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Medically Verified By: Dr Diwakar Kumar
Heart Attack Ke Badhte Case: कभी हार्ट अटैक को बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 20–30 वर्ष के युवाओं में इसके मामलों में तेजी से वृद्धि ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। हाल के वर्षों में जिम में एक्सरसाइज करते समय अचानक गिरने, खेल के दौरान कार्डियक अरेस्ट और काम के दबाव के बीच युवाओं की अचानक मौत जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। एशियन हॉस्पिटल के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर दिवाकर कुमार का कहना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान और छिपी हुई स्वास्थ्य समस्याएं इस खतरे को बढ़ा रही हैं।
कार्डियोलॉजिस्ट बताते हैं कि आज की युवा पीढ़ी में स्मोकिंग, अल्कोहल सेवन, फास्ट फूड और देर रात तक जागने की आदतें आम हो गई हैं। इससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ता है, जो धमनियों में ब्लॉकेज का कारण बन सकता है। इसके अलावा लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत भी हृदय रोग का जोखिम बढ़ा रही है। आइए हम इस विषय पर थोड़ा विस्तार से जानते हैं।
डॉक्टर कहते हैं, ‘पिछले कुछ वर्षों में हमने 25 से 40 वर्ष के बीच हार्ट अटैक के मामलों में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी है। इसका मुख्य कारण अनहेल्दी लाइफस्टाइल, अत्यधिक मानसिक तनाव, धूम्रपान और बिना जांच के भारी जिम वर्कआउट करना है। कई युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याएंशुरुआती चरण में ही मौजूद होती हैं, लेकिन वे नियमित जांच नहीं करवाते।’
डॉक्टरों के अनुसार, एक और बड़ा कारण साइलेंट रिस्क फैक्टर है। कई युवाओं में फैमिली हिस्ट्री के कारण हार्ट डिजीज का खतरा अधिक होता है, लेकिन लक्षण स्पष्ट नहीं होते। ऐसे में अचानक हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा कोविड संक्रमण के बाद भी कुछ मामलों में हृदय पर असर देखने को मिला है, हालांकि इस पर अभी लगातार रिसर्च जारी है।
इसी के साथ जिम में अत्यधिक या अचानक भारी वर्कआउट करना भी जोखिम भरा हो सकता है, खासकर तब जब व्यक्ति पहले से फिटनेस रूटीन में न हो। बिना हेल्थ चेकअप के हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज करने से हृदय पर दबाव बढ़ता है।
डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतोंको नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। छाती में दर्द, सांस फूलना, पसीना आना, बाएं हाथ या जबड़े में दर्द, अचानक थकान जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
डॉक्टर सलाह देते हैं, ‘25 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार बेसिक हेल्थ चेकअप जरूर करवाना चाहिए। नियमित एक्सरसाइज, संतुलित आहार, तनाव नियंत्रण और धूम्रपान से दूरी ही हार्ट अटैक से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।’ स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि युवाओं ने समय रहते अपनी जीवनशैली में सुधार नहीं किया, तो आने वाले वर्षों में कम उम्र में हृदय रोग के मामलों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए फिट दिखने के साथ-साथ अंदर से स्वस्थ रहना भी उतना ही जरूरी है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।