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Written By: Editorial Team | Published : December 14, 2017 1:20 PM IST
Opt for ajwain to deal with sinusitis. © Shutterstock
दिसंबर आते ही सर्दियां महसूस होने लगती हैं, और इसके साथ ही मौसमी फ्लू, सर्दी और अन्य बीमारियां भी होने लगती हैं। यह सिर्फ खांसी और ठंड तक ही सीमित नहीं है बल्कि अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर आपको इस सीजन में सावधान रहने की ज़रूरत होती है। सर्दी आपको त्वचा की समस्याओं के खतरे में डाल सकती है और श्वसन से जुड़ी समस्याओं के बारे में तो आप जानते ही हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इस सीजन के दौरान दिल का दौरा पड़ने का जोखिम भी अधिक होता है? डॉ. नरेंद्र प्रसाद, कंसल्टेंट फिजिशियन, कोलंबिया एशिया अस्पताल, हेब्बल, बेंगलुरु सर्दियों में 4 आम समस्याओं के बारे आपको जानकारी दे रहे हैं।
जोड़ों का दर्द: ऑर्थोपेडिशियन्स का का कहना है कि ठंड के मौसम में, मानव शरीर को अधिक गर्मी की ज़रूरत पड़ती है, और अधिक रक्त दिल और फेफड़ों को भेजा जाता है। सलिए जब ऐसा होता है,तो बांहों, कंधे, घुटने के जोड़ों में रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने के कारण दर्द हो सकता है। और यही कारण है कि, सर्दियों में जोड़ों का दर्द काफी आम होता है जो ठंड बढ़ने के साथ और गंभीर होने लगता है।
सोरायसिस: त्वचा की यह समस्या सर्दियों में और बिगड़ जाती है। इस मौसम के दौरान सोरायसिस से पीड़ित लोग त्वचा में रुखेपन का अनुभव करते हैं, त्वचा से पपड़ी निकलती है, और वह खुजली और सूजन में तब्दील हो जाती है। शुष्क और ठंडा मौसम केवल ऐसी समस्याओं को बदतर बनाते हैं।
साइनासाइटिस: बदलते तापमान और कम रोगप्रतिरोधक शक्ति के कारण आप विभिन्न संक्रमणों के खतरे में पड़ सकते हैं। साइनासाइटिस उन आम समस्याओं में से है जो सर्दियों में आपको खतरे में डालती है। क्योंकि ठंड के मौसम में ही यह समस्या तेज़ी से बढ़ती है। सर्दियों में सूखी हवा में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और नाक वाले हिस्से में मौजूद साइनस में काफी सूजन हो सकती है। यह पूरे श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकता है।
दिल का दौरा: ठंडे महीनों में शरीर के तापमान (हाइपोथर्मिया) में गिरावट के कारण बुजुर्ग लोगों को दिल का दौरा पड़ने का अधिक जोखिम होता है। दरअसल बढ़ी हुई हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर की वजह से दिल पर असर पड़ता है, जहां शरीर को गर्म रखने के लिए हृदय को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। ये परिवर्तन रक्त के थक्कों या रक्त वाहिकाओं के मोटे होने जैसी समस्याओं की वजह बनते हैं जो दिल का दौरे और स्ट्रोक का खतरा उत्पन्न करते हैं।
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अनुवादक: Sadhana Tiwari.
चित्रस्रोत:Shutterstock Images.