पश्चिमी भारत में व्याप्त शुष्क और उत्तरी तेज हवाओं के कारण बना रहेगा। हालांकि, बाद में पारा 30 मई तक 38 डिग्री तक नीचे आ जाएगा।
भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक की समस्या से लोगों को ज्यादा परेशान करती है। बाहर के तेज धूप और अधिक तापमान में देर तक घूमते हैं या गर्म हवा के संपर्क में आते हैं, तो हीट स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। जब शरीर में नमक और पानी की कमी हो जाती है, तो पसीना निकलने के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे हीट स्ट्रोक होता है। जब शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट से भी ज्यादा पहुंच जाता है, तो समझ लीजिए की आप हीट स्ट्रोक से पीड़ित हैं।
जब किसी व्यक्ति को लू लगता (Loo lagna) है यानी हीट स्ट्रोक (Heat stroke) होता है, तो उसके सेंट्रल नर्वस सिस्टम में कई तरह की समस्याएं शुरू हो सकती हैं। ऐसे में फौरन इलाज ना मिले तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है। डिहाइड्रेशन से हीट स्ट्रोक बिल्कुल अलग शारीरिक समस्या है, जो कहीं ज्यादा गंभीर और खतरनाक हो सकता है।
बच्चों में हीट स्ट्रोक को न करें नजरअंदाज, एक्सपर्ट से जाने क्या है इलाज
हीट स्ट्रोक होने पर आपको कई लक्षण नजर आ सकते हैं जैसे मिचली, चेतना में कमी, भ्रम। इलाज सही समय पर ना मिले तो पीड़ित व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है। अन्य लक्षण इस प्रकार हैं-
सिरदर्द के साथ सिर में भारीपन महसूस होना
चक्कर आना, बेहोश होना
गर्मी होने के बावजदू पसीना न आना
रूखी और लाल त्वचा
मांसपेशियों में ऐंठन
सांस लेने में तकलीफ महसूस करना
समर केयर: हीट स्ट्रोक से बचना है, तो जान लें ये कुछ जरूरी बातें
1 गर्मी में खूब तरल पदार्थ का सेवन करें। घर से बाहर निकल रहे हैं, तो अपने साथ पानी की बॉटल रखें। प्रतिदिन 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। नारियल पानी, फलों से तैयार जूस पीना भी फायदेमंद होगा।
2 दिन के समय खासकर 12 बजे से लेकर 3 बजे दिन तक घर से निकलने से बचें। धूप में बाहर बिना काम के ना घूमें। बहुत जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो छाता, टोपी, चश्मा, स्कार्फ पहनकर ही निकलें। घर आते ही ठंडा पानी पीने से बचें। इससे आपको सर्द-गर्म लग सकता है। सर्दी, जुकाम, बुखार भी हो सकता है।
3 हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन करें। उन मौसमी फलों का सेवन करें, जिसमें पानी की मात्रा अधिक होती है। खरबूजा, तरबूज, नारियल, खीरा, ककड़ी, शिमला मिर्च में पानी की मात्रा अधिक होती है। इन्हें प्रतिदिन अपनी डाइट में शामिल करें।
गंभीर स्थिति है हीट स्ट्रोक, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय
समर केयर : बच्चों को बचाना है हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से, तो अपनाएं ये टिप्स