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Written By: Atul Modi | Updated : May 25, 2024 7:01 AM IST
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ट्रेवलिंग करना जीवन का एक अद्भुत और सुखदायी अनुभव होता है लगभग सभी उम्र के लोगों को पसंद होता है। ट्रेवलिंग के दौरान हमें नया अनुभव मिलता है, अलग अलग संस्कृति से हम रूबरू होते हैं और जिंदगी भर के लिए यादें बनती हैं। यात्रा न केवल मनोरंजन का साधन होती है, बल्कि यह हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होती है। लेकिन अगर कोई हार्ट का मरीज है तो उसके लिए ट्रेवलिंग थोड़ा परेशानी भरी हो सकती है। हार्ट पेशेंट्स के लिए यात्रा में कुछ चुनौतियां होती हैं, लेकिन यदि सही योजना और सावधानियों के साथ यात्रा की जाए, तो ये चुनौतियां आसानी से पार की जा सकती हैं और हार्ट पेशेंट भी सफर का पूरा मजा लेकर एक नया अनुभव ले सकते हैं। मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्टडॉ. अभिजीत बोरसे आज आपको 5 ऐसे महत्वपूर्ण टिप्स बता रहे हैं, जो हार्ट पेशेंट्स को यात्रा पर जाने से पहले और यात्रा के दौरान जरूर ध्यान में रखनी चाहिए। ये टिप्स आपके सफर को सुरक्षित और सुखद बनाने में मदद करेंगे:
किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले, अपने हृदय रोग विशेषज्ञ से विस्तृत चर्चा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे आपकी विशिष्ट स्थिति के आधार पर व्यक्तिगत सलाह प्रदान करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि आप यात्रा के लिए पूरी तरह फिट हैं। डॉक्टर से दवाओं में आवश्यक किसी भी बदलाव, अपने ट्रेवल डेस्टिनेशन से जुड़े संभावित जोखिमों और किसी अतिरिक्त वैक्सीनेशन की आवश्यकता के बारे में जानकारी प्राप्त करें। हाल ही में करवाई गई चिकित्सा जांच से आपको मानसिक शांति मिलेगी और यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आकस्मिकता से बचा जा सकेगा। यह कदम आपकी यात्रा को सुरक्षित और आनंददायक बनाएगा।
किसी भी यात्री के लिए तैयारी महत्वपूर्ण है, लेकिन विशेष रूप से हृदय रोग वाले लोगों के लिए यह और भी जरूरी है। अपने कैरी-ऑन लगेज यानि कि जो बैग हमेशा आपके साथ रहने वाला है उसमें सभी आवश्यक दवाएं रखना न भलें ताकि अगर आपका चेक्ड बैग खो भी जाए तो आपको किसी तरह की परेशानी न हो। दवाओं को उनकी ओरिजनल पैकिंग पैकेट में ही रखें ताकि कन्फ्यूजन न हो। इसके साथ ही अपनी प्रिसक्रिपशन और डॉक्टर से मिला वो लेटर भी साथ रखें जिसमें उन्होंने आपकी कंडीशन और सारे dos एंड don'ts को डिटेल में बताया हुआ है। अपने पास एमेरजेंसी नंबरों की लिस्ट और अपने डॉक्टर की डिटेल साथ रखें। इसके अलावा, जिस जगह आप घूमने जा रहे हैं वहां नजदीकी अस्पताल या मेडिकल सुविधाएं कहां हैं इसकी जानकारी भी आपके पास पहले से होनी चाहिए।
यात्रा के दौरान एक्टिव रहना महत्वपूर्ण है, लेकिन अपने शरीर की बात सुनना और अत्यधिक परिश्रम से बचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वॉकिंग, स्ट्रेचिंग और तैराकी जैसी हल्की गतिविधियां करना हार्ट पेशेंट के लिए फायदेमंद हो सकती हैं, लेकिन ज्यादा एनर्जी लेने वाली एक्टिविटीज से आपके हार्ट पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ सकता है, जो रिस्की हो सकता है। बार-बार ब्रेक लेना, हाइड्रेटेड रहना और अपने एनर्जी लेवल व आप कैसा महसूस कर रहे हैं इस हिसाब से अपनी एक्टिविटीज को मैनेज करना आपके लिए सुरक्षित होगा।
ट्रेवलिंग के दौरान हार्ट फ्रेंडली डाइट फॉलो करना कई बार चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है लेकिन हार्ट डिजीज को मैनेज करने के लिए हार्ट फ्रेंडली डाइट लेना बहुत जरूरी है। इसलिए अपनी ट्रेवल डेस्टिनेशन पर पहुंचने से पहले वहां की लोकल खाने-पीने की चीजों के बारे में पता कर लें और कोई भी ऐसी चीज न खाएं जिससे हार्ट पर एक्स्ट्रा प्रेश पड़े। ऐसे भोजन का चयन करें जिसमें नमक, चीनी और अनहेल्दी फैट कम हो। अस्वास्थ्यकर विकल्पों के प्रलोभन से बचने के लिए स्वस्थ स्नैक्स, जैसे मेवे, फल और साबुत अनाज जैसे पैकेट पर विचार करें। अपने आहार के प्रति सचेत रहने से आपकी स्थिति को प्रबंधित करने में मदद मिलती है और जटिलताओं से बचाव होता है।
यात्रा तनावपूर्ण हो सकती है, जो हृदय रोग वाले लोगों के लिए सही नहीं है। आपको सफर के दौरान कोशिश करनी है कि स्ट्रेस न हो और आप भरपूर आराम करें। घूमने या काम के ऐसे शेड्यूल न बनाएं जो आपको दिनभर व्यस्त रखें। इससे आपके हार्ट पर स्ट्रेस पड़ सकता है। तनाव को प्रबंधित करने में मदद के लिए गहरी सांस लेने, ध्यान या योग जैसी विश्राम तकनीकों का अभ्यास करें। सुनिश्चित करें कि आप पर्याप्त नींद लें, क्योंकि थकान हृदय संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकती है। अपने तनाव के स्तर को प्रबंधित करके और पर्याप्त आराम करके आप अपने स्वास्थ्य से समझौता किए बिना अपनी यात्रा का आनंद ले सकते हैं।
हृदय रोग वाले व्यक्तियों को यात्रा करने के लिए अतिरिक्त योजना और सावधानी की आवश्यकता होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप ट्रेवल करना ही छोड़ दें। अपने डॉक्टर से परामर्श करके, स्मार्ट पैकिंग करके, खुद को अधिक परिश्रम किए बिना सक्रिय रहकर, हार्ट फ्रेंडली डाइट अपनाकर और तनाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करके आप सुरक्षित और आनंददायक यात्राएं कर सकते हैं। ट्रेवलिंग हमेशा इन्ज्वॉय करने और नई चीजों को अनुभव करने का मौका होता है। इसलिए आपको ये सुनिश्चित करना होगा कि आपका हार्ट उतना ही स्वस्थ रहे जितना की आपकी आत्मा साहसी (spirit) है।