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हार्ट सर्जन ने बताया दिल को सेहतमंद रखने के लिए कौन सा तेल है सही, खाना पकाने से पहले जानें

हार्ट हेल्थ का सीधा कनेक्शन हमारे खानपान से है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि खाना पकाने के लिए किस तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। आइए जानते हैं इसके बारे में हार्ट सर्जन से।

Written By Ashu Kumar Das
Published : August 10, 2026 12:49 PM IST

गलत तेल का इस्तेमाल करने से हार्ट पर बुरा असर पड़ता है।

सुबह परांठा, शाम को सब्जी, रात में दाल। हर घर की रसोई की खुशबू तेल से ही शुरू होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कड़ाही में जो तेल आप डाल रही हैं, वही आपके दिल की धड़कन तय कर रहा है? आज हार्ट अटैक और हाई कोलेस्ट्रॉल की सबसे बड़ी वजह हमारी प्लेट नहीं, बल्कि हमारी कड़ाही है। WHO के अनुसार, हार्ट से जुड़ी बीमारियों से दुनिया भर में हर साल 1.79 करोड़ मौतें होती हैं। गौ करने वाली बात यह है कि खराब तेल इसका एक बड़ा कारण है। तो सवाल सीधा है - दिल के लिए सबसे अच्छा तेल कौन सा है? सरसों, रिफाइंड, घी, ऑलिव ऑयल या नारियल? इस सवाल का जवाब खुद हार्ट सर्जन डॉ. समा अकबर ने हमारे साथ शेयर किया है।

खराब तेल से बिगड़ती है हार्ट की सेहत

डॉ. समा अकबर बताते हैं कि किसी भी प्रकार के तेल में 3 तरह के फैट होते हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल है-

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  1. सैचुरेटेड फैट - यह फैट अगर किसी तेल में बहुत ज्यादा है, तो इसे खाने से शरीर में LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है।
  2. ट्रांस फैट - यह तेल में पाया जाने वाला सबसे खराब फैट होता है। ट्रांस फैट शरीर में सूजन बढ़ाता है और आर्टरी ब्लॉक करता है।
  3. अनसैचुरेटेड फैट- यह मुख्य रूप से गुड फैट होता है। यह HDL बढ़ाता है और दिल को प्रोटेक्ट करता है।

रिफाइंड तेल को हाई टेम्परेचर पर केमिकल से साफ किया जाता है। इसमें ओमेगा-6 बहुत ज्यादा और ओमेगा-3 ना के बराबर होता है। American Heart Association की स्टडी कहती है कि ओमेगा-6:ओमेगा-3 का बैलेंस बिगड़ने से हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ता है।

खाना पकाने के लिए सरसों का तेल बेस्ट है।

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हार्ट के लिए कौन सा तेल है सबसे सही?

  1. सरसों का तेल- इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. समा अकबर कहते हैं कि हार्ट और पूरे शरीर की सेहत के लिए सरसों का तेल सबसे ज्यादा बेस्ट है। हमारे दादा-दादी इसी में खाना बनाते थे और 80 साल तक एक्टिव रहे। ऐसा इसलिए क्यों कि सरसों के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट और ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर होता है। इसमें एरूसिक एसिड भी होता है जो सही मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी काम करता है। हार्ट सर्जन बताते हैं कि सरसों के तेल की खास बात यह है कि इसमें पर्याप्त मात्रा में अलाइल आइसोथियोसाइनेट नाम का कंपाउंड पाया जाता है। यह कंपाउंड मुख्य रूप से शरीर में खराब बैक्टीरिया को मारता है और आपको विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाने में मददगार होता है।
  2. ऑलिव ऑयल- सरसों और अन्य कुकिंग ऑयल की तुलना में ऑलिव ऑयल थोड़ा महंगा होता है। अगर बजट इजाजत दे तो ये दिल के लिए नंबर 1 है। ऑलिव ऑयल में ओलिक एसिड और पॉलीफेनोल्स" होते हैं जो आर्टरीज में सूजन कम करते हैं। विभिन्न प्रकार की रिसर्च में भी यह बात सामने आई है कि रोजाना के खाने में ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करने से ब्लड प्रेशर को मैनेज रखने में मदद मिलती है।

समय- समय पर तेल बदलना जरूरी है।

क्या 1 तेल का इस्तेमाल करना है सही?

डॉक्टर कहते हैं कि हार्ट हेल्थ और अन्य बीमारियों से बचाव के लिए कोई एक तेल परफेक्ट नहीं है। समस्या तेल नहीं, तरीका है। इसलिए खाना पकाते समय तेल के लिए 3 नियमों का पालन करना जरूरी है।

  1. नियम 1: तेल बदल-बदल कर इस्तेमाल करें- एक महीने सरसों, एक महीने कैनोला, एक महीने राइस ब्रान। इससे आपको सभी तरह के गुड फैट मिलेंगे। एक ही तेल पर अटके न रहें।
  2. नियम 2: मात्रा कंट्रोल करें- AHA कहता है एक दिन में 5-6 चम्मच से ज्यादा तेल को खाने में शामिल नहीं करना चाहिए। 1 व्यक्ति = 1/2 लीटर तेल महीना।
  3. नियम 3: स्मोक पॉइंट का ध्यान रखें- खाना पकाते समय तेल के स्मोक पॉइंट्स का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसलिए डीप फ्राई के लिए राइस ब्रान / मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करें। सब्जी को भूनने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल करें। अगर आप सलाद खा रहे हैं तो ड्रेसिंग के तौर पर ऑलिव ऑयल का यूज करें।

डॉ. समा अकबर कहते हैं- दिल के लिए सबसे अच्छा तेल वो है जिसमें ट्रांस फैट 0 हो, ओमेगा-3 हो और आप उसे कम मात्रा में इस्तेमाल करें। सबसे जरूरी बात हार्ट को हेल्दी रखने के लिए तेल के साथ-साथ एक्सरसाइज, स्ट्रेस कम करना और प्रोसेस्ड फूड छोड़ना भी जरूरी है। सिर्फ तेल बदलने से हार्ट हेल्दी नहीं होगा।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। कोई भी डाइट बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।