
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Sama Akbar
भारत में युवाओं में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। (Image Credit: Chatgpt )
एक समय था जब हार्ट अटैक को बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था। आमतौर पर 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों में हार्ट से जुड़ी बीमारियां देखी जाती थीं, लेकिन 1 दशक में हार्ट से जुड़ी बीमारियों की तस्वीर काफी बदल गई है। अब 30 से 40 साल के युवा भी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। कई बार जिम में एक्सरसाइज करते हुए, ऑफिस में काम करते समय या फिर रेगुलर किसी काम को करने के दौरान अचानक हार्ट अटैक के मामले सामने आते हैं। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिपोर्ट के अनुसार युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापा ज्यादा होने के कारण हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। चेन्नई के ऑक्सीमीड हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समा अकबर के अनुसार, युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के पीछे खराब लाइफस्टाइल, बढ़ता तनाव, अनहेल्दी खानपान, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा खाना शामिल है।
पुबमेड सेंट्रल की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी बताती है हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है। इन धमनियों में खून पहुंचाने की रुकावट आने के कारण ऑक्सीजन सप्लाई सही तरीके से नहीं हो पाती है, जिससे धीरे- धीरे हार्ट कमजोर होने लगता है और अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति व्यक्ति की जान ले सकती है।
तनाव का असर दिल की धमनियों पर भी पड़ता है।
डॉ. समा अकबर कहते हैं कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव लगभग हर व्यक्ति का हिस्सा बन चुका है। नौकरी का दबाव, आर्थिक चिंताएं और रोजाना के टारगेट को पूरा करने की होड़ में लोगों पर मानसिक दबाव ज्यादा हो रहा है। लगातार तनाव में रहने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट अटैक का खतरा सामान्य की तुलना में ज्यादा हो जाता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिसर्च भी इस बात को सपोर्ट करती है।
लंबे समय तक डेस्क जॉब में रहने के कारण लोगों का स्क्रीन टाइम ज्यादा हो गया है और फिजिकल एक्टिविटी लगभग शून्य के बराबर हो चुकी है। फिजिकल एक्टिविटी की कमी मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और खराब लिपिड प्रोफाइल का जोखिम कई ज्यादा कर देती है। इससे भी हार्ट पर पड़ने वाला दवाब ज्यादा हो जाता है और हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है।
फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड, अधिक नमक, चीनी और ट्रांस फैट वाले फूड आइटम ज्यादा खाने के कारण भी 30 से 40 साल की उम्र के युवा हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। डॉ. बताते हैं कि डाइट में ज्यादा अनहेल्दी फास्ट फूड होने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ाता है और धमनियों में फैट जमा होने लगता है। धीरे-धीरे यह जमा हुआ फैट ब्लॉकेज का कारण बन सकता है, जो हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाता है।
शराब दिल पर बुरा असर डालती है।
National Library of Medicine (PMC) की रिसर्च बताती है धूम्रपान धमनियों को नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण कई बार खून के थक्के बनने की संभावना कई गुणा ज्यादा हो जाती है। इसके साथ ही ज्यादा शराब पीने से भी हार्ट पर असर पड़ता है। कम उम्र में इन आदतों की शुरुआत भी 30 से 40 साल की हार्ट अटैक को बढ़ाती है।
सीडीसी की रिपोर्ट बताती है कि रात में देर तक जागना, मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल के कारण अनियमित नींद भी हार्ट पर बुरा असर डालती है। डॉ. समा बताते हैं कि जो युवा सही नींद नहीं लेते हैं या एक पैटर्न वाली नींद नहीं लेते हैं, उन्हें कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा रहता है।
हार्ट अटैक हमेशा अचानक नहीं आता। कई बार शरीर पहले से संकेत देने लगता है, जैसे
अगर आपको अपने अंदर यह लक्षण नजर आते हैं तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें और इलाज करवाएं।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल जागरूकता और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से दी गई है। हार्ट अटैक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। यदि सीने में दर्द, दबाव, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक पसीना, चक्कर आना या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या नजदीकी अस्पताल जाएं।