
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : December 29, 2021 12:36 PM IST
हृदय मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है इसलिए इसकी खास देखभाल करना बहुत जरूरी है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि हृदय रोग दुनिया की आबादी में मौतों का एक बड़ा कारण साबित होता है। यानि कि दुनियाभर में हर साल करीब 18 मिलियन लोगों की मौत दिल की अलग-अलग बीमारियों के कारण होती है। कई बार दिल की गंभीर बीमारी के लक्षण शुरुआत में महसूस नहीं होते हैं इसलिए डॉक्टर्स समय-समय पर जांच की सलाह देते हैं। कोरोना के बाद हृदय मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। डॉक्टर समीर भाटी (Dr. Sameer Bhati, Director- Star Imaging & Path Lab) कहते हैं कि ह्रदय की परिस्थितियां काफी गंभीर होती हैं और कई बार कोई संकेत नहीं देती हैं। दिल की बीमारियां कई तरह की होती हैं, जिनमें से कुछ को रोका जा सकता है और कुछ को नहीं।
डॉक्टर समीर भाटी कहते हैं कि कोविड-19 की वजह से कई लोगों को दिल से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना से संक्रमित होकर और फिर रिकवर होने के बाद भी कई लोग दिल की धड़कन का तेज या धीमा होना, छाती में दर्द, छाती में अकड़न, अवसाद, सांस लेने में समस्या और पैरों, टखनों, टांगों या पेट में अचानक सूजन जैसे लक्षणों को महसूस कर रहे हैं। इस तरह की स्थिति में पोस्ट कोविड सिंड्रोम से गुजरने वाले लोगों को तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और जांच शुरू करनी चाहिए। हृदय रोग की जांच के लिए डॉक्टर कुछ खास इन्वेसिव और नॉन-इन्वेसिव टेस्ट कर सकते हैं। जल्द जांच और उपचार से दिल का दौरा पड़ने जैसी जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
दिल की बीमारियों से बचे रहने के लिए आपको अपने खान पान और सेहत का खास ख्याल रखना होगा। निम्न बताई गई कुछ आदतें अपनाने से आप दिल की बीमारियों से बचे रह सकते हैं:
दिन में कम से कम 40 मिनट व्यायाम करना हृदय रोग वाले व्यक्ति के लिए फायदेमंद साबित होता है। निम्नलिखित व्यायाम आपकी मदद करेंगे आपको थकान महसूस नहीं होने देंगे, भले ही आप इन्हें हर दिन सिर्फ 10 से 15 बार करेंः