
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : February 28, 2026 2:12 PM IST
Medically Verified By: Dr. Sukriti
Heart Diseases: हृदय हमारे शरीर के सबसे अहम अंगों में से एक है। हृदय स्वास्थ्य का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। यह पूरे शरीर में रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है। जब हृदय की संरचना या कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होती है, तो कई तरह के हृदय रोग विकसित होने लगते हैं। हृदय रोगों की समय पर पहचान बहुत जरूरी है, तभी इनका इलाज संभव हो पाता है। ज्यादातर लोग हृदय रोगों के शुरुआती लक्षणों की अनदेखी कर देते हैं और इससे समय के साथ बीमारियां गंभीर रूप लेने लगती हैं। इसलिए अगर आपको हृदय से जुड़ा कोई भी लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें और इलाज शुरू करवाएं। आइए, आकाश हेल्थ केयर की सीनियर कंसल्टेंट एंड यूनिट हेड-कार्डियोलॉजी डॉ. सुकृति भल्ला (Dr. Sukriti Bhalla, Senior Consultant & Unit Head (Unit-2)-Cardiology, Aakash Healthcare) से जानते हैं दिल से जुड़ी बीमारियों और इनके लक्षणों के बारे में-
कोरोनरी आर्टरी डिजीज, एक सबसे आम हृदय रोग है। जब हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और फैट जमा हो जाते हैं, तो रक्त प्रवाह कम हो जाता है और और इसी स्थिति को कोरोनरी आर्टरी डिजीज कहते हैं। इसकी वजह से धमनियों में रुकावट आ जाती है और हृदय सही तरीके से काम नहीं कर पाता है। सीने में दर्द, सीने में दबाव, सांस फूलना, सीढ़िया चढ़ने में सांस फूलना, जबड़े में दर्द, गर्दन में दर्द आदि कोरोनरी आर्टरी डिजीज के लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों को सिर्फ थकान, कमजोरी और अपच जैसी समस्याओं से भी जूझना पड़ता है। इन स्थितियों में डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करना चाहिए।
जब किसी धमनी में पूरी तरह रुकावट आ जाती है और हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता है, तब हार्ट अटैक आता है। इसकी वजह से सीने में अचानक तेज दर्द उठने लगता है। इसके अलावा, पसीना आना, घबराहट होना, उल्टी जैसा मन होना और सांस लेने में मुश्किल आदि हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। डायबिटीज रोगियों में ये लक्षण बेहद गंभीर हो सकते हैं। इन लोगों को अत्यधिक कमजोरी और पीठ दर्द का अनुभव हो सकता है।
हृदय की धड़कन अनियमित होना भी दिल से जुड़ी एक समस्या है। इसकी वजह से दिल बहुत तेज, बहुत धीमा या अनियमित धड़कता है। मरीजों को दिल की धड़कन तेज महसूस हो सकती है। इतना ही नहीं, इस स्थिति में चक्कर आना, बेहोशी या सीने में बेचैनी जैसे लक्षणों का अनुभव भी हो सकता है। यह स्थिति स्ट्रोक या अचानक हृदय रुकने का कारण बन सकती है। इसलिए अगर आपको ये संकेत महसूस हो रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर से जरूर मिलें।
हार्ट फेल्योर एक गंभीर समस्या है, जो जानलेवा भी हो सकती है। जब हृदय शरीर की जरूरत के अनुसार रक्त पंप नहीं कर पाता है, तो इसे हार्ट फेल्योर कहा जाता है। थोड़ी मेहनत पर सांस फूलना, पैरों और टखनों में सूजन होना, रात में बार-बार पेशाब आना और लगातार थकान हार्ट फेल्योर के लक्षण हो सकते हैं। यह स्थिति धीरे-धीरे बढ़ती है और इसके लिए नियमित उपचार की जरूरत होती है। इसलिए हार्ट फेल्योर से जुड़े लक्षण दिखने पर डॉक्टर से मिलना बहुत जरूरी है।
अगर हृदय के वाल्व सही तरीके से खुल या बंद न हो पा रहे हो, तो रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इससे सांस की कमी, सीने में दर्द, धड़कन तेज होना और सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में जन्मजात वाल्व दोष भी पाए जाते हैं। अगर आपके बच्चे में इसके संकेत दिख रहे हैं तो एक बार हृदय की जांच कराना बहुत जरूरी है।
कुछ बच्चों में जन्म से ही हृदय की संरचना में दोष होता है। ऐसे बच्चों में तेजी से सांस लेना, वजन न बढ़ना, होंठों का नीला पड़ना या बार-बार संक्रमण होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
हृदय रोगों के लक्षण नजर आने पर समय पर जांच बहुत जरूरी है। इसके लिए डॉक्टर ईसीजी, ईकोकार्डियोग्राफी और स्ट्रेस टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। अगर सीने में दर्द, असामान्य थकान या सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण महसूस हो तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है। हार्ट हेल्थ में सुधार करने के लिए बैलेंस डाइट लें और रेगुलर एक्सरसाइज जरूर करें।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।