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Written By: Anshumala | Updated : February 7, 2020 5:34 PM IST
Heart Disease in Women : पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में हार्ट डिजीज का खतरा अधिक, जानें हार्ट डिजीज से बचने के उपाय।
एक अध्ययन के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में महिलाओं में हृदय रोग (Heart disease) मृत्यु का प्रमुख कारण है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के इस कथन के बावजूद कि 3 में से 1 महिला की मृत्यु हृदय रोग के कारण और 55 साल से कम उम्र की महिलाओं में हृदय रोग में वृद्धि होने की संभावना रहती है, महिलाओं में हार्ट डिजीज से बचने के तमाम उपायों और रख-रखाव में काफी असमानताएं पाई जाती हैं। उदाहरण के लिए, महिलाओं को दिल का दौरा पड़ने के पहले लक्षणों का अनुभव करने के बावजूद पुरुषों के मुकाबले अस्पताल पहुंचने के लिए 30 प्रतिशत से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है। महिलाओं को दिल का दौरा (heart attack in women) पड़ने के बाद गलत तरीके से निदान किए जाने की संभावना 50 प्रतिशत तक अधिक होती है।
इस देश (अमेरिका) में पुरुषों और महिलाओं की मृत्यु का नंबर वन कारण है हृदय रोग। एएचए की राष्ट्रीय प्रवक्ता और प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुजैन स्टेनबॉम का कहना है कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले अधिक जोखिम में रहती हैं, क्योंकि उन्हें हार्ट डिजीज होने का खतरा अधिक रहता है। लेकिन, यह भी समझना और जानना जरूरी है कि लगभग 80 फीसदी हृदय रोग का इलाज और रोकथाम संभव है। लेकिन, कुछ कारक हैं, जो महिलाओं में हृदय रोगों के खतरे को बढ़ाने के लिए काफी हैं, जिन्हें जानना जरूरी है।
अध्ययन में यह कहा गया है कि लगभग 60 प्रतिशत से कम महिलाएं मानती हैं कि हृदय रोग महिलाओं में मृत्यु का प्रमुख कारण है। जिन महिलाओं को हार्ट अटैक आ चुका है, वे ये ही सोचती हैं कि उनकी मृत्यु हृदय रोग से नहीं बल्कि किसी तरह के कैंसर जैसे स्तन कैंसर (Breast cancer) और कुछ हद तक फेफड़ों का कैंसर (Lung cancer) से हो सकती है। बेहतर होगा कि जिस तरह महिलाएं मैमोग्राम के लिए जाती हैं, सालाना अपने दिल के चेकअप के लिए भी जाएं ताकि हृदय रोगों से होने वाली महिलाओं की मौतों को रोका जा सके। इसके लिए जागरूरकता जरूरी है अपने दिल की सेहत के प्रति।
वैसे तो पुरुषों और महिलाओं दोनों में ही सीने में बेचैनी महसूस हो सकती है, लेकिन महिलाओं में हार्ट डिजीज के कुछ अलग और सूक्ष्म लक्षणों का अनुभव कर सकती हैं। अक्सर, महिलाओं में होने वाले हार्ट डिजीज के लक्षणों (symptoms of heart disease in women) को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (gastrointestinal) के लक्षण समझने की भूल कर ली जाती है। महिलाओं में नजर आने वाले हार्ट डिजीज के कुछ कॉमन लक्षण...
- सांस लेने में तकलीफ
- उल्टी
- जी मिचलाना
- थकान
- पीठ दर्द
- पसीना आना
- जबड़े में दर्द
जब आपको हृदय से संबंधित समस्याओं जैसे कार्डियक अरेस्ट से संबंधित लक्षणों के बारे में पता नहीं होता है, तो आप समय पर हॉस्पिटल नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे हृदय की मांसपेशियों को नुकसान होने की अधिक संभावना रहती है। यदि आपको तुरंत उचित चिकित्सा नहीं मिलती है, तो वह मांसपेशी हमेशा के लिए खराब हो सकती है और हार्ट फेलियर या अतालता (arrhythmias) की संभावना अधिक होती है।
हृदय रोगों का जोखिम बढ़ाती है महिलाओं की ‘चुप’ रहने की आदत
यदि हार्ट डिजीज का पारिवारिक इतिहास है, तो पुरुष और महिलाएं दोनों ही खतरे में हैं। हार्ट की समस्याओं से बचने के लिए महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को भी हेल्दी हार्ट के लिए कुछ जीवनशैली में बदलाव (how to avoid heart disease in women) लाने की जरूरत है।
- अच्छी नींद लें। प्रतिदिन कम से कम 7 घंटा सोने की आदत डालें।
-नियमित हार्ट चेकअप कराएं।
– प्रतिदिन कम से कम 30 मिनिट एक्सरसाइज करें।
– स्मोकिंग करने वाली महिलाओं में हार्ट डिजीज का खतरा युवा उम्र में ही बढ़ जाता है। तो बेहतर है कि स्मोकिंग की आदत छोड़ दें।
– प्रतिदिन 30 एमएल से अधिक शराब का सेवन ना करें।
-स्वास्थ्यकर भोजन की आदतों पर ध्यान दें।
– बांई ओर छाती में दर्द या भारीपन होने, सांस लेने में परेशानी आने, थकान लगने, पसीने के साथ बैचेनी होने, घबराहट या अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने या घटने जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करते हुए तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
- स्टेनबॉम कहती हैं कि अवसाद (Depression) भी महिलाओं में काफी देखा जाता है, जिससे उनमें हार्ट डिजीज होने की संभावना बढ़ जाती है।