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बच्चों में हीट स्ट्रोक को न करें नजरअंदाज, एक्सपर्ट से जाने क्या है इलाज

गर्मी में जितना हो सके बच्चों को कोल्ड ड्रिंक से दूर रखें। शिकंजी पीने को दें और गुड़ को दही में मिलाकर खिलाएं।

Written by Anshumala |Updated : May 14, 2018 12:58 PM IST

गर्मी अपने साथ कई बीमारी लेकर आती है। इसमें सबसे खतरनाक है हीट स्ट्रोक। भीषण गर्मी में बच्चे इसकी चपेट में जल्दी आते हैं, ऐसे में उनका खास ख्याल रखना चाहिए। बच्चों को गर्मी से होने वाली इस बीमारी से बचाने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों ने कई उपाय सुझाए हैं। मुरादाबाद के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. एम. इरशाद का कहना है कि शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन होने की संभावना बढ़ जाती है। गर्मी में ज्यादा देर धूप में रहने से शरीर से अधिक मात्रा में पसीना निकलने के कारण पानी की कमी हो जाती है। इससे सिरदर्द, थकान, सुस्ती, भूख का कम होना, बदन में ऐंठन, उल्टी होना, पेट मे दर्द, जलन, दस्त, चक्कर आने के साथ ही मानसिक संतुलन बिगड़ने जैसे हालात पैदा हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि इंसान का शरीर 37 डिग्री तक तापमान सहन करने में सक्षम होता है। तापमान इससे ऊपर जाने पर शरीर में कई प्रकार की दिक्कत महसूस होने लगती है। शरीर से पानी खत्म होने लगता है और खून गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में सावधानी न बरतने पर बच्चे बहुत जल्दी इन बीमारियों की गिरफ्त में आ जाते हैं। पढ़ें- हीट स्ट्रोक से बचने के लिए कुछ जरूरी बातें

बच्चों के मामले में बरतें खास एहतियात

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बच्चे बहुत नाजुक होते हैं। उन्हें गर्मी और धूप से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए बहुत एहतियात बरतने की जरूरत होती है। गर्मी में जितना हो सके बच्चों को कोल्ड ड्रिंक से दूर रखें। शिकंजी पीने को दें। गुड़ को दही में मिलाकर खिलाएं। डॉ. एम. इरशाद ने कहा कि गर्मी में फूड पॉइजनिंग होने की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए कटा हुआ फल न खरीदें। बच्चों को बाहर का कटा हुआ फल और खाना खाने को न दें। देर से रखा हुआ खाना न खाएं। बाहर खुले में बिकने वाले तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन किसी को भी नहीं करनी चाहिए। कोशिश करें कि गर्मी में तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें।

कपड़े हों ढीले-ढाले

मुरादाबाद के ही चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. तारिक अली ने कहा कि घर से बाहर निकलते समय बच्चों को ढीले-ढाले कपड़े पहनाएं। चुस्त कपड़े पहनाने से परहेज करें। इससे शरीर में बाहर की हवा लगती रहेगी। सूती कपड़े पहनना ज्यादा बेहतर होगा, जबकि सिंथेटिक, पॉलिएस्टर के कपड़े पहनाने से बचें। स्कूल जाना हो या कहीं भी घूमने-फिरने, बच्चों को खाली पेट बिल्कुल भी न ले जाएं। घर से बाहर निकलते समय शिकंजी, ठंडा शर्बत या पानी पीकर ही निकलें। ये सारे एहतियात बड़ों को भी अपनाने चाहिए। अक्सर बच्चे धूप में खेलकर या स्कूल से आने के बाद ठंडा पानी पी लेते हैं। ऐसा करने से उन्हें रोकें। बहुत अधिक पसीना आने पर तुरंत ठंडा पानी पीना सेहत को खराब कर सकता है। सादा पानी भी धीरे-धीरे कर के पीना ही शुरू करें। लस्सी अधिक पिएं।

जब जाएं बच्चे स्कूल

डॉ. अली का कहना है कि इस भीषण गर्मी में बच्चों को स्कूल से लाने या ले जाने के समय तौलिए को पानी में भिगोकर उससे ढककर ले जाएं, जिससे बच्चे का बदन ठंडा रह सके। आप चाहें तो छाता, टोपी आदि का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। धूप में बाहर जाने के समय उनका शरीर पूरी तरह से ढका हुआ हो। गहरे रंग के कपड़े पहनाने की बजाय उन्हें हल्के रंग या सफेद रंग के कपड़े ही पहनाएं। बच्चों के पेशाब का रंग चेक करते रहें। पेशाब पीला होने की दशा में ये सुनिश्चित कर लें कि उनके शरीर में पानी की कमी हो रही है। ऐसी स्थिति में उन्हें भरपूर पानी पिलाएं। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक से सलाह लें।

स्रोत:IANS Hindi. 

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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