
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 4, 2023 12:31 AM IST
Heat effects on brain and cognitive function: इन दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदलने की खबरें आ रही हैं और इसके साथ ही इंफेक्शन, बुखार, सिरदर्द और एलर्जी जैसी समस्याओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मौसम में होने वाले ये बदलाव कई बड़ी समस्याओं जैसे हीट वेव, स्मॉग और सूखे का खतरा भी बढ़ा सकते हैं। वहीं, एक्सपर्ट्स के अनुसार गर्मी लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़े संकट पैदा कर सकता है। मौसम बदलने से कई नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियां भी तेजी से फैल सकती हैं। अलग-अलग स्थितियों और कारणों से लोगों को तनाव, माइग्रेन, स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं,बढ़ती गर्मी दिमाग पर भी बुरा प्रभाव डालती है और इसकी वजह से अल्ज़ाइमर्स, डिमेंशिया, पार्किंसंस और एपिलेप्सी जैसी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। (Heat effects on brain and cognitive function in Hindi)
डॉ. अनिल वेंकटचलम (Dr. Anil Venkatachalam, Neurologist, Zen Multispecialty Hospital, Chembur, Mumbai) का कहना है कि, तापमान बढ़ने और मौसम में गर्मी बढ़ जाने के बाद लोगों के शरीर के साथ-साथ ब्रेन पर भी असर हो सकता है। बढ़े हुए तापमान का बुरा असर शरीर के साथ-साथ ब्रेन के काम करने के तरीके को भी बदल सकता है। गर्मी की वजह से दिमाग की स्थिति और उसकी फंक्शनिंग से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। जिसके चलते इस तरह की जैसी परेशानी बढ़ सकती हैं-
वहीं, कॉ्ग्निटिव फंक्शन (cognitive function) से जुड़े लक्षणों के साथ-साथ शरीर में दिखने वाले अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देने की सलाह देते हैं डॉ. अनिल। उनके अनुसार, गर्मी की वजह से स्किन पर रैशेज होना, सांस तेज चलना, अनियमित हार्टबीट, सिरदर्द और शरीर के तापमान में बदलाव जैसे लक्षण भी दिखायी दे सकते हैं। इन लक्षणों के दिखने के बाद अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें ताकि स्थिति की गम्भीरता समझने में मदद हो सकती है।