
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : September 29, 2025 1:25 PM IST
High BP Kaise Kam Kare: हाई ब्लड प्रेशर जिसे आज के समय में लोग एक आम समस्या समझ के बैठ चुके हैं, उसे अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है और इसलिए इसके आम समझ कर बैठना तो सही नहीं होगा। दरअसल, साइलेंट किलर इसलिए कहा जाता है, क्योंकि शुरुआत में इसके लक्षण ज्यादा नहीं दिखते हैं, लेकिन यह अंदर ही अंदर डैमेज करना शुरू कर देता है। शुरुआत में लोग इसे इग्नोर करते रहते हैं और जब बाद में स्थिति गंभीर हो जाती है, जो हार्ट डिजीज का समय आ जाता है। हाई ब्लड प्रेशर के कारण हार्ट अटैक, स्ट्रोक और यहां किडनी से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इसके लक्षणों की शुरुआती जांच होना जरूरी है और साथ ही साथ डॉक्टर से सलाह भी लेते रहना चाहिए, ताकि इसके खतरे को कम किया जा सके। इस लेख में डॉक्टर विवेक टंडन, डायरेक्टर एंड हेड, डिपार्टमेंट ऑफ कार्डियोलॉजी शारदाकेयर - हेल्थ सिटी ने कुछ खास जानकारियां दी जिनके बारे में हर किसी को जानना चाहिए।
ज्यादा नमक वाले खाने में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो हाई ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारणों में से एक है। इसलिए अपने खाने में नमक हमेशा सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए और बाहर तैयार किया हुआ खाना यानी डिब्बाबंद चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही आहार में अधिक फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले डेयरी उत्पाद शामिल करें। केला, पालक, शकरकंद और दाल जैसे पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थ शरीर में सोडियम का संतुलन बनाए रखते हैं और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं ।
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हर दिन कम से कम 30 मिनट तेज चाल चलना यानी ब्रिस्क वॉकिंग, दौड़ना, साइकिलिंग या तैराकी जैसी गतिविधियां दिल और धमनियों को मजबूत बनाए रखे में मदद करती हैं। जिन लोगों के पास ज्यादा समय नहीं होता है, वे दिन में कई बार थोड़ी-थोड़ी देर के लिए भी एक्सरसाइज कर सकते हैं और उससे भी उतना ही फायदा मिलता है।
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स्ट्रेस के दौरान शरीर से जो हार्मोन निकलते हैं, वे ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का काम करते हैं। तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और हल्का संगीत सुना जा सकता है। रोजाना कुछ मिनट खुद के लिए निकालें और आराम महसूस करने का अभ्यास करें।
मोटापा या अधिक वजन होने से उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है। केवल 5 से 10 प्रतिशत वजन कम करने से भी रक्तचाप पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। इसके अलावा, धूम्रपान व शराब का सेवन न करें। सिगरेट में मौजूद रसायन रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देते हैं और शराब का अधिक उपयोग दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
रक्तचाप की नियमित जांच बेहद जरूरी है, इसलिए घर पर बीपी मॉनिटर रखें और रोजाना एक ही समय पर चेक करें। इन रीडिंग्स को डॉक्टर के साथ साझा करना उपचार और निगरानी को आसान बनाता है। कुछ प्राकृतिक उपाय जैसे लहसुन, हिबिस्कस टी या ग्रीन टी भी सहायक हो सकते हैं, लेकिन इन्हें अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना सुरक्षित रहता है।
यह जरूरी नहीं है कि सिर्फ दवाओं पर निर्भर होकर ही आप हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर पाएंगे, बल्कि सही खानपान, सक्रिय जीवनशैली, तनाव प्रबंधन और नियमित जांच मिलकर लंबे समय तक स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। यदि सिरदर्द, चक्कर, सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। साइलेंट किलर को नियंत्रित रखना पूरी तरह संभव है। छोटे-छोटे बदलाव ही बड़े परिणाम ला सकते हैं और आपको स्वस्थ जीवन की ओर ले जा सकते हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
जी हां, वजन घटाने के लिए हेल्दी डाइट के साथ ही एक्सरसाइज करना भी बहुत जरूरी होता है।
ब्लड प्रेशर लेवल बढ़ने पर सिरदर्द, कमजोरी, थकान और हाथों-पैरों में कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हार्ट को हमेशा हेल्दी रखने के लिए नमक का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। आपको धूम्रपान और शराब से भी पूरी तरह परहेज करना चाहिए।